पॉलिथीन में गैस भरते लोग, बल्ब और पंखों का प्रोडक्शन बंद... पाकिस्तान में आर्थिक संकट से त्राहिमाम
पाकिस्तान के पास अब सिर्फ साढ़े पांच अरब डॉलर ही विदेशी मुद्रा भंडार बचा है और अगर उसे सऊदी अरब या चीन से जल्द कर्ज नहीं मिलता है, तो बहुत जल्द उसका हाल श्रीलंका के जैसा हो जाएगा।

Pakistan Crisis: श्रीलंका के बाद भारत के एक और पड़ोसी देश पाकिस्तान में भीषण आर्थिक संकट का आगाज हो गया है और पूरी आशंका है, कि साल 2023 में पाकिस्तान डिफॉल्ट कर जाएगा। लिहाजा, पैसे बचाने के लिए पाकिस्तान ने अब हाथ-पैर मारने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को शहबाज शरीफ की सरकार ने पैसे बचाने के लिए और देश के सरकारी खजाने पर वित्तीय भार को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें बिजली बचाने के प्लान के साथ साथ बल्ब और पंखों का प्रोडक्शन भी बंद करना शामिल है।

आर्थिक संकट में फंसा पाकिस्तान
पाकिस्तान सरकार ने बढ़ते कर्ज को काबू में रखने के लिए बाजारों और शादी के हॉल को जल्द बंद करने का फैसला किया है और नये प्रस्ताव के मुताबिक, पाकिस्तान में अब बाजार रात के साढ़े आठ बजे तक ही खुलेंगे और शादी के हॉल को रात 10 बजे तक ही खुला रखने का आदेश दिया गया है। पाकिस्तानी अखबार डॉन ने रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के हवाले से कहा है, कि "ये योजना देश की समग्र जीवन शैली और आदत को बदल देगी और इससे पाकिस्तान सरकार के 26 मिलियन डॉलर बचेंगे।" इसके साथ ही पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि, सरकार ने फैसला लिया है, कि इस साल जुलाई महीने तक बिजली से चलने वाले पंखों का उत्पादन भी बंद रखा जाएगा।

पंखों का उत्पादन क्यों होगा बंद?
पाकिस्तान सरकार ने कहा है, कि पाकिस्तान में जिन पंखों का निर्माण होता है, वो काफी बिजली खाते हैं। ख्वाजा आसिफ ने कहा कि, "पाकिस्तान में बनाए गये पंखे लगभग 120-130 वाट बिजली का उपयोग करते हैं, जबकि दुनिया भर में पंखे सिर्फ 60-80 वाट का उपयोग करते हैं।" लिहाजा, पाकिस्तान में बिजली बचाने के लिए पंखों के उत्पादन को बंद करने का फैसला लिया गया है। इसी तरह अगले महीने से बिजली के बल्बों का निर्माण भी बंद कर दिया जाएगा। इस बीच, पाकिस्तान सरकार कोनिकल गीजर के इस्तेमाल को अनिवार्य कर देगी और सड़कों के किनारे लगाए गये स्ट्रीट लाइट्स को भी बंद करने का फैसला लिया गया है।

"गंभीर स्थिति से गुजर रहा देश"
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि, देश 'गंभीर' स्थिति से गुजर रहा है और यह बिजली की खपत के मौजूदा स्तर को बनाए रखने में सक्षम नहीं है। उन्होंने 'वर्क फ्रॉम होम पॉलिसी' लागू करने की योजना की भी घोषणा की है। आसिफ ने कहा कि, "सभी सरकारी भवनों और कार्यालयों में भी योजना के तहत ऊर्जा के उपयोग को कम किया जाएगा और घर से काम करने की नीति को 10 दिनों में पूरा किया जाएगा।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, अभ देश भर में जितने भी सरकारी मीटिंग होंगे, वो सभी दिन में होंगे। पाकिस्तान के पावर डिवीजन के हवाले से डॉन ने जो रिपोर्ट दी है, उसके मुताबिक, देश का सर्कुलर कर्ज अब बढ़कर 10.5 अरब डॉलर हो गया है और देश की स्थिति काफी खराब हो चुकी है।

पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था का बुरा हाल
डॉन के मुताबिक, अर्थव्यवस्था का यह हाल है, कि इस्लामाबाद एक आम पाकिस्तानी नागरिक को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने में असमर्थ है। विशेष रूप से, लोगों को प्लास्टिक के गुब्बारों और थैलों में एलपीजी (रसोई गैस) जमा करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, क्योंकि सरकार आपूर्ति में कमी को दूर करने में नाकाम हो गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हुए वीडियो में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के नागरिकों को प्लास्टिक की थैलियों में रसोई गैस को भरते हुए देखा जा रहा है। कमी के कारण भंडारण करते देखा जा सकता है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों ने कहा गया है, कि प्रांत के हंगू शहर में लोग पिछले दो वर्षों से बिना गैस के रह रहे हैं।

खत्म होने वाला है विदेशी मुद्रा भंडार
वित्तीय वर्ष 2022-23 के जुलाई-अक्टूबर तिमाही के दौरान पाकिस्तान का राजकोषीय घाटा जीडीपी का 1.5 प्रतिशत रहा। वहीं, देश का विदेशी मुद्रा भंडार पिछले महीने 294 मिलियन डॉलर और घटकर 5.8 अरब डॉलर रह गया है, जिसका मुख्य कारण बाहरी ऋण चुकाना था। नतीजतन, आर्थिक पंडितों ने चेतावनी की घंटी बजा दी है, कि पाकिस्तान खतरनाक रूप से डिफ़ॉल्ट हो सकता है। शहबाज शरीफ के पूर्व वित्तमंत्री मुफ्ता इस्माइल ने भी पिछले महीने कहा था, कि पाकिस्तान बहुत जल्द डिफॉल्ट हो सकता है। लिहाजा, पाकिस्तान एक बार फिर से चीन या फिर सऊदी अरब के सामने पैसों के लिए हाथ फैला सकता है।












Click it and Unblock the Notifications