'झूठा है पाकिस्तान, इसीलिए IMF नहीं दे रहा लोन'... अपने ही पूर्व वित्तमंत्री ने शहबाज शरीफ को लताड़ा

पाकिस्तान के कई अधिकारी अब कहने लगे हैं, कि पाकिस्तान डिफॉल्ट कर चुका है और अब सिर्फ आधिकारिक ऐलान होना भर बाकी है। वहीं, आईएमएफ के साथ पाकिस्तान की बात बन रही है।

pakistan imf loan

Pakistan-IMF Loan Programe: आईएमएफ की शर्तों के आगे पाकिस्तान ने हार मान ली है और अब पाकिस्तान को अहसास होने लगा है, कि उसे अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से कर्ज की किश्त नहीं मिलने वाला है। पिछले एक हफ्ते में एक तरफ जहां आईएमएफ ने श्रीलंका के लिए बेलऑउट पैकेज जारी किया है, वहीं इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब युद्धग्रस्त देश यूक्रेन के लिए भी आईएमएफ ने लोन जारी कर दिया है, लेकिन पाकिस्तान अभी भी आईएमएफ का मुंह ताक रहा है और बदले में आईएमएफ शर्तों की नई फेहरिस्त शहबाज सरकार को थमा देता है। पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री मुफ्ता इस्लाइल ने कहा है, कि आईएमएफ पाकिस्तान को लोन देने में कोई दिलचस्पी नहीं रखता है।

पाकिस्तान ने मानी हार

पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने दावा किया है, कि वाशिंगटन स्थित वैश्विक ऋणदाता आईएमएफ संकटग्रस्त राष्ट्र पाकिस्तान को पैसा देने में "दिलचस्पी नहीं" रखता है। आपको बता दें, कि पाकस्तान ने इतिहास में आईएमएफ की शर्तों का इतनी बार उल्लंघन किया है, कि अब आईएमएफ का पाकिस्तान से ऊपर से विश्वास ही हट चुका है। पाकिस्तान अब एकमात्र दक्षिण एशियाई देश है, जो अभी तक आईएमएफ से बेलआउट पैकेज सुरक्षित करने में नाकाम रहा है, क्योंकि श्रीलंका ने इस सप्ताह बेलऑउट पैकेज हासिल कर लिया है और बांग्लादेश ने भी आईएमएफ के अनिवार्य सुधार कार्यक्रम को आगे बढ़ा दिया है। पाकिस्तान ने टैक्स और ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि सहित कुछ कड़े कदम उठाए हैं, और 6.5 अरब डॉलर के आईएमएफ ऋण पैकेज को फिर से शुरू करने के लिए, अपनी करेंसी को भी कमजोर किया है। लेकिन, अभी भी आईएमएफ को पाकिस्तान के ऊपर विश्वास नहीं है।

'पाकिस्तान ने आईएमएफ से बोला झूठ'

पाकिस्तान में इस साल चुनाह भी होने हैं, लेकिन डॉलर की कमी से जूझते पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का क्या होगा, ये अनिश्चित है। चुनावी साल में अर्थव्यवस्था के बेहाल होने से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के पसीने छूट रहे हैं, लेकिन इसकी उम्मीद न्यूनतम है, कि वो आईएमएफ से कर्ज हासिल कर पाएंगे, क्योंकि वो राजनीतिक स्थिरता वाली आईएमएफ की शर्त को पूरा करने में नाकाम रहेंगे। शहबाज शरीफ की ही पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता मिफ्ताह ने कराची में कहा, कि "जब वो देश के वित्तमंत्री थे, तो उन्होंने आईएमएफ के अधिकारियों को आश्वासन दिया था, कि पाकिस्तान झूठ बयान नहीं देगा और आईएमएफ की शर्तों को नहीं तोड़ेगा, किसी भी समझौते का उल्लंघन नहीं करेगा, लेकिन जब इशाक डार वित्तमंत्री बने, तो उन्होंने आईएमएफ की शर्तों में तोड़फोड़ मचा दी।" शहबाज शरीफ के पूर्व वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने कहा, कि "पाकिस्तान ने तीन बार संप्रभु प्रतिबद्धताएं की हैं, और फिर उनसे मुकर गया है, लिहाजा अब आईएमएफ पाकिस्तान को पैसा देने में दिलचस्पी नहीं रखता है।" उन्होंने जोर देकर कहा, कि "वाशिंगटन स्थित ऋणदाता इस्लामाबाद में सरकार पर भरोसा नहीं करता है"।

'पेट्रोल सब्सिडी फॉर्मूला कारगर नहीं'

आपको बता दें, कि आईएमएफ से बिना पूछे शहबाज शरीफ ने पेट्रोल पर करीब 50 रुपये कि सब्सिदी दे दी है, जिसके बाद पाकिस्तान में पेट्रोल के दाम 50 रुपये कम हो गये हैं। इसको लेकर भी आईएमएफ में भारी नाराजगी है। लिहाजा, पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री मिफ्ताह ने कहा, कि उनका मानना है कि यह फॉर्मूला कारगर नहीं होगा। उन्होंने कहा, कि 'हम कर्ज लेकर पेट्रोल पर सब्सिडी देते हैं।' चूंकि सरकार ने पेट्रोलियम सब्सिडी की घोषणा की थी, जो शुरू में 50 रुपये प्रति लीटर की थी और बाद में इसे बढ़ाकर 100 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया था। उन्होंने कहा, कि विश्लेषकों और आर्थिक विशेषज्ञ इस कदम की आलोचना कर रहे हैं, क्योंकि यह आईएमएफ और पाकिस्तान के बीच लोन को लेकर चल रही बातचीत को फिर से खतरे में डाल सकता है।" आपको बता दें, कि यह पहली बार नहीं है, जब आईएमएफ के लिए पेट्रोल की कीमतों में सब्सिडी एक समस्या रही है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने भी पेट्रोल सब्सिडी दी थी, जिसके बाद आईएमएफ ने पाकिस्तान के लिए अपने लोन कार्यक्रम को रोक दिया था। लिहाजा, मिफ्ताह इस्माइल ने चेतावनी देते हुए कहा, कि "यदि पाकिस्तान चूक करता है, तो यह देश के लिए एक गंभीर स्थिति होगी, क्योंकि अमीर वर्ग के लोग तो सिर्फ इसका खामियाजा भुगतेंगे, लेकिन गरीब लोग गुजारा भी नहीं कर पाएंगे"।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+