कंगाली में भी पाकिस्तान कश्मीर पर बंद नहीं करेगा थेथरई, शहबाज-बिलावल ने ली नई प्रतिज्ञाएं
पाकिस्तान, कश्मीर राग उस वक्त अलाप रहा है, जब स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) के आंकड़ों के मुताबिक, 27 जनवरी को खत्म हुए सप्ताह में पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में सिर्फ 3 अरब डॉलर ही बचे हैं।

Pakistan News: पाकिस्तान कंगाली की दहलीज पर खड़ा है और उसके पास अपने कर्ज चुकाने तक के लिए पैसे नहीं हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत पाकिस्तान सरकार का पूरा कैबिनेट, सेना प्रमुख और पाकिस्तानी स्टेट बैंक के अधिकारी... हर कोई इस वक्त भीख मांगने में जुटा है, लेकिन पाकिस्तान है, कि उसके मुंह से कश्मीर राग का निकलना बंद नहीं हो रहा है। पाकिस्तान आज कश्मीर पर एकजुटता दिवस मना रहा है और मौके पर शहबाज शरीफ और उनके मंत्रियों ने कश्मीर पर नई कसमें खाई हैं।

कश्मीर पर पाकिस्तान की नई थेथरई
पाकिस्तान आज कश्मीर पर एकजुटता दिवस मना रहा है और इस मौके पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्वीट करते हुए कहा, कि "आज पूरा पाकिस्तान कश्मीरी भाइयों और बहनों के प्रति अपनी अटूट एकजुटता और समर्थन व्यक्त करने के लिए एक साथ खड़ा है, जो भारतीय दमन में भी अप्रभावित रहते हैं और यूएन द्वारा स्वीकृत आत्मनिर्मण के अधिकार से वंचित रहते हैं।" पाकिस्तान उस वक्त कश्मीर एकजुटता दिवस मना रहा है, जब खुद बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के कई क्षेत्र के लोग भारत में मिलने की मांग के लिए प्रदर्शन रहे हैं। पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे हैं और लोगों का कहना है, कि भारतीय कश्मीर में लोगों को जो सुविधाएं मिली हैं, उनके आगे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लोगों की जिंदगी नर्क बनी हुई है।
कश्मीर राग जपता रहेगा पाकिस्तान
पाकिस्तान की सरकार उस वक्त कश्मीर-कश्मीर कर रही है, जब कई पाकिस्तानी एक्सपर्ट्स कह चुके हैं, कि कश्मीर की वजह से पाकिस्तान कंगाली के दरवाजे पर खड़ा है और अगर पाकिस्तान ने कश्मीर-कश्मीर रट नहीं छोड़ी, तो देश ही बर्बाद हो जाएगा। लेकिन, शहबाज शरीफ की सरकार ने कहा है, कि "उन्होंने (कश्मीरियों) अपने बलिदान से आजादी की मशाल को जलाए रखा है। यह मेरा विश्वास है कि उनके सपने जल्द ही साकार होंगे।" इस बीच, पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी ने जोर देकर कहा, कि "भारत को अवैध रूप से अधिकृत जम्मू और कश्मीर (IIOJK) में अपने सकल मानवाधिकारों के उल्लंघन को समाप्त करना चाहिए और 5 अगस्त 2019 के अपने एकतरफा और अवैध कार्यों को उलटना चाहिए"।

पहले कंगाल होने से तो बचो पाकिस्तान!
पाकिस्तान, कश्मीर राग उस वक्त अलाप रहा है, जब स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) के आंकड़ों के मुताबिक, 27 जनवरी को खत्म हुए सप्ताह में बाहरी ऋण अदायगी के कारण पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 16 प्रतिशत घटकर 3.09 अरब डॉलर रह गया है, जिसके बाद अब पाकिस्तान के पास मुश्किल से, ज्यादा से ज्यादा 2 सप्ताह के ही सामानों के आयात को कवर करने के लिए पैसा रह गया है। पाकिस्तान के इन्वेस्टमेंट फर्म आरिफ हबीब लिमिटेड (एएचएल) के मुताबिक, फरवरी 2014 के बाद से पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार सबसे कम है और पाकिस्तान अब कुछ ही दिनों के आयात को कवर कर सकता है, यानि पाकिस्तान के पास दूसरे देशों से सामान खरीदने के लिए पैसे खत्म हो रहे हैं, जो कि 1998 के बाद से सबसे कम आयात कवर है। एसबीपी ने कहा है, कि पाकिस्तान के कॉमर्शियल बैंकों के पास अब 5.65 अरब डॉलर बचा है, जबकि देश का कुल तरल भंडार 8.74 बिलियन डॉलर ही बचा है।

IMF ने पाकिस्तान की नाक में किया दम
आईएमएफ ने पाकिस्तान को बेलऑउट पैकेज देने के लिए कई शर्तों का निर्धारण किया हुआ है, जिसमें पाकिस्तान की करेंसी के एक्सचेंज रेट बाजार में ओपन करने,ईंधन और बिजली पर सारी सब्सिडी को पूरी तरह से समाप्त करने और देश में टैक्स स्लैब को सख्त करने जैसी शर्तें शामिल हैं। लेकिन, दिक्कत ये है, कि पिछले हफ्ते जैसे ही सरकार ने करेंसी एक्सचेंज को ओपन किया, पाकिस्तानी मुद्रा सिर्फ 2 दिनों में करीब 35 प्वाइंट गिरकर 270 को पार कर गया, जिससे देश में महंगाई आग की तरह फैल गई। वहीं, सरकार ने रसोई गैस की कीमत में 16 प्रतिशत की वृद्धि की है, वहीं पाकिस्तान सरकार अगर बिजली सब्सिडी हटाती है, तो फिर देश में हड़कंप मच जाएगा। लेकिन, शहबाज शरीफ सरकार के पास कोई और विकल्प नहीं हैं। गुरुवार को खुले बाजार में डॉलर एक दिन पहले के 275 रुपये की तुलना में 275.50 रुपये पर बंद हुआ है।












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