इमरान खान से पहले अब तक 6 पूर्व PM जा चुके हैं जेल, पाकिस्तान में नेताओं को जेल भेजने का पुराना है इतिहास
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की तोशखाना मामले में गिरफ्तारी हो गई है। इसके बाद से देश में पीटीआई कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। हालांकि पाकिस्तान में यह पहली बार नहीं हुआ है कि कोई पूर्व प्रधानमंत्री जेल गया हो।
इमरान 3 महीने पहले भी जेल में ठहरकर आ चुके हैं। इमरान खान से पहले भी कई पूर्व प्रधानमंत्रियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया है। पाकिस्तान में एक प्रधानमंत्री को तो फांसी की सजा तक हो चुकी है।

हुसैन शहीद सुहरावर्दी
आपको बता दें कि पाकिस्तान में किसी पूर्व प्रधानमंत्री को जेल भेजने की 'रवायत' हुसैन शहीद सुहरावर्दी से शुरू हुई। सुहरावर्दी पाकिस्तान के पांचवे पीएम थे। उन्हें जुलाई 1960 में कानून के उल्लंघन का आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि ऐसा कहा जाता है कि उनका असली गुनाह सैन्य शासक जनरल अयूब खान का समर्थन न करना था।
जुल्फिकार अली भुट्टो
जुल्फिकार अली भुट्टो पाकिस्तान के 9वें प्रधानमंत्री थे। भुट्टो को एक राजनीतिक प्रतिद्वंदी की हत्या की साजिश में गिरफ्तार किया गया था। ये साजिश तानाशाह जिया उल हक ने रची थी जिन्होंने जुलाई 1977 में देश में मार्शल लॉ लगा दिया और तख्तापलट कर दिया। भुट्टो को 1979 में फांसी दे दी गई।
बेनजीर भुट्टो
बेनजीर भुट्टो दो बार पाकिस्तान की प्रधानमंत्री रहीं। बेनजीर भुट्टो को कई बार गिरफ्तार किया गया। पहली बार उन्हें 1985 में नजरबंद किया गया था। इसके बाद उन्हें 1986, 1998, 1999 और 2007 में गिरफ्तार किया गया था। 2007 में एक आत्मघाती हमले में बेनजीर भुट्टो की हत्या कर दी गई।
नवाज शरीफ
जनरल परवेज मुशर्रफ ने 1999 में कारगिल युद्ध के बाद नवाज शरीफ को निर्वासित कर दिया था। हालांकि, बाद में वह पाकिस्तान लौट आए। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और अपने निर्वासन के शेष तीन वर्षों को पूरा करने के लिए जेद्दा, सऊदी अरब भेज दिया गया।
यूसुफ रजा गिलानी
गिलानी 2008 में गठबंधन सरकार के प्रधानमंत्री थे। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में अरेस्ट वॉरंट जारी कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
शाहिद खकान अब्बासी
2017 से 2018 के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे शाहिद खाकान अब्बासी को 2013 में LNG के लिए अरबों रुपये के आयात अनुबंध देने से संबंधित भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। ये आरोप उन पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक मंत्री के रूप में काम करने के दौरान लगा था। हालांकि, बाद में उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया।












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