पाकिस्तान ने रूस से की गद्दारी, यूक्रेन को बेचे घातक हथियार, BBC ने सबूत के साथ किया पूरा खुलासा
मददगार की पीठ में खंजर भोंकना पाकिस्तान भूला नहीं है। पाकिस्तान ने एक बार फिर से ऐसी हरकत की है जिसके खुलासे के बाद पूरी दुनिया में उसकी थू-थू हो रही है। अपनी बदतर हालत में रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले पाकिस्तान ने यूक्रेन के साथ दोस्ती निभाई है। पाकिस्तान ने भारी मात्रा ने यूक्रेन को गोले-बारूद बेचे हैं।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के दौरान पाकिस्तान ने दो अमेरिकी कंपनियों की मदद से यूक्रेन को 36.3 करोड़ डॉलर के तोप के गोले बेचे हैं। इतना ही नहीं पाकिस्तान ने खास तरह की राइफलों में इस्तेमाल की जाने वाली बुलेट्स भी रूस के शत्रु देश को बेची है।

पाकिस्तान ने कहा कि दोनों देशों के बीच पाकिस्तान 'सख्त तटस्थता' की नीति बनाए हुए है। आपको बता दें कि पहले भी पाकिस्तान पर यूक्रेन को हथियार बेचने के आरोप लगते रहे हैं, मगर अब तक इसका कोई सबूत नहीं मिल पाया था।
BBC उर्दू ने इस डील के सबूत पेश करते हुए दावा किया है कि ये गोले ब्रिटिश आर्मी के कार्गो प्लेन के जरिए यूक्रेन के करीबी देशों तक पहुंचाए गए हैं। हालांकि पाकिस्तान ने इस डील से इनकार किया है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने यूक्रेन को हथियारों और गोला-बारूद की किसी भी बिक्री से इनकार किया है।
बीबीसी की रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के साथ ग्लोबल मिलिट्री प्रोडक्ट्स का समझौता 17 अगस्त, 2022 को हुआ था। बीबीसी के पास मौजूद दस्तावेज से यह पता चलता है कि पाकिस्तान ने दो प्राइवेट अमेरिकी मिलिट्री कंपनियों को 155 एमएम के गोले बेचे थे।
दस्तावेज से पता चलता है कि ये डील 364 मिलियन डॉलर में हुई थी। इसमें से ग्लोबल मिलिट्री के साथ 232 मिलियन डॉलर और नॉरथ्रोप ग्रुमैन के साथ 131 मिलियन डॉलर का समझौता हुआ था। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन समझौतों की अवधि पिछले माह यानी अक्टूबर 2023 में खत्म हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल 12 अगस्त को पाकिस्तान के तत्कालीन आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ब्रिटिश रॉयल मिलिट्री अकेडमी की पासिंग आउट परेड में शामिल हुए थे। इस दौरान जनरल बाजवा ने कहा था कि ब्रिटेन और पाकिस्तान के रिश्ते ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छू रहे हैं।
इस घटना के ठीक 5 दिन के बाद ब्रिटिश एयरफोर्स का एक कार्गो एयरक्राफ्ट रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर उतरा। इसके बाद यही कार्गो प्लेन चार बार और इसी एयरबेस पर उतरा और हर बार जब लौटा तो उसमें तोप के गोले थे। खास बात यह है कि यह कार्गो एयरक्राफ्ट रावलपिंडी से उड़कर साइप्रस और रोमानिया लैंड हुआ।
आपको बता दें कि साइप्रस और रोमानिया दोनों ही यूक्रेन के पड़ोसी देश हैं जहां पर ब्रिटेन के मिलिट्री बेस हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन कार्गो एयरक्राफ्ट में मौजूद तोप के गोले और बुलेट्स इन्ही दो मिलिट्री बेस पर उतारे गए।












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