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पाकिस्तान: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नवाज के बाद जरदारी को गिरफ्तार करने के आदेश

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इस्लामाबाद। नवाज शरीफ के बाद पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति और पीपीपी को-चेयरमैन आसिफ अली जरदारी को जेल हो सकती है। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पाकिस्तान के एक बैंकिंग कोर्ट ने जरदारी के खिलाफ गैर जमानती-वारंट जारी किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट ने अधिकारियों को 35 अरब रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 64 वर्षीय जरदारी को गिरफ्तार कर 4 सितंबर तक कोर्ट में पेश करने के लिए कहा है। जरदारी के अलावा 15 अन्य संदिग्ध लोगों के खिलाफ फेक अकाउंट मामले में गैर-जमानती वारंट जारी हुआ है।

पाक: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जरदारी को अरेस्ट करने के आदेश

हालांकि, पीपीपी के प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर ने जरदारी के वकील फारूक नाईक के हवाले से बताया कि पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ कोई वारंट जारी नहीं किया गया है। फेडरल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) ने इस मामले की अंतरिम चार्जशीट में फरार के रूप में 18 अन्य संदिग्धों के साथ जरदारी और उनकी बहन फारील तलपुर के खिलाफ केस फाइल किया है।

यह मामला संदिग्ध लेन-देन में 2015 में हुई जांच से संबंधित है, जिसमें 29 बेनामी खातों की पहचान की गई थी, जिनमें से 16 खाते समिट बैंक में, आठ सिंध बैंक में और पांच युनाइटेड बैंक लिमिटेड में थे। इस केस में पाकिस्तान स्टोक एक्सचैंज (PSX) के पूर्व चेयरमैन हुसैन लवाई का नाम भी सामने आ रहा है।

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English summary
Pakistan court issues arrest warrant against Zardari in money laundering case
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