पाकिस्तान में गैस किल्लत से ढहने के कगार पर उद्योग जगत, इमरान खान के 'नये पाकिस्तान' की हालत खराब
पाकिस्तान में भीषण स्तर पर गैस संकट पहुंचने की आशंका है, जिसकी वजह से उद्योग धंधे पूरी तरह से ढहने की संभावना है।
इस्लामाबाद, अक्टूबर 13: पाकिस्तान में इमरान खान के सत्ता संभालने के बाद देश की स्थिति दिनों-दिन खराब होती जा रही है और अब पूरे पाकिस्तान में ऐतिहासिक स्तर पर गैस संकट होने वाला है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार के नकारेपन की वजह से देश में गैस किल्लत होने वाला है।

पाकिस्तान में गैस किल्लत
पाकिस्तान की स्थानीय मीडिया ने कहा कि, पिछले महीने जारी किए गए टेंडर के जवाब में पाकिस्तान, एलएनजी ट्रेडिंग कंपनियों को आकर्षित करने में नाकामयाब रहा है, जिसकी वजह से पाकिस्तान के ऊपर गैस किल्लत का भारी संकट मंडरा रहा है और पूरे देश में आने वाले महीनों में अभूतपूर्व गैस संकट का सामना करना पड़ेगा। पाकिस्तानी अखबार द न्यूज इंटरनेशनल ने बताया कि, पाकिस्तान दिसंबर और जनवरी में 1.2 बीसीएफडी (अरब क्यूबिक फीट प्रति दिन) एलएनजी का आयात नहीं कर पाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके बजाय देश 300 एमएमसीएफडी (प्रति दिन मिलियन क्यूबिक फीट) की कमी के साथ हर महीने सिर्फ 900 एमएमसीएफडी आयात कर पाएगा।

सरकार की नाकामी
पाकिस्तानी अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि, इस तरह की संकट जैसी स्थिति तब आती है जब पाकिस्तान को एलएनजी कार्गो के संबंध में लिक्विड नेचुरल गैस (एलएनजी) व्यापारिक कंपनियों से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। देश के ऊर्जा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने द न्यूज को बताया कि, "यह सरकार के लिए एक बहुत लंबे समय से उच्च मुद्रास्फीति से पीड़ित जनता से भारी राजनीतिक प्रतिक्रिया पैदा करने के लिए दोहरा खतरा होगा।" अधिकारी ने कहा कि, "स्थानीय गैस का उत्पादन गिरकर 2.8 बीसीएफडी हो गया है और देश 1.2 बीसीएफडी एलएनजी आयात कर सकता है, जिसका आने वाली सर्दियों में पूरी तरह से दोहन नहीं किया जाएगा। सर्दियों में मांग 5 बीएफसीडी तक पहुंच जाती है, जबकि देश में दिसंबर में गैस सिर्फ 3.7 बीसीएफडी होगा। और जनवरी में आठ एलएनजी कार्गो खरीदने में सरकार नाकाम हो गई है।"

पाकिस्तान में बड़ा गैस संकट
पाकिस्तानी दैनिक के अनुसार, सर्दियों के महीनों में गैस सिलेंडर्स की मांग चरम पर पहुंच जाती है और देश में बहुत बड़े पैमाने पर गैस संकट शुरू हो जाएगा, लेकिन सरकार के पास गैस संकट से निजात पाने के लिए कोई उपाय नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि, गैस संकट की तीव्रता उस स्तर तक बढ़ जाएगी कि, सरकार बिजली बनाने के लिए भी बिजली कंपनियों को गैस उपलब्ध नहीं करा पाएगी। अधिकारी ने कहा, "इसका मतलब ये हुआ कि, दिसंबर और जनवरी में देश की आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियां लगभग ठप हो जाएंगी।"

सिंध प्रांत में गंभीर संकट
स्थानीय मीडिया ने बताया कि सिंध प्रांत पहले से ही एक गंभीर गैस संकट का सामना कर रहा है और अब यह और तेज हो गया है क्योंकि कंपनियों ने गैर-निर्यात उद्योगों को गैस की आपूर्ति तीन दिनों के लिए रोक दी है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, सिंध में सुई सदर्न गैस कंपनी (एसएसजीसी) आरएलएनजी (री-गैसीफाइड लिक्विड नेचुरल गैस) आपूर्ति की कमी के साथ-साथ गैस के प्रेशर की भारी कमी का सामना कर रही है। संकट के कारण गैर-निर्यात उद्योगों सहित निजी बिजली संयंत्रों को गैस आपूर्ति पिछले सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है।












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