Pakistan: युद्ध के बीच पाक में लॉकडाउन! स्कूल बंद- 50% वर्क फ्रॉम होम, मंत्रियों की सैलरी पर चली कैंची
Pakistan: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर अब पाकिस्तान पर पड़ने लगा है। वहां की शहबाज शरीफ सरकार ने तेल, गैस और बिजली के संकट से निपटने के लिए अब जनता पर हंटर चलाना शुरू कर दिया है। सरकार का कहना है कि तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी का सीधा असर पाकिस्तान की पहले से चरमराई अर्थव्यवस्था पर पड़ने लगा है, इसलिए शहबाज मियां अभी से पाई-पाई के खर्च पर सख्ती लगाने लगे हैं। इसके लिए उन्होंने सिंध को छोड़कर पाकिस्तान के बाकी तीनों प्रांतों (पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और बलोचिस्तान) पर नए नियम थोप दिए हैं।
क्या-क्या थोप गए पीएम शरीफ?
सोमवार रात राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने देश के सामने सरकार की आपातकालीन योजना रखी। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। उन्होंने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो तेल की कीमतें कंट्रोल के बाहर जा सकती हैं। इसलिए पाकिस्तान को बहुत सोच-समझकर तेल इस्तेमाल करना होगा।

सिर्फ चार दिन खुलेंगे सरकारी
सरकार ने तेल और बिजली बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब पाकिस्तान के सभी सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में सिर्फ चार दिन काम होगा। सोमवार से गुरुवार तक दफ्तर खुलेंगे, जबकि शुक्रवार को अतिरिक्त अवकाश रहेगा। हालांकि यह नियम सभी जगह लागू नहीं होगा। बैंकिंग सेक्टर, कृषि क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र और अस्पतालों जैसी आवश्यक सेवाओं को इस नियम से बाहर रखा गया है।
50% कर्मचारियों का वर्क फ्रॉम होम
सरकार ने सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह की कंपनियों के लिए नया नियम बनाया है। अब सभी फर्मों को अपने 50 प्रतिशत कर्मचारियों से घर से काम करवाना होगा। हालांकि कृषि, उद्योग और अन्य आवश्यक सेवाओं पर यह नियम लागू नहीं होगा, क्योंकि इन क्षेत्रों में काम बंद नहीं किया जा सकता।
दो सप्ताह के लिए बंद रहेंगे स्कूल और कॉलेज
तेल की खपत और परिवहन को कम करने के लिए सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया है। पूरे देश में सभी स्कूल और कॉलेज अगले दो सप्ताह तक बंद रहेंगे। पाकिस्तान का मिजाज शिक्षा को लेकर हमेशा की तरह इस बार भी ठंडा ही रहा। हालांकि Higher Education Commission Pakistan के अंतर्गत आने वाली यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थानों को ऑनलाइन कक्षाएं चलाने की परमीशन दी गई है।
सरकारी वाहनों के इस्तेमाल पर सख्ती
सरकार ने अगले दो महीनों के लिए सरकारी वाहनों के इस्तेमाल पर भी सख्त नियम लागू किए हैं। सरकारी वाहनों के ईंधन कोटे में 50 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है। इसके अलावा 60 प्रतिशत सरकारी वाहनों को चाबी निकालकर रखा जाएगा यानी वो सिर्फ अब खड़े रहेंगे। हालांकि एम्बुलेंस और सार्वजनिक परिवहन को इन नियमों से छूट दी गई है ताकि जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।
मंत्रियों और सांसदों की सैलरी में कटौती
प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगले दो महीनों तक केंद्रीय मंत्रियों, सलाहकारों और विशेष सहायकों को वेतन नहीं मिलेगा। यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पहले कहा जाता था कि कैबिनेट सदस्य भत्ते पर काम करते हैं। मतलब, जो उनकी सैलरी है वो कम रहती है जबकि भत्ते उन्हें जोरदार किस्म के मिलते हैं। इसके अलावा सभी सांसदों के वेतन में 25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।
ग्रेड 20 और उससे ऊपर के सरकारी अधिकारियों, जिनका मासिक वेतन लगभग 300,000 रुपये से ज्यादा है, उनके वेतन में दो दिन की कटौती होगी। सरकारी संस्थानों के खर्च में भी 20 प्रतिशत की कमी करने का फैसला लिया गया है।
विदेश यात्राओं पर पूरी तरह रोक
सरकार ने सभी केंद्रीय और प्रांतीय मंत्रियों, सलाहकारों और सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राओं को पूरी तरह से बैन कर दिया गया है। इस प्रतिबंध में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल भी शामिल हैं। सरकार के मुताबिक केवल राष्ट्रीय हित के लिए बेहद जरूरी यात्राओं को ही परमीशन दी जाएगी।
सरकारी बैठकों और कार्यक्रमों में भी बदलाव
ईंधन की खपत कम करने के लिए सरकार ने सरकारी कामकाज के तरीके में भी बदलाव किया है।अब ज्यादातर सरकारी बैठकें ऑनलाइन होंगी। इसके अलावा आधिकारिक इफ्तार-डिनर, रिसेप्शन, समारोह और सेमिनार भी अब स्थानीय होटलों में नहीं बल्कि सरकारी परिसरों में आयोजित किए जाएंगे। ताकि पैसा बचाया जा सके।
मरियम नवाज का पेट्रोल भत्ता खत्म
पंजाब की मुख्यमंत्री Maryam Nawaz ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि प्रांतीय मंत्रियों को पेट्रोलियम संकट खत्म होने तक मुफ्त पेट्रोल नहीं मिलेगा। आधिकारिक वाहनों के ईंधन भत्ते में भी 50 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है। इसके अलावा प्रोटोकॉल वाहनों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है और सुरक्षा के लिए केवल एक अतिरिक्त वाहन रखने की अनुमति होगी।
KPK और सिंध में क्या हाल?
Khyber Pakhtunkhwa सरकार ने इन सभी फैसलों से और आगे जाते हुए अगले दो महीनों के लिए आधिकारिक वाहनों के भत्ते में 25 प्रतिशत की कटौती की है। साथ ही, सिंध प्रांत में भी इस तरह का फैसला जल्द हो सकता है।
कुल मिलाकर अमेरिका के पिछलग्गू बने शहबाज शरीफ अब अमेरिका के ही हंटर को झेल रहे हैं, बावजूद इसके न अमेरिका से कुछ कह सकते हैं और जनता भी उन्हें घेर रही है। पाकिस्तान में पेट्रोल तकरीबन 56 रुपए महंगा होकर अब 321.17 रुपए प्रति लीटर और डीजल 335.86 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। अगर ये युद्ध महीने- दो महीने चल गया तो पाकिस्तान उस बदहाली से जूझेगा जो लॉकडाउन में भी नहीं हुई होगी।
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