तौलिए बेचकर नहीं जाएगी कंगाली... पाकिस्तानी अंबानी ने शहबाज सरकार को धोया, कहा- फौरन शुरू करें भारत से व्यापार
पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है, लेकिन भारत से यह कहकर कारोबार नहीं करता, कि जबतक भारत कश्मीर में अनुच्छेद 370 की फिर से बहाली नहीं करेगा, वो भारत से कारोबार नहीं करेगा।
Pakistan News: पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है और आईएमएफ से बेलऑउट पैकेज मिलने की तमाम उम्मीदें अब खत्म हो चुकी हैं, लिहाजा बहुत उम्मीद है, कि इस महीने पाकिस्तान डिफॉल्ट हो जाएगा। हालांकि, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है, कि पाकिस्तान 'प्लान-B' पर काम कर रहा है।
लेकिन, अरबपति कारोबारी मियां मोहम्मद पाशा, जिन्हें पाकिस्तान का अंबानी कहा जाता है, उन्होंने गंभीर आर्थिक संकट के लिए शहबाज सरकार को जमकर धोया है और भारत की शरण में जाने के लिए कहा है। पाकिस्तान सरकार ने शनिवार को देश का बजट पेश किया है, जिसकी गंभीर आलोचना की जा रही है और बजट पास होने के बाद देश का दिवालिया होना करीब करीब तय हो गया है।

मियां मोहम्मद पाशा, पाकिस्तान के प्रतिष्ठित निषत ग्रुप के चेयरमैन हैं और उन्होंने कहा है, कि तौलिए बेचकर पाकिस्तान अपना विदेशी कर्ज नहीं चुका सकता है। उन्होंने पाकिस्तान सरकार को कहा है, कि अगर देश को बचाना है, तो फौरन सरकार की स्वामित्व वाली तमाम कंपनियों को सरकार निजी कंपनियों के हाथों में बेचे।
मियां मोहम्मद पाशा ने डॉन में लिखे अपने आर्टिकिल में कहा है, कि ""अगर हम इस अर्थव्यवस्था को प्रतिस्पर्धी बनाना चाहते हैं, तो हमें कठिन निर्णय लेने होंगे। हमें बुनियादी समस्याओं को ठीक करना होगा।"
'भारत से व्यापार शुरू करे पाकिस्तान'
मियां मोहम्मद पाशा ने अपने आर्टिकिल में शहबाज सरकार की आलोचना करते हुए लिखा है, "कोई भी देश तौलिये बेचकर विदेशी मुद्रा भंडार नहीं बना सकता है। अगर आप अपने बाहरी क्षेत्र को मजबूत करना चाहते हैं, और मुद्रा भंडार बनाना चाहते हैं, तो आपको स्थानीय और विदेशी निजी निवेश को आकर्षित करके ही ऐसा करना होगा।"
उन्होंने कहा, कि "भारत ने इसे इस तरह से किया है। भारत 1991 में सिर्फ एक बार आईएमएफ के प्रोग्राम में गया था और फिर उन्होंने कभी मुड़कर पीछे नहीं देखा। विदेशी कंपनियां भारत में आ रही हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि भारतीयों ने निवेशकों और निवेश की सुविधा के लिए कड़े सुधारों को लागू किया है।"
मियां पाशा ने आगे लिखा है, कि "दूसरी ओर, पाकिस्तान में, हम विदेशी निवेशकों को भागते हुए देखते हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि यहां कानून का कोई शासन नहीं है और कोई भी सरकार, किसी कॉन्ट्रैक्ट का सम्मान करने के लिए तैयार नहीं है।" उन्होंने कहा, कि "कानून का सम्मान करने की वजह से श्रीलंका गंभीर संकट से बाहर निकल रहा है, अगर उनके पास निवेश करने के लिए बेहतर, अधिक आकर्षक स्थान हैं, तो किसी को यहां निवेश क्यों करना चाहिए?"
आपको बता दें, कि मियां पाशा ने एक कपड़ा मिल से अपना कारोबार शुरू किया था और वो इस वक्त पाकिस्तान के टॉप बिजनेसमैन हैं।
उन्होंने अपने आर्टिकिल में शहबाज सरकार को सलाह देते हुए कहा है, कि "पाकिस्तान को अपने पड़ोसी देशों, जैसे भारत, ईरान और अफगानिस्तान के साथ अधिक से अधिक क्षेत्रीय व्यापार करना चाहिए।"
उन्होंने कहा, कि "भारत के साथ व्यापार, पाकिस्तान में व्यापार के कई अवसर खोलेगा। यदि चीन अपने क्षेत्रीय विवादों के बावजूद भारत के साथ जीवंत व्यापार और व्यापारिक संबंध रख सकता है, तो हम क्यों नहीं? मुझे लगता है कि अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध रखने से बेहतर कुछ नहीं है। और आप पड़ोसियों को नहीं बदल सकते।"












Click it and Unblock the Notifications