पाकिस्तान ने रूस को दिया बहुत बड़ा धोखा, यूक्रेन को सप्लाई कर रहा हथियार, क्या करेंगे पुतिन?
पाकिस्तान और यूक्रेन के बीच तीन दशक पुराने संबंध हैं, लेकिन पाकिस्तान रूस से भी सस्ते दर पर तेल खरीदना चाहता है। लिहाजा, माना जा रहा है, पाकिस्तान अपनी फितरत के मुताबिक, रूस को धोखा दे रहा है।

Pakistan Supply Arms To Ukraine: धोखेबाजी के लिए कुख्यात रहे पाकिस्तान ने एक बार फिर से रूस को बहुत बड़ा धोखा दिया है और यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई की है। जियो-पॉलिटिक की रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि पाकिस्तान ने यूक्रेन को कई हथियारों की सप्लाई की है। पाकिस्तान को इसलिए धोखेबाज कहा जा रहा है, क्योंकि पाकिस्तान लगातार, रूस से भारत को बेचे जा रहे डिस्काउंटेड रेट पर तेल बेचने की मांग कर रहा है और दूसरी तरफ रूस के दुश्मन को हथियारों की सप्लाई कर रहा है।

यूक्रेन को हथियार दे रहा पाकिस्तान
रूसी वेब पोर्टल रियाफान में प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला देते हुए, जियो पॉलिटिक ने लिखा है, कि भले ही पाकिस्तान और रूस के बीच संबंधों में तेजी देखी जा रही है, लेकिन, इस्लामाबाद कीव को हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है, कि ऐसा लगता है कि इस्लामाबाद यूक्रेन को बहुत जरूरी गोला-बारूद की आपूर्ति करके रूस-यूक्रेन युद्ध से पैसा कमा रहा है। पाकिस्तानी कंपनियां अपने लाभ को अधिकतम करने और यूक्रेन की सीमा से लगे देशों में अपने संचालन का विस्तार करने के लिए चल रहे संघर्ष का भी फायदा उठा रही हैं। खास कर केस्ट्राल के सीईओ लियाकत अली बेग ने मई और जून 2022 में पोलैंड, रोमानिया और स्लोवाकिया की यात्रा की थी।

कैसे कर रहा हथियारों की सप्लाई?
रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि इस्लामाबाद यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति एक एयर ब्रिज का हिस्सा माना जा रहा है। पाकिस्तान, साफ तौर पर इन शिपमेंट को यूक्रेन में भेजने के लिए विदेशों में काम कर रहे रक्षा आपूर्तिकर्ताओं और ठेकेदारों का इस्तेमाल कर रहा है। रिपोर्ट में आगे खुलासा किया गया है कि, यूनाइटेड किंगडम, रावलपिंडी में पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस का उपयोग यूक्रेनी सेना के लिए सैन्य उपकरणों के परिवहन के लिए एक प्रमुख आधार के रूप में कर रहा है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब पाकिस्तान-रूस संबंधों में तेजी आ रही है। जियो-पॉलिटिक की रिपोर्ट के मुताबिक, एक तरफ रूस पाकिस्तान को कम से कम 100,000 बैरल प्रति दिन कच्चा तेल रियायती दरों पर उपलब्ध कराने पर सहमत हो गया है, वहीं दूसरी तरफ इस्लामाबाद यूक्रेन को हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति कर रहा है।

बुल्गारिया के रास्ते हथियारों की आपूर्ति
इस्लामाबाद स्थित हथियार आपूर्तिकर्ता, मैसर्स डीएमआई एसोसिएट्स यूक्रेन सरकार को निर्मित रक्षा स्टोरों की आपूर्ति की सुविधा के लिए बुल्गारिया स्थित फर्म मेसर्स डिफेंस इंडस्ट्री ग्रुप के संपर्क में है। इस बीच, स्लोवाकिया स्थित रक्षा फर्म मैसर्स चेमिका ने यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय की तरफ से पाकिस्तानी आयुध कारखानों के गोला-बारूद आपूर्तिकर्ता मेसर्स केस्ट्राल से कथित तौर पर संपर्क किया था। इस रिपोर्ट में विश्वसनीय सूत्रों का हवाला दिया गया है। Geo-Politik की रिपोर्ट के मुताबिक, हैरानी की बात यह है, कि यूक्रेन के बिजनेस मेसर्स FORMAG ने अपनी सेना के लिए ग्लव्स भेजने के लिए पाकिस्तान में M/s Bluelines Cargo Pvt Ltd से संपर्क किया था। पाकिस्तान की शिपिंग और ब्रोकिंग फर्म 'प्रोजेक्ट शिपिंग' से भी मोर्टार, रॉकेट लॉन्चर और आर्टिलरी राउंड सहित हथियारों और गोला-बारूद की एक खेप कराची से पोलैंड भेजने की खबर है।

यूक्रेन से फायदा उठा रहा पाकिस्तान
हालांकि, पाकिस्तान, यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति एकतरफा नहीं कर रहा है। पाकिस्तान ने यूक्रेनी ज्वाइंट स्टॉक कंपनी (JSC) 'मोटर सिच' से Zaporizhzhia में मुख्यालय से Mi-17 हेलीकॉप्टरों में इस्तेमाल होने वाले "TV3-117VM इंजन" की सर्विस और मरम्मत के लिए यूक्रेन की मदद मांगी है। यूक्रेन की ये कंपनी यही काम करती है, जिसने इसे पाकिस्तानी "सैन्य आवश्यकता" मानते हुए पाकिस्तान की मदद करने को हरी झंडी दे दी है। जियो-पॉलिटिक के मुताबिक, यह कंपनी विमान के इंजनों के साथ-साथ टेक्नोलॉजीकल समुद्री गैस टर्बाइनों के उत्पादन में शामिल रही है।

कैसे हैं पाकिस्तान-यूक्रेन संबंध?
पाकिस्तान और यूक्रेन के सैन्य संबंध लगभग तीन दशक पुराने हैं। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के आंकड़ों के मुताबिक, यूक्रेन ने 2020 तक पाकिस्तान को लगभग 1.6 अरब अमरीकी डालर के हथियारों की आपूर्ति की है। 1990 के दशक में, यूक्रेन ने 600 मिलियन अमरीकी डालर के सौदे के लिए पाकिस्तान को 320 T-84UD टैंकों की आपूर्ति की थी।












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