Pakistan पुलिस ने भूत पर ठोका मुकदमा, जांच में जुटी टीमें, नाबालिग बच्चों से जुड़ा है मामला
Pakistan के रावलपिंडी जिले से एक बेहद अजीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने एक 11 साल के लड़के के लापता होने के बाद रविवार को 'जिन्न' यानी आत्मा या आम भाषा में कहें तो भूत के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया है। इस घटना की जानकारी समाचार एजेंसी एएनआई ने एआरवाई न्यूज़ के हवाले से दी है।
अचानक गायब हुआ बच्चा
यह घटना रावलपिंडी के छावनी शहर की है, जहां 21 जनवरी को एक 11 साल का लड़का अचानक अपने घर से लापता हो गया। परिवार ने बच्चे को ढूंढने की पूरी कोशिश की, लेकिन कई दिनों तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। बच्चे के अचानक गायब होने से परिवार में डर और चिंता का माहौल बन गया।

पिता ने पुलिस में दर्ज कराई FIR
जब बच्चे का 10 दिनों तक कोई पता नहीं चला, तब उसके पिता ने तक्षशिला पुलिस स्टेशन से संपर्क किया। इसके बाद उन्होंने पुलिस में पहली सूचना रिपोर्ट यानी FIR दर्ज कराई। एफआईआर दर्ज होते ही यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
जिन्न ने बेटे को बहकाकर भगाया- पिता
FIR में बच्चे के पिता ने आरोप लगाया है कि जिन्न के नाम से जानी जाने वाली अलौकिक शक्तियों ने उनके बेटे को घर से भागने पर मजबूर किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि ये जिन्न पहले भी उनके बेटे को कई बार 'अपहरण' कर चुके हैं।
पहले लौट आता था बच्चा, इस बार नहीं लौटा
पिता ने बताया कि पिछली बार जब भी ऐसी घटनाएं हुई थीं, तब लड़का कुछ समय बाद खुद ही घर लौट आता था। लेकिन इस बार 10 दिन बीत जाने के बाद भी बच्चा वापस नहीं आया। इसी वजह से पिता ने औपचारिक रूप से जिन्न के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया।
पाकिस्तान में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे दावे
ARY न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की कानूनी व्यवस्था में इससे पहले भी इस तरह के अजीबोगरीब मामले दर्ज हो चुके हैं। इससे पहले लाहौर में एक महिला ने अपनी शादीशुदा बेटी के लापता होने पर जिन्न के खिलाफ केस दर्ज कराया था, जो बाद में अदालत तक पहुंचा।
लाहौर हाईकोर्ट ने SIT गठित करने के दिए थे आदेश
सितंबर में डॉन अख़बार की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि लाहौर उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश आलिया नीलम के निर्देश पर लाहौर पुलिस ने एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई थी। इस टीम को छह साल पुराने एक लापता महिला के मामले की जांच सौंपी गई थी।
जिन्न द्वारा अगवा किए जाने की आशंका में हुई जांच
उस मामले में यह माना जा रहा था कि महिला को एक जिन्न ने अगवा कर लिया था। जांच के लिए बनाई गई SIT का नेतृत्व लाहौर जांच के डीआईजी ज़ीशान रज़ा कर रहे थे।
महिला को ढूंढकर बरामद करने की जिम्मेदारी
DIG ज़ीशान रज़ा को विशेष रूप से उस महिला का पता लगाने और उसे सुरक्षित बरामद करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यह मामला पाकिस्तान में अंधविश्वास और कानूनी प्रक्रियाओं के टकराव का एक बड़ा उदाहरण माना गया था।
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