पाक का पैंतरा, यूएन में भाषण से पहले भारत पर लगाए आरोप
न्यूयॉर्क। अगस्त में जब से भारत और पाकिस्तान के बीच एनएसए स्तर की वार्ता कैंसिल हुई है तब से ही लगता है कि पाक बौखला गया है। इस बौखलाहट का सुबूत है यूनाइटेड नेशंस की 70वीं जनरल एसेंबली से पहले यूएन को लिखी गई पाक की चिट्ठी।

इस चिट्ठी में पाक ने भारत पर आरोप लगाकर एक तरह से अंतराष्ट्रीय समुदाय की सहानुभूति हासिल करने की कोशिश की है। यूएन में पाक की राजदूत मलीहा लोधी ने चार और नौ सितंबर को यह चिट्ठी लिखी थी।
इसमें शिकायत की गई है कि भारत एलओसी पर दीवार बनाने की तैयारी में है। पाक का आरोप है कि भारत इस दीवार को ‘पक्की अंतरराष्ट्रीय सीमा' में तब्दील करना चाहता है।
भारत ने पाक के इस कदम पर कड़ा ऐतराज जताया है। भारत की ओर से साफ कर दिया है कि सही समय पर पाक को इसका सही जवाब दिया जाएगा।
भारत ने कहा कि पाक की यह चिट्ठी उन चिट्ठियों में से एक है जिसमें हिजबुल मुजाहिद्दीन के प्रमुख सईद सलाहुद्दीन के ‘बयान' को आधार मानकर लिखा गया है। विदेश मंत्री के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बुधवार को संवाददाताओं को बताया कि भारत जानता है कि दो पत्र लिखे गए हैं।
पाक इस कोशिश में है कि यूएन में किसी तरह से कश्मीर का मुद्दा छेड़ दिया जाए। दूसरी तरफ पाक के एनएसए और विदेश मंत्री सरताज अजीज ने भी साफ कर दिया था कि न्यूयॉर्क में यूएनजीए के दौरान भारत से किसी तरह की मुलाकात नहीं होगी।
पाक की शर्त थी कि अगर भारत को बात करनी है तो फिर उसे कश्मीर के जिक्र पर राजी होना होगा। साफ है कि पाक पीएम नवाज शरीफ अपनी टीम के साथ न्यूयॉर्क एक एजेंडे को भी दिमाग में रखकर पहुंचे हैं।












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