नीचता पर उतरा पाकिस्तान, अफगानिस्तान में तालिबान को दिए भारतीय निवेश को बर्बाद करने के निर्देश
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने तालिबान और अपने लड़ाकों को निर्देश दिए हैं कि वो अफगानिस्तान में भारतीय निवेश को निशाना बनाए।
इस्लामाबाग/काबुल, जुलाई 18: अब जबकि ये साबित हो गया है कि अफगानिस्तान में तालिबान को खुले तौर पर पाकिस्तान समर्थन दे रहा है और तालिबान के साथ पाकिस्तानी सेना के जवान भी अफगानिस्तान सरकार के खिलाफ लड़ रहे हैं, तब रिपोर्ट आ रही है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने अपने लड़ाकों को निर्देश दिया है कि वो अफगानिस्तान में उन ठिकानों पर हमला कर बर्बाद करे, जिसका निर्माण भारत ने कराया है।

नीचता पर उतरा पाकिस्तान
अफगानिस्तान से रिपोर्ट आ रही है कि तालिबान के लड़ने वाले पाकिस्तान सैनिकों को आईएसआई ने निर्देश दिया है कि वो अफगानिस्तान में उन निर्माण कार्यों को निशाना बनाने की कोशिश करें, जिनका निर्माण भारत ने करवाया है। आपको बता दें कि भारत सरकार ने पिछले कुछ सालों में अफगानिस्तान में करीब 3 अरब डॉलर का निवेश किया है। दरअसल, ये निवेश भी नहीं है, ये अफगानिस्तान के विकास में भारत का योगदान है और इस निवेश के बदले में भारत का हित नहीं जुड़ा है। इन पैसों से भारत ने अफगानिस्तान के अंदर संसद भवन का निर्माण कराया तो कई बांध और बिजली को लेकर योजनाएं और सड़कों का निर्माण भी भारत सरकार ने कराया है। पिछले 20 सालों में भारत सरकार ने अफगानिस्तान में डेलाराम से ज़ारंग सलमा बांध के बीच 2018 किलोमीटर के हाईवे का निर्माण करवाया है, वहीं 2015 में अफगानिस्तान संसद का लोकार्पण भी भारत ने किया था, जो अफगानिस्तान के लोगों के लिए भारत का सबसे बड़ा योगदान है।

अफगानिस्तान को बर्बाद करता पाकिस्तान
अफगानिस्तान से मिल रही है रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान के युद्धग्रस्त इलाकों में करीब 10 हजार से ज्यादा पाकिस्तानी पहुंच चुके हैं, जो सीधे तौर पर तालिबान का समर्थन कर रहे हैं। इन पाकिस्तानियों का मकसद अफगानिस्तान की चुनी हुई अशरफ गनी की सरकार को उखाड़ फेंकना है। वहीं, जो इनपुट मिले हैं, उसके मुताबिक तालिबान में शामिल हो चुके पाकिस्तानियों को आईएसआई ने साफ निर्देश देकर भेजा है कि उनका निशाना अफगानिस्तान में भारत द्वारा करवाए जाने वाले निर्माण कार्य होने चाहिए। भारत द्वारा किए गये निर्माण कार्यों को तबाह कर पाकिस्तान भारत से बदला लेने की साजिश कर रहा है, लेकिन पाकिस्तान ये नहीं सोच रहा है कि उससे नुकसान तो अफगानिस्तान का होगा। अफगानिस्तान के सरकारी सूत्रों ने कहा है उनके पास ऐसे इनपुट हैं, जिनमें आईएसआई ने पाकिस्तानियों से कहा है कि वो भारतीय निर्माण कार्यों को नेस्तनाबूद कर दें, उनका नामोनिशान मिटा दें। अफगान सरकार ने कहा है कि भारत ने अफगानिस्तान में बच्चों की पढ़ाई में काफी ज्यादा निवेश किया है और कई स्कूलों और कॉलेंजों का निर्माण करवाया है, जिसे तबाह करने की कोशिश में पाकिस्तानी हैं।

इस्लामिक आतंकियों का कारनामा
अफगानिस्तान सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में चलने वाले दर्जनों इस्लामिक आतंकी संगठनों के हजारों आतंकी अफगानिस्तान में तालिबान की मदद कर रहे हैं और इन्हें पाकिस्तान का पूरा समर्थन हासिल है। वहीं, शुरू से ही भारत के खिलाफ रहे हक्कानी नेटवर्क को भी भारतीय निर्माण को ध्वस्त करने में पाकिस्तान का पूर्ण समर्थन हासिल हो गया है। वहीं, रिपोर्ट है कि भारत सरकार अफगानिस्तान की स्थिति पर पूरी तरह से नजर रखे हुए है और अफगानिस्तान एयरपोर्ट पर भारत के अधिकारी मौजूद हैं, जो स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, तालिबान और भारत की बातचीत का अभी तक कोई फैसला नहीं निकला है। वहीं, अफगानिस्तान में सिविल वर्क करने वाले कामगारों को भारत सरकार ने वहां से निकाल लिया है। हालांकि, भारत की पब्लिक सेक्टर कंपनी डब्ल्यूएपीसीओएस के कई अधिकारी अभी भी अफगानिस्तान में मौजूद हैं और वहां एक बांध का निर्माण करवा रहे हैं। वहीं, हालिया दिनों में भारत सरकार ने अफगानिस्तान में शहतूत बांध निर्माण करवाने की भी घोषणा की थी, जिसकी लागत का अनुमान करीब 350 मिलियन डॉलर रखा गया है।












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