पाकिस्तान को याद आई बाबरी मस्जिद, अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर बौखलाकर कह दी ये बात
अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा पर पाकिस्तान का बयान आया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर आपत्ति जताई है। मंत्रालय ने इस संबंध में बयान जारी किया है।
इस बयान में कहा गया है कि अयोध्या में करीब 500 साल पुरानी बाबरी मस्जिद को तोड़कर बनाया गया ये मंदिर हमेशा भारत के लोकतंत्र के चेहरे पर एक कलंक बना रहेगा। भारत में बीते 31 साल में जो हुआ है, वो भारत के बहुसंख्यकवाद की तरफ बढ़ने को दिखाता है।

विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान अयोध्या में बाबरी मस्जिद को ढहाकर वहां राम मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा की निंदा करता है। अयोध्या में सदियों पुरानी मस्जिद को 6 दिसंबर 1992 को चरमपंथियों की भीड़ ने ढहा दिया। दुर्भाग्य से भारत के शीर्ष न्यायालय ने न सिर्फ अपराधियों को रिहा कर दिया बल्कि जिस जगह मस्जिद ढहाई गई, वहां मंदिर निर्माण की भी इजाजत दे दी।
विदेश मंत्रालय लिखा है कि बाबरी को ढहाने के बाद बीते 31 सालों के घटनाक्रम आज प्राण प्रतिष्ठा तक पहुंचे हैं। ये भारत में बढ़ते बहुसंख्यकवाद की ओर इशारा करते हैं। ये भारतीय मुसलमानों को राजनीतिक और सामाजिक तौर पर हाशिए पर डालने की कोशिशों को दिखाते हैं।
पाकिस्तान ने कहा कि है कि ढहाई गई मस्जिद के स्थान पर बना राम मंदिर भारत के लोकतंत्र पर लंबे समय तक धब्बे की तरह रहेगा। मंत्रालय ने कहा है कि आगे वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा की शाही ईदगाह सहित जैसे मस्जिद की सूची बढ़ती जा रही है जिन्हें मिटाए जाने का खतरा बना हुआ है।
बयान में आगे कहा गया है कि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से भारत में मुसलमानों को हाशिये पर धकेला जा रहा है। भारत में तेजी से हिन्दुत्व का विचार बढ़ रहा है, जो देश की शांति के लिए खतरा और अल्पसंख्यकों के लिए ये एक डर बन रहा है।
पाकिस्तान ने दुनिया से अपील की है कि भारत में बढ़ते इस्लामोफोबिया, नफरती भाषण और हेट क्राइम्स का संज्ञान लेना चाहिए। पाकिस्तान ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और अन्य संबंधित अंतरराष्ट्रीय संगठनों को भारत में इस्लामी धरोहर स्थलों को चरमपंथी गुटों से बचाने की कवायद में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।












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