पाकिस्तान की ईरान पर हमला करने की हिम्मत कैसे हुई? विदेशी दौरा रद्द कर पीएम काकर भागकर आ रहे देश
ईरान द्वारा मंगलवार रात की गई एयरस्ट्राइक के बाद से ही पाकिस्तान तिलमिलाया हुआ है। इस घटना के 24 घंटे बाद ही पाकिस्तान ने ईरान से बदला ले लिया है। पाकिस्तान ने ईरान के कई इलाकों में बमबारी की है। ताजा जानकारी के अनुसार पाकिस्तानी हमले में 4 बच्चों और 3 महिलाओं की मौत हो गई है।
पाकिस्तान की ओर से भी इस हमले को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया गया है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज बलोच ने कहा कि ये कार्रवाई सभी खतरों के खिलाफ देश की रक्षा के लिए की गई है। ऑपरेशन की सफलता पाकिस्तानी सेना की काबिलियत का सबूत है।

पाकिस्तान का दावा है कि उन्होंने ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान में कई आतंकियों को मार गिराया है। हालांकि, ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान की एयरस्ट्राक में 4 बच्चे और 3 महिलाओं की मौत हुई है।
पाकिस्तान ने ईरान में चलाए ऑपरेशन को 'मार्ग बार सरमाचर' नाम दिया था। पाकिस्तान के सिक्योरिटी ऑफियशियल ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि पाक एयरफोर्स ने बलूच अलगाववादियों के 7 ठिकानों को निशाना बनाया। एयरस्ट्राइक ईरान की सीमा में 48 किलोमीटर अंदर घुसकर की गईं। इसके लिए फाइटर जेट्स और ड्रोन्स का इस्तेमाल किया।
इससे पहले मंगलवार रात पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई ईरान की एयरस्ट्राइक में दो बच्चों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए थे। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि ईरानी हमले में चार लोगों की मौत हुई थी।
इसके बाद पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि ईरान का यह कृत्य उसके 'हवाई क्षेत्र का अकारण उल्लंघन' है। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने कहा था कि ईरान की तरफ से हुए एकतरफा हमले के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि हमला किया जा सकता है।
इस घटना के कुछ ही घंटे के बाद ईरान में पाक समर्थित आतंकी संगठन ने एक सैन्य अफसर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। ईरानी पुलिस इस घटना की जांच कर ही रही थी कि पाकिस्तान ने गुरुवार तड़के जबरदस्त एयरस्ट्राइक कर दिया।
अब सवाल उठता है कि आखिर कैसे पाकिस्तान ने ईरान पर हमला करने की हिम्मत कैसे की? वो देश जो कुछ सालों से घनघोर बुरी आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। आखिर कैसे उसने ईरान पर जवाबी हमला करने की जुर्रत की।
दरअसल पाकिस्तान में अगले महीने 8 फरवरी चुनाव होने हैं। भले ही देश में कार्यवाहक सरकार है मगर सबसो पता है कि ये पीपीपी और पीएमएल-एन की प्रतिष्ठा का मामला है। भले ही इमरान खान के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई है और उनकी पार्टी पीटीआई का चुनाव चिन्ह छिन लिया गया है मगर अभी भी इमरान खान की पाकिस्तान में काफी मजबूत स्थिति है।
पाक सरकार जनता को संदेश देना चाहती है कि वो देश की सुरक्षा को लेकर किसी तरह की कोताही नहीं बरत रही है। दरअसल पाक सरकार की मजबूरी है कि वह अपनी जनता के सामने कमजोर नहीं दिख सकती है। इसके साथ ही हमें ये याद रखना चाहिए कि पाकिस्तान एक परमाणु मुल्क है। वह नहीं चाहता कि एक परमाणु संपन्न देश ईरान के सामने निरीह दिखे।
इस बीच खबर मिल रही है कि पाकिस्तान के कार्यवाहक पीएम काकर ने अपना विदेश दौरा रद्द कर दिया है। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने अपनी दावोस यात्रा रद्द कर दी और इस्लामाबाद लौट आए हैं।












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