अगर इमरान खान अविश्वास प्रस्ताव हार गये, तो फिर क्या होगा? फौरन देना होगा इस्तीफा, या मिलेगी मोहलत? जानिए
पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों के द्वारा देश को आर्थिक और राजनीतिक उथल-पुथल में धकेलने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने सभी सांसदों को आज नेशनल असेंबली में आने के लिए कहा है।
इस्लामाबाद, अप्रैल 03: पाकिस्तान की राजनीति के लिए आज एक बार फिर से काफी अहम दिन है और देश के नेशनल असेंबली में इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोट डाला जाएगा। विपक्षी पार्टियों का कहना है, संसद में इमरान खान अपना बहुमत खो चुके हैं और उनके पास सरकार चलाने के लिए पर्याप्ट नंबर्स नहीं बचे हैं। स्थिति भी कुछ ऐसी ही लग रही है और माना जा रहा है, कि इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हो जाएगा। ऐसी स्थिति में क्या होगा? इमरान खान इस्तीफा देंगे या फिर उनके पास कोई और विकल्प हैं...आइये समझते हैं।

आज अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान
पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों के द्वारा देश को आर्थिक और राजनीतिक उथल-पुथल में धकेलने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने सभी सांसदों को आज नेशनल असेंबली में आने के लिए कहा है। और पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भारी खून-खराबा की आशंका है, लिहाजा चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल को तैनात किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर सबकुछ सही रहा, तो मतदान का समय 11:30 सुबह में रखा गया है। हालांकि, इस बात की संभावना काफी कम है, कि सुबह के साढ़े 11 बजे इमरान खान के खिलाफ लाए गये प्रस्ताव पर वोटिंग हो जाए।

संसद का गणित समझिए
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानि पीटीआई ने 342 सदस्यीय नेशनल असेंबली में अपना बहुमत खो दिया है और इमरान खान सरकार को सपोर्ट करने वाली एमक्यूएम-पी - ने कहा कि उसके सात विधायक विपक्षी गठबंधन को वोट देंगे। उनसे पहले, इमरान खान की खुद की पार्टी के कम से कम 24 से ज्यादा सांसद बागी हो चुके हैं। हालांकि, पाकिस्तान के कई राजनीतिक एक्सपर्ट्स का कहना है, कि सेना के न्यूट्रल हो जाने के बाद और शनिवार को सेना द्वारा अमेरिका का समर्थन करने के बाद ये आंकड़ा 50 को पार कर सकता है, क्योंकि सेना का अमेरिका के पक्ष में रूस के खिलाफ बयान देना, इमरान खान के सांसदों को एक संदेश है। हालांकि अभी तक के गणित के मुताबिक, इमरान खान की पार्टी पीटीआई को 142 एमएनए (सांसद) का समर्थन प्राप्त है, जबकि विपक्ष के पास 199 एमएनए हैं। जबकि, इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए सिर्फ 172 सांसदों का समर्थन ही विपक्ष के लिए अनिवार्य है, लेकिन विपक्ष के पास 199 सांसद हैं।

अगले प्रधानमंत्री का कैसे होगा चुनाव?
यानि, इमरान खान का अपनी सत्ता में करीब साढ़े तीन साल रहने के बाद रन- ऑउट होना तय है। लेकिन अगर प्रधान मंत्री को हटा दिया जाता है, तो अगले प्रधान मंत्री का चुनाव कैसे होगा? पाकिस्तानी संविधान में नियमों और प्रक्रियाओं का जिक्र है, कि यदि प्रधानमंत्री की सीट खाली हो जाती है, तो सदन बिना बहस या किसी अन्य व्यवधान के नए 'मुस्लिम' प्रधानमंत्री का चुनाव करने के लिए आगे बढ़ेगा। पाकिस्तानी संविधान में किसी गैर मुस्लिम को प्रधानमंत्री नहीं बनाया जा सकता है। इस प्रक्रिया के तहत नेशनल असेंबली का कोई भी सदस्य, प्रधानमंत्री पद के लिए किसी मुस्लिम उम्मीदवार के नाम का प्रस्ताव या समर्थन कर सकता है, लेकिन किसी भी एमएनए का नाम दो बार प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है- उनका नाम केवल एक ही नामांकन पत्र पर रखा जा सकता है। एक बार नाम तय हो जाने के बाद, उम्मीदवार के नाम प्रधानमंत्री का चुनाव होने वाले दिन से पहले के दिन दोपहर 2 बजे तक सचिव को भेज दिए जाने चाहिए।

चुने गये उम्मीदवार की जांच
नियमों के मुताबिक, पाकिस्तान नेशनल असेंबली के मौजूदा स्पीकर उम्मीदवारों या उनके प्रस्तावकों की मौजूदगी में नामांकन पत्र की जांच करेंगे और अगर उन्हें नामांकन पत्र में कोई कमी दिखती है, तो फिर स्पीकर के पास उसे खारिज करने का भी अधिकार होता है। स्पीकर ये जांच करता है, कि उम्मीदवार के लिए नेशनल असेंबली का सदस्य होना अनिवार्य है। स्क्रूटनी के बाद, स्पीकर के पास नामांकन पत्रों को स्वीकार या अस्वीकार करने की शक्ति होती है। यदि कागजात खारिज कर दिए जाते हैं, तो स्पीकर को कारण बताने होंगे। हालांकि, स्पीकर का फैसला अंतिम माना जाएगा। हालांकि, स्पीकर द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद भी उम्मीदवार के पास अपनी नामांकन वापसी करने का अधिकार होता है।

नेशनल असेंबली में मतदान
चुनाव के दिन स्पीकर उम्मीदवारों के नाम पढ़कर सुनाएंगे। यदि चुनाव लड़ने वाला केवल एक उम्मीदवार है, और उसके पास नेशनल असेंबली में बहुमत है, तो फिर स्पीकर उन्हें निर्वाचित घोषित कर देगा। और यदि चुनाव लड़ने वाला उम्मीदवार नेशनल असेंबली की कुल सदस्यता के बहुमत के वोटों को सुरक्षित करने में विफल रहता है, तो फिर सभी कार्यवाही नए सिरे से शुरू होगी। इस बीच, यदि दो या अधिक चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार हैं और यदि कोई भी उम्मीदवार पहले मतदान में इतना बहुमत हासिल नहीं करता है, तो दो सबसे अधिक मत प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों के बीच दूसरा मतदान होगा। यदि सबसे अधिक मत प्राप्त करने वाले दो या दो से अधिक उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त मतों की संख्या समान है, तो फिर स्पीकर के मत से फैसला होगा।

क्या प्रधानमंत्री को फौरन हटा दिया जाएगा?
इस सवाल का जवाब हां भी और नहीं भी है। पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 94 के अनुसार, देश का राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को तब तक पद पर बने रहने के लिए कह सकता है जब तक कि उनका उत्तराधिकारी पद ग्रहण नहीं कर लेता। लेकिन, यदि राष्ट्रपति चाह ले, तो वो प्रधानमंत्री का इस्तीफा भी स्वीकार कर सकते हैं और ऐसी स्थिति में देश में राष्ट्रपति शासन लग जाएगा। वहीं, प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद, नेशनल असेंबली स्वीकर राष्ट्रपति को लिखित रूप में परिणाम भेजेगा और सचिव राजपत्र में प्रकाशित होने के लिए एक अधिसूचना जारी करेगा।












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