भारत के जानी दुश्मन ने 11 देशों के सामने दिखाया स्वदेशी Shahpar II ड्रोन का दम.. चीन को दे डाली तगड़ी चुनौती
Pakistan Shahpar II Drone News: भारत के जानी दुश्मन पाकिस्तान की सरकारी स्वामित्व वाली हथियार कंपनी ग्लोबल इंडस्ट्रियल एंड डिफेंस सॉल्यूशंस (GIDS) ने हाल ही में अपने लेटेस्ट मानव रहित लड़ाकू हवाई वाहन (यूसीएवी), शाहपार II का प्रदर्शन किया है।
पाकिस्तान ने अपने 11 सहयोगी देशों के वरिष्ठ सैन्य प्रतिनिधियों के सामने अपने शाहपार II का लाइव फायरिंग क्षमताओं का प्रदर्शन किया है और दावा किया है, कि उसका ड्रोन, चीनी ड्रोन से भी ज्यादा खतरनाक है।

पाकिस्तान ने पेश किया शाहपर-2 ड्रोन
शाहपर II यूसीएवी - जिसे मध्यम-ऊंचाई वाले लंबे ड्रोन के रूप में वर्गीकृत किया गया है, उसे पाकिस्तान के बहावलपुर शहर में प्रदर्शित किया गया, जिसने अपनी हवा से जमीन पर मार करने वाली गाइडेड मिसाइल, "बुर्क" का उपयोग करके 14,000 फीट की ऊंचाई से लक्ष्य को कामयाबी के साथ हमला किया है।
पाकिस्तान के इस ड्रोन ने जमीन पर बनाए गये नकली निशाने को कामयाबी के साथ ध्वस्त कर दिया है।
ड्रोन के कामयाब परीक्षण के बाद GIDS के वरिष्ठ अधिकारियों ने दावा किया, कि शाहपर II यूसीएवी क्षमताओं के साथ अपनी कम कीमत को लेकर भी बाजार में अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है, जिसमें तुर्की की बायकर टेक्नोलॉजी-निर्मित बायरकटार टीबी2 और चीन की सीएच-4 शामिल हैं।
पाकिस्तान की तरफ से दावा किया गया है, कि उसका शाहपर-2 ड्रोन, चीन की CH-4 और तुर्की की बायरकटार टीबी2 ड्रोन के मुकाबले काफी बेहतर है। हालांकि, कौन सा ड्रोन बेहतर है, ये तो वक्त तय करेगा, लेकिन इतना कहा ही जा सकता है, कि इस ड्रोन के टेस्ट के साथ पाकिस्तान ने ड्रोन टेक्नोलॉजी में जबरदस्त प्रदर्शन किया है।
इसके अलावा, GIDS ने अगले महीने से शुरू होने वाले बर्क फैमिली के हल्के वेरिएंट, बर्क-2 मिसाइल और लेजर-गाइडेड बम का टेस्ट करके शाहपार-द्वितीय प्लेटफॉर्म को और आगे बढ़ाने की योजना की घोषणा की है।
GIDS की कोशिश है, कि वो इन 11 देशों से ड्रोन का ऑर्डर हासिल कर सके और अपनी रक्षा चुनौतियों को कम कर सके। पाकिस्तान ने जिन देशों के सामने अपने शाहपर-2 ड्रोन का प्रदर्शन किया है, उनमें सऊदी अरब, अजरबैजान, केन्या और नाइजीरिया के सैन्य अधिकारी शामिल थे।
आपको बता दें, कि सेंसर सूट, जिसे "ज़ुमर-II इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल इन्फ्रारेड (ईओ/आईआर)" के नाम से जाना जाता है, उसका निर्माण GIDS की कंपनी एडवांस्ड इंजीनियरिंग रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (एईआरओ) ने इस्लामाबाद के पास अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में किया है।

शाहपर II ड्रोन कितना खतरनाक?
शाहपर-II मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) का निर्माण पाकिस्तान सरकार के स्वामित्व वाले रक्षा समूह GIDS ने किया है और इसका डिजाइन और डेवलपमेंट भी इसी कंपनी ने किया है। GIDS का दावा है, कि शाहपर-2 ड्रोन लगातार 14 घंटे तक उड़ान भर सकता है।
शाहपर-II ड्रोन के पिछले वेरिएंट की हवा में लगातार उड़ान भरने की क्षमता 7 घंटों की थी। दावा किया गया है, कि शाहपार-II ड्रोन, 1000 किलोमीटर तक की दूरी तक अपने लक्ष्य तक पहुंच सकता है। यह सटीक हमलों के लिए मिसाइल लॉन्च करने के लिए अपने टारगेट पर निशाना लेजर लाइट से लगाता है। इस यूएवी में एक मॉड्यूलर एयरफ्रेम डिज़ाइन है, जो बेहतर स्पीड प्रदान करने के साथ एडवांस कंपोजिट और मैटेरियल से बना है।
ये ड्रोन करीब 120 नॉट (लगभग 200 किमी/घंटा) की अधिकतम गति से साथ उड़ान भर सकता है और निगरानी मिशनों के लिए 23,000 फीट (7,010 मीटर) और सशस्त्र होने पर 21,000 फीट (6,100 मीटर) की ऊंचाई तक जा सकता है।
इसके अलावा, इसके इंजन को उड़ान के बीच में फिर से शुरू किया जा सकता है, और यह चौबीसों घंटे उपग्रहों के साथ कम्युनिकेशन कर सकता है, जिससे इसके ऑपरेशन में मदद मिलती है। शाहपार-II को पहले ही पाकिस्तान की सेना, नौसेना और वायु सेना के ऑपरेशनल बेड़े में शामिल किया जा चुका है और इसकी पहली सार्वजनिक उपस्थिति 23 मार्च 2021 को पाकिस्तान दिवस परेड में की गई थी।












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