तालिबान के गढ़ में इमरान बोले- पाकिस्तान नहीं लड़ेगा आतंकवाद के नाम पर 'थोपी हुई' लड़ाई
इस्लामाबाद। पाकिस्तान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ युद्ध उनके देश में 'थोपा हुआ युद्ध' है, जिसे अब आगे जारी नहीं रखा जाएगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के नाम पर उनके देश के अागे कोई लड़ाई नहीं लड़ी जाएगी। खान का यह बयान सीधे ट्रंप पर हमला है, जिन्होंने हाल ही में कहा था कि इस्लामाबाद ने आतंकवाद के खिलाफ कुछ भी नहीं किया है।

इमरान खान ने कहा, 'हमने अपने देश के अंदर एक थोपा हुआ युद्ध लड़ा है, जिससे हमारे खून और पसीने को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। इस युद्ध से हमारा सामाजिक तानाबाने को नुकसान पहुंचा है। हम पाकिस्तान के अंदर फिर से इस तरह के युद्ध नहीं लड़ेंगे। इमरान खान ने यह बात उत्तरी वजीरिस्तान में एक रैली में बोली, जहां तालीबान का बोलबाला है।
इमरान खान उस वक्त अपने सेना प्रमुख जनरल कामर जावेद बाजवा के साथ, जिनकी आतंकवादियों के खिलाफ अपने सफल ऑपरेशन के लिए सेना, अन्य सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों की उपलब्धियों को लेकर खान ने उनकी सराहना की।
खान ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तान और उनके सशस्त्र बलों ने जितना किया, उतना किसी ने भी नहीं किया है। खान स्पष्ट रूप से ट्रंप के आरोपों का जवाब दे रहे थे, जिन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में अमेरिका की मदद नहीं करने का आरोप लगाया था।
खान की टिप्पणी के कुछ दिनों पहले ट्रम्प ने एक एक इंटरव्यू में दोहराया था कि पाकिस्तान को मिलने वाली 1.3 बिलियन अमरिकी डालर की सहायता तब तक निलंबित कर दी जाएगी जब तक कि इस्लामाबाद अपने क्षेत्र के भीतर आतंकवादी सुरक्षित पनाहगाह के खिलाफ कार्रवाई न करे।












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