पाकिस्तान में चर्च पर मुस्लिम नर्सों ने किया कब्जा, ईसाई कर्मचारियों को धमकी देने का वीडियो वायरल
पाकिस्तान में मुस्लिम नर्सों ने अस्पताल के अंदर एक चर्च पर कब्जा कर लिया और कर्मचारियों को धर्म परिवर्तन करने के लिए कहा।
इस्लामाबाद, मई 04: इमरान खान ने कुछ घंटे पहले ही कहा है कि विश्व में मुस्लिमों को बदनाम करने की साजिश हो रही है और इसके लिए उन्होंने इस्लामिक देशों से एक साथ आने का आह्वान किया है लेकिन दूसरी तरफ पाकिस्तान के प्रसिद्ध शहर लाहौर में एक चर्च पर मुस्लिम नर्सों ने कब्जा कर लिया। चर्च पर कब्जा करने के बाद मुस्लिम नर्से ये कहती हुई देखी जा रही हैं कि अगर ईसाई नर्सों ने धर्म परिवर्तन नहीं किया तो फिर उन्हें ईशनिंदा कानून के तहत फंसा दिया जाएगा। पाकिस्तान में नर्सों के इस वीडियो को एक पाकिस्तानी पत्रकार ने ट्विटर पर शेयर किया है।
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चर्च पर कब्जा
पिछले हफ्ते ही यूरोपियन यूनियन ने अल्पसंख्यकों से अत्याचार को लेकर पाकिस्तान से व्यापार में दिए गये स्पेशल स्टेटस का दर्जा छीनने का प्रस्ताव पास हुआ है और एक बार फिर से अल्पसंख्यकों के साथ किए जाने वाले बर्ताव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक आबादी का खुलेआम उत्पीड़न जारी है लेकिन पाकिस्तान को रियासत-ए-मदीना बनाने का दंभ भरने वाले इमरान खान अपने देश के कुछ लोगों की कट्टरता पर खामोश बैठे हुए हैं। ये घटना लाहौर के एक मेंटल हॉस्पिटल की है, जहां अस्पताल के अंदर एक चर्च बनाया गया था जिसपर मुस्लिम नर्सों ने कब्जा कर लिया और ईसाई नर्सों को धमकाने लगीं।
ईसाई नर्सों को धमकी
रिपोर्ट के मुताबिक मेंटल हॉस्पिटल के अंदर स्थित इस चर्च पर मुस्लिम नर्सों ने कब्जा कर लिया और फिर इस्लामिक गीत गाने लगीं। इसके साथ ही उन्होंने अस्पातल के ईसाई कर्मचारियों को इस्लाम कबूल नहीं करने पर ईसनिंदा कानून में फंसाने की धमकी देने लगीं। नर्सों ने कहा कि अगर वो इस्लाम कबूल नहीं करते हैं तो फिर उनपर खुदा का अपमान करने का आरोप लगा दिया जाएगा। पाकिस्तान में ये सब तब हो रहा है जब एक तरफ इमरान खान ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान से ईशनिंदा कानून खत्म नहीं बल्कि इस कानून को और सख्त किया जाएगा।

चर्च को किया अपवित्र
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक अस्पताल परिसर में स्थिति चर्च को भी मुस्लिम नर्सों ने अपवित्र किया है और अस्पताल प्रशासन को फौरन गैर-मुस्लिम कर्मचारियों को बर्खास्त करने की धमकी दी है। पाकिस्तान में इन दिनों लगातार चर्चों और ईसाई नर्सों के खिलाफ हिंसा की जा रही है। पिछले महीने भी सिंध प्रांत के एक अस्पताल में कैलेंडर का पन्ना बदलने पर दो ईसाई नर्सों को जमकर पिटाई की गई थी और उनके खिलाफ ईशनिंदा का आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया गया था। उस वक्त भी ईसाई नर्सों की पिटाई का वीडियो काफी वायरल हुआ था लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। आपको बता दें कि यूनाइटेड नेशंस की हालिया कई रिपोर्ट्स में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ होने वाली हिंसा को प्रमुखता से उठाया गया है और ईशनिंदा कानून खत्म करने के लिए भी इमरान खान को कहा गया है लेकिन इमरान खान ने सोमवार को साफ कर दिया है कि पाकिस्तान से ईशनिंदा कानून खत्म नहीं किया जाएगा।












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