Pakistan: 14 अप्रैल से PIA नहीं भरेगी उड़ान! कई देशों में नहीं जाएंगी पाकिस्तानी फ्लाइट, बंद होने की कगार पर
Pakistan: अमेरिका ईरान युद्ध का सबसे बड़ा असर किसी देश पर पड़ रहा है तो वो है पाकिस्तान। जहां चार-पहिया से लेकर दुपहिया वाहन तक सभी को पेट्रोल की किल्लत से गुजरना पड़ रहा है। हालात अब यहां तक पहुंच गए हैं, कि पाकिस्तान की इकलौती एयरलाइन्स, पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन (PIA) को अपनी उड़ानों में कटौती कर दी है। नई योजना के तहत, PIA ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के लिए अपनी उड़ानों की संख्या घटाने का फैसला किया है। अब एयरलाइन सिर्फ हफ्ते में 16 उड़ानें ही संचालित करेगी, जिससे ऑपरेशन कॉस्ट को कंट्रोल किया जा सके।
उड़ान में कटौती की नौबत
PIA ने अप्रैल के अंत तक खाड़ी देशों (UAE और सऊदी अरब को छोड़कर) के लिए उड़ानें पूरी तरह निलंबित करने का फैसला लिया है। साथ ही, बीजिंग के लिए फ्लाइट्स 11 अप्रैल से और कुआलालंपुर के लिए 14 अप्रैल से बंद कर दी जाएंगी। इसके अलावा, PIA ने ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों और संभावित आर्थिक नुकसान को देखते हुए फैसला यह है कि अब बच्चों और शिशुओं को छोड़कर बाकी सभी यात्रियों को मिलने वाली छूट को तुरंत प्रभाव से खत्म कर दिया गया है। साथ ही अब हर रूट के लिए कुछ उड़ानों की संख्या में भी कटौती की जा सकती है।

जेट फ्यूल की कीमत बनी सबसे बड़ी वजह
इन सभी सख्त फैसलों के पीछे सबसे बड़ी वजह जेट ईंधन की कीमतों में लगातार चौथी बार हुई बढ़ोतरी है। ईंधन की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि एयरलाइन के लिए ऑपरेशन चलाना मुश्किल हो गया है। PIA मैनेजमेंट का कहना है कि बढ़ी हुई ईंधन लागत का पूरा बोझ सीधे यात्रियों पर डालना संभव नहीं है। अगर ऐसा किया जाता है, तो टिकट की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ जाएंगी, जिससे यात्रियों की संख्या कम हो सकती है। इसलिए कंपनी को ऐसे कड़े कदम उठाने पड़े। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते PIA कंसोर्टियम के अध्यक्ष आरिफ हबीब ने जेट ईंधन की कीमतों में 150% तक की भारी बढ़ोतरी पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि इस तरह की बढ़ोतरी से एयरलाइन के संचालन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
बिगड़े हालात, भविष्य में सुधरेंगे?
PIA के प्रवक्ता के मुताबिक, एक उच्च-स्तरीय बैठक में एयरलाइन के बढ़ते घाटे को रोकने और महंगे ईंधन से निपटने के लिए नई रणनीति तैयार की गई। इसी रणनीति के तहत ये सख्त फैसले लिए गए हैं ताकि कंपनी को और नुकसान से बचाया जा सके। PIA के प्रवक्ता ने उम्मीद जताई है कि वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतें जल्द ही सामान्य हो जाएंगी। जैसे ही हालात सुधरेंगे, बंद किए गए सभी उड़ान मार्गों को फिर से शुरू किया जाएगा। आरिफ हबीब ने सरकार से अपील की थी कि जेट ईंधन की कीमतों में हुई इस भारी बढ़ोतरी को वापस लिया जाए, ताकि एयरलाइन इंडस्ट्री को राहत मिल सके और संचालन स्थिर रह सके, लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा।
लोन के चलते पहले स्थिति थी नाजुक
PIA पहले से बदहाल स्थिति में चल रही है। बिना ट्रेंड पायलट और दूसरे देशों में फ्यूल भरवाने की उधारी का बोझ इतना है कि PIA के प्लेन को कई बार दूसरे देशों ने अपनी जमीन से उड़ान भरकर वापस पाकिस्तान जाने से तब तक के लिए मना कर दिया था कि जब तक कि फ्यूल का पैसा पाकिस्तानी सरकार नहीं चुका देते। ऐसा हाल के दिनों में मलेशिया ने किया था। पाकिस्तानी सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक PIA पर लगभग 83 हजार रुपए का सीधा सीधा कर्ज है। जिसके चुकाने में वहां की सरकार असमर्थ है। वहीं अब युद्ध की दोहरी मार ने एयरलाइन के भविष्य को खतरे में डाल दिया है।
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