Imran Khan: इमरान खान के सामने बौनी बनी पाकिस्तान की अदालत, सरेंडर करने के लिए कोर्ट में गिड़गिड़ाए जज
इमरान खान के खिलाफ पाकिस्तान में 80 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें तोशाखाना मामला और जजों को धमकाने के मामले में इमरान खान के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गये हैं।

Imran Khan News: पाकिस्तान में अबीज राजनीतिक तमाशा चल रहा है और एक शख्स, पाकिस्तान की सरकार, पाकिस्तान की अदालतों और पाकिस्तान की सेना को किस हद तक नचा सकता है, इसकी बानकी पूरी दुनिया देख रही है। कोर्ट के बार बार आदेश देने के बाद भी इमरान खान पेश होने के लिए नहीं आए और जब कोर्ट ने पुलिस को इमरान खान को गिरफ्तार करने के आदेश दिया, तो पुलिस इमरान खान को गिरफ्तार नहीं कर पाई और अब, कोर्ट के अंदर जज साहब इमरान खान से सरेंडर करने की अपील कर रहे है।
इमरान ने कोर्ट को दिखाई औकात?
पाकिस्तान में किसी अदालत का क्या सम्मान है और अदालती आदेश का पाकिस्तानी नेताओं पर क्या फर्क पड़ता है, इसका साक्षात नमूना पाकिस्तान है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, "इस्लामाबाद जिला अदालत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र (एडीएसजे) न्यायाधीश जफर इकबाल ने गुरुवार को कहा, कि अगर पूर्व पीएम ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया, तो वह इस्लामाबाद पुलिस को तोशखाना मामले में इमरान खान को गिरफ्तार करने से रोक देंगे"। पूरी दुनिया में किसी कोर्ट का इससे ज्यादा बेबसी भरा आदेश कुछ और हो नहीं सकता है, जहां वो आरोपी को सरेंडर करने के लिए अलग अलग विकल्प दे रहा है। इससे ज्यादा कोर्ट का बौनापन और कुछ नहीं हो सकता, जहां एक अदालत लाख आदेशों के बाद भी एक शख्स को कोर्ट में अपने सामने खड़ा नहीं कर सका। डॉन के मुताबिक, जिला अदालत ये जज ने ये टिप्पणी इमरान के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की मांग करने वाले पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) के संदर्भ पर सुनवाई करते हुए की है।
कोर्ट में पेश नहीं होने पर अड़े रहे इमरान
इमरान खान को अलग अलग मामलों में इस्लामाबाद जिला अदालत और हाईकोर्ट ने कई बार बुलाया, लेकिन पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ने हर बार पेश होने से इनकार कर दिया। जिसके बाद न्यायाधीश ने इमरान खान के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था और पुलिस को 7 मार्च तक इमरान खान को कोर्ट में पेश करने के आदेश दिया गया था। लेकिन, पाकिस्तान की पुलिस इमरान खान की चौखट तक नहीं पहुंच पाई। जिला अदालत को ठेंगा दिखाने के लिए इमरान खान के वकीलों ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) का दरवाजा खटखटाया। जिसके बाद इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान को 13 मार्च तक जिला अदालत में पेश होने के लिए कहा, लेकिन इमरान खान हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी जिला अदालत में पेश नहीं हुए। और एक बार फिर से इस्लामाबाद पुलिस इमरान खान के दरवाजे तक नहीं पहुंच पाई। जिसके बाद जिला अदालत ने सोमवार को एक बार फिर से इमरान खान के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया है और पुलिस को 18 मार्च तक इमरान खान को अदालत में पेश करने का आदेश दिया गया है, और पाकिस्तानी मीडिया का कहना है, कि इमरान खान फिर से कोर्ट नहीं जाएंगे।
Recommended Video

लाज बचाने इमरान को ऑप्शन दे रहा कोर्ट
इमरान खान ने पाकिस्तान की अदालतों के इकबाल को सरेआम जलील कर दिया है और पाकिस्तान की अदालतें अपनी लाज बचाने के लिए इमरान खान के सामने गिड़गिड़ा रहा है, कि प्लीज पेश हो जाओ, आपकी गिरफ्तारी के आदेश नहीं देंगे। बेबस कोर्ट इमरान खान के वकील से कहता है, कि अगर इमरान पेश हो जाते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। पूरी दुनिया की अदालती आदेश के इतिहास में इससे बेबस जजमेंट शायद ही किसी ने सुना हो, जहां कोर्ट आरोपी से उसकी रजा पूछ रहा है। याद कीजिए बाबा राम रहीम का मामला, जहां सरकार ने उसके आगे घुटने नहीं टेके थे और राम रहीम को जेल में फेंक दिया गया था, भले ही दर्जनों लोगों पर गोली क्यों ना चलानी पड़ी थी। भारत में कोर्ट का इकबाल कायम रखने के लिए सरकारें और प्रशासन हर हद तक जा सकती हैं और भारतीय नेता भी, भले ही थोड़ा-बहुत ड्रामा कर लें, लेकिन वो अदालत के हर आदेश को मानते हैं और इसीलिए भारत का लोकतंत्र जिंदा है और पाकिस्तान का लोकतंत्र कब्र में बैठा है।












Click it and Unblock the Notifications