कंगाल पाकिस्तान में बच्चों को खा रहा कुपोषण, भुखमरी शुरू, फिर भी 170 अरब का टैक्स लगाएंगे शहबाज
पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 3 अरब डॉलर से कम हो गया है, जिसकी वजह से पाकिस्तान आने वाले दिनों में गंभीर आयात संकट का सामना करेगा।

Pakistan News: मोहम्मद अली जिन्ना ने भारत के दो टुकड़े कर पाकिस्तान का निर्माण किया है और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान आज भुखमरी की दहलीज पर पहुंच गया है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने शुक्रवार को यूनिसेफ के अधिकारियों के हवाले से जारी आंकड़ों के आधार पर लिखा है, कि दक्षिण एशियाई देश के बच्चे तेजी से कुपोषित होते जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के 42 प्रतिशत बच्चों का खाना-पीना के अभाव में शारीरिक विकास रूक गया है। वहीं, दूसरी तरफ शहबाज शरीफ की सरकार अपने अवाम पर 170 अरब का टैक्स बम फोड़ने जा रही है।

पाकिस्तान में कुपोषित होते बच्चे
यूनिसेफ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि पाकिस्तान के 9.4 प्रतिशत लड़के और 9 प्रतिशत लड़कियां मोटापे से पीड़ित हो चुकी हैं, जबकि 20.5 प्रतिशत युवा लड़के और 20.7 प्रतिशत युवा लड़कियां मोटापे की शिकार होने की तरफ हैं। यूनिसेफ के अधिकारियों ने कहा हैस, कि पाकिस्तान के "12.6% युवा लड़के और 12.1% लड़कियां मधुमेह से पीड़ित हैं।" चेयरपर्सन रोमिना खुर्शीद आलम की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान संसदीय टास्क फोर्स ने एसडीजी के जीरो हंगर हासिल करने के लक्ष्य की जांच की। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बताया है, कि अधिकारियों ने टास्क टीम को पाकिस्तान में बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में बताया है और ये स्थिति काफी चिंताजनक है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश की बेहद खराब आर्थिक स्थिति के बीच बच्चों में कुपोषण पाकिस्तान के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया है और गहराते आर्थिक संकट ने अब लोगों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं, वहीं शहबाज शरीफ की सरकार बच्चों को बचाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है।

170 अरब का टैक्स बम
वहीं, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और पाकिस्तान के बीच कर्ज की किश्त पर बातचीत फेल होने के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मचा हुआ है और माना जा रहा है, कि जल्द ही पाकिस्तान डिफॉल्ट हो जाएगा। वहीं, पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने कहा, कि सरकार जल्द ही मिनी बजट पेश करने जा रही है, जिसमें पाकिस्तान की जनता से 170 अरब रुपये जुटाया जाएगा, ताकि आईएमएफ की शर्तों को पूरा किया जा सके। यानि, एक तरफ देश की अवाम भूख से मर रही है और दूसरी तरह शहबाज सरकार 170 अरब का टैक्स लगातर देश की जनता का खून चूसेगी। पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने कहा है, कि मौजूदा सरकार जिस कार्यक्रम को लागू कर रही थी, उसपर साल 2019-2020 में आईएमएफ के साथ पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान ने दस्तखत किए थे। उन्होंने दोहराया कि शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार "संप्रभु प्रतिबद्धता" के रूप में समझौते तक पहुंचने के लिए बातचीत कर रही है।

इमरान खान पर फोड़ा ठीकरा
पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने इमरान खान पर आरोप लगाए हैं और उन्होंने कहा है, कि "यह एक पुराना समझौता है, जिसे पहले निलंबित और विलंबित किया गया था।" आपको बता दें, कि आईएमएफ की टीम करीब 10 दिनों तक पाकिस्तान में रही और शहबाज शरीफ की सरकार से लोन पुनर्गठन कार्यक्रम पर बातचीत चली, लेकिन ये बातचीत फेल हो गई है, लिहाजा अब पाकिस्तान भारी मुसीबत में फंस गया है। वित्तमंत्री इशाक डार ने कहा है, कि इस वित्तीय वर्ष में चार महीने के भीतर 170 अरब टैक्स लोगों से वसूला जाएगा। डार ने कहा, कि ऊर्जा क्षेत्र में सुधारों को लागू किया जाएगा और बिजली बिल पर सब्सिडी को कम किया जाएगा। पाकिस्तान के वित्तमंत्री ने साफ-साफ कहा है, कि आईएमएफ के सुझाए गए कुछ सुधार पाकिस्तान के पक्ष में हैं। लेकिन, एक्सपर्ट्स का कहना है, कि आईएमएफ की शर्तें इतनी ज्यादा सख्त हैं, कि अगर उन्हें लागू किया गया, तो देश में स्थिति खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती हैं।












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