परमाणु मिसाइलों को ट्रैक करने की क्षमता.. पाकिस्तान का जासूसी जहाज PNS रिजवान भारत के लिए कितना खतरनाक?
Pak deploys China-built spy ship: पाकिस्तान ने एक चीनी जासूसी जहाज का ऑपरेशन शुरू कर दिया है, जिसे चीन के फुज़ियान मावेई शिपबिल्डिंग लिमिटेड ने बनाया है। और चीन के इस जासूसी जहाज से पाकिस्तान, भारत की जासूसी का इरादा रखता है।
फुज़ियान मावेई शिपबिल्डिंग लिमिटेड, चीन के साथ साथ दुनिया के भी सबसे पुराने शिपियार्ड्स में शामिल है, जिसे 1866 में चीन के तत्कालीन शासकों ने बनवाया था और इसने ही पाकिस्तान के लिए PNS रिजवान का निर्माण किया है, जिसके बाद पाकिस्तान उन देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जिनके पास जासूसी जहाज हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने पाकिस्तान के लिए जिस जासूसी जहाज पीएनएस रिजवान का निर्माण किया है, वो 87 मीटर लंबा, 19 मीटर चौड़ा और 48 नाविकों को लेकर चलने वाला जहाज है, जो समुद्र में 14.30 समुद्री मील प्रति घंटे की अधिकतम गति से चल सकता है।
पाकिस्तान के पास चीनी जासूसी जहाज
रिपोर्ट के मुताबिक, इस जहाज में तीन गुंबद हैं, जिनका उपयोग ट्रैकिंग सिस्टम और रडार के लिए किया जा सकता है। जिन्हें चीनी तकनीशियनों ने खास तौर पर डिजाइन किया है। पाकिस्तान ने इस जहाज का नाम PNS रिजवान रखा है।
हालांकि, पीएनएस रिजवान नाम के इस जहाज को जून 2023 में पाकिस्तान नौसेना को सौंप दिया गया था, लेकिन उसके बाद से इंडोनेशियाई समुद्र में यात्रा करने के बाद 26 जून 2023 को कराची नौसैनिक यार्ड, पाकिस्तान समुद्री सुरक्षा एजेंसी (PMSA) बेस पर पहुंचा था, लेकिन पाकिस्तान ने इसे दुनिया से छिपाकर रखा हुआ था। जिसे अब चीन के इशारे पर पाकिस्तान ने भारत की जासूसी के लिए तैनात किया है। भारत सहित सिर्फ 14 देश ही अब तक ऐसे जहाजों को ऑपरेट करने वाले देशों में शामिल थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल INS रिजवान को पाकिस्तान नौसेना के कैप्टन अशफाक अली ऑपरेट कर रहे हैं।
पिछले कुछ वर्षों में, चीनी युआन वांग-5 और जियांग यांग होंग 03 सहित कई चीनी जासूसी जहाज नियमित रूप से भारत के आसपास के देशों में रुक रहे हैं, जिसकी वजह से भारत को अपने कई मिसाइलों को परीक्षण में देरी करने करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। चीन अपने इन जहाजों से भारतीय मिसाइलों और दूसरे खुफिया कार्यक्रमों की जासूसी करना चाहता है और इसीलिए कभी श्रीलंका, कभी मालदीव तो कभी पाकिस्तान के समुद्री इलाकों में अपने जासूसी जहाज को भेज रहा है।
लेकिन अब चूंकि पाकिस्तान अब अपना खुद का जहाज चला रहा है, जिसे 2015 से बनाया जा रहा था, उसने भारत के पश्चिमी तटों के लिए खतरा बढ़ा दिया है।
हालांकि, पाकिस्तान के पास मौजूद इस जासूसी जहाज को लेकर भारतीय अधिकारियों को पूरी जानकारी है और भारतीय अधिकारी इस जासूसी जहाज की एक एक गतिविधियों पर लगातार नजर रखते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के स्ट्रैटजिक अधिकारी जहाज की आसमान और जमीन, दोनों से लगातार निगरानी करते रहते हैं।
चीन ने काफी ज्यादा कीमत पर बेची जहाज
ऐसी रिपोर्ट है, कि चीन ने इस जासूसी जहाज के लिए पाकिस्तान से भारी-भरकम रकम वसूली है। इस जासूसी जहाज को सैकड़ों किलोमीटर दूर होने वाली घटमाओं को सुनने और ट्रैक करने के लिए डिजाइन किए गये हैं, लेकिन इसकी कीमत काफी ज्यादा है।
भारत का आईएनएस ध्रुव, जो एक रिसर्च जहाज है और जिसे 2021 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था, इसके निर्माण में सात साल लगे और इसकी लागत 1,500 करोड़ रुपये का खर्च आया था। लेकिन, पाकिस्तान के जासूसी जहाज को लेकर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं, क्योंकि अभी वो जिन आर्थिक परिस्थितियों में है, वो अपने इन जहाजों के लिए पैसे कहां से ला रहा है? क्या वो IMF से मिलने वाले ऋण से चीनी जहाज तो नहीं खरीद रहा है?
चीन के इस जहाज से न्यूक्लियर बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रक्षेपण को ट्रैक किया जा सकता है, लिहाजा भारत के लिए ये निश्चित तौर पर सिरदर्द साबित होगा।












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