कंगाल हो चुका है पाकिस्तान! शहबाज सरकार ने सेना को दिया बड़ा झटका, IMF के दबाव में घटाया बजट
पाकिस्तान कंगाल हो चुका है, लेकिन वह रक्षा बजट पर खर्च करने से नहीं चूकता है। इसका खामियाजा जनता को झेलना पड़ता है। महंगाई की मार, बिजली संकट, इंटरनेट, मोबाइल सेवा बंद होने के कगार पर हैं। अब पाकिस्तान की नींद खुली है, उ
इस्लामाबाद, 6 जुलाई : पाकिस्तान आर्थिक रूप से कमजोर होने के बाद भी अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाने के लिए जनता की अरमानों पर पानी फेर देता है। जिसके कारण वहां की अवाम हमेशा महंगाई की बोझ तले दबे रहती है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने सैन्य बजट में कटौती कर दी है। इस बार देश के वित्त मंत्री ने देश की सेना को बड़ा झटका दे दिया है।


पाकिस्तान के सैन्य बजट में कटौती
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफताह इस्माइल ने देश की सेना के बजट में कटौती कर दी है। उन्होंने सरकार की तरफ से देश की सेनाओं के विकास पर खर्च होने वाली रकम को घटा दिया है। बता दें कि, पाक सरकार की तरफ से एक प्रोग्राम के तहत विकास के लिए रकम जारी की जाती है। पाक मीडिया के मुताबिक इस बार सैन्य बजट में 72 अरब रुपए की कटौती कर दी गई है। पाकिस्तान ने यह कदम अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) की तरफ से रखी गई एक शर्त के तहत उठाया है। 72 अरब कुल बजट का पांचवा हिस्सा है और 10 जून को एक आदेश जारी कर इसमें कटौती का ऐलान किया गया है।

आईएमएफ के दबाव में घटाया सैन्य बजट
पाकिस्तान सरकार के समक्ष आईएमएफ की शर्त के अनुसार 153 अरब रुपए का प्राथिमिक बजट अधिशेष या राष्ट्रीय उत्पाद का 0.2 प्रतिशत हासिल करना था। जानकारी के मुताबिक, आईएमएफ ने नए बेलआउट पैकेज के लिए यह शर्त रखी थी। कंगाल हो चुके पाकिस्तान सरकार का सैन्य बजट में कटौती करने का मकसद यही है कि वह इस हफ्ते स्टाफ लेवल की एक डील को हासिल कर लेगा।

10 जून को पेश किया गया था बजट
बता दें कि, पाकिस्तान सरकार का वास्तविक बजट नेशनल एसेंबली में 10 जून को पेश किया गया था। इसमें सेनाओं के विकास कार्यक्रम के लिए 363 अरब रुपए का प्रावधान था। मगर अब ये रकम 291 अरब पर ही आकर रुक गई । नेशनल एसेंबली की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद वित्त मंत्रालय की तरफ से ये जानकारी सार्वजनिक कर दी गई है।

72 अरब रुपये तक की कटौती
पाक मंत्रालय के मुताबिक, पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने डेवलपमेंट प्रोग्राम पर करीब 72 अरब रुपये तक की कटौती की है। प्रतिशत में देखेंगे तो यह कटौती 20 फीसदी की है। जानकारी के लिए बता दें कि, पाकिस्तान ने रक्षा बजट पर यह अतिरिक्त रकम तय की थी। ये इस साल में दूसरी बार है जब सेनाओं के डेवलपमेंट प्रोग्राम से जुड़ी रकम को आईएमएफ की शर्तों के मुताबिक कम किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में इमरान सरकार की तरफ से 340 अरब की रकम तय की गई थी लेकिन वास्तविक खर्च 270 अरब दिखाया गया था।

पहले ही फैसला हो चुका था
पाक मीडिया ने बताया गया था कि सरकार ने मिलिट्री को मिलने वाली रकम में कटौती करने का फैसला किया है। इस पर वित्त मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि सरकार के कुल खर्चे को कम करने के लिए डेवलपमेंट प्रोग्राम की रकम को घटाया गया है। खर्चे सहीं तरह से हो सकेंगे तभी आईएमएफ का टारगेट हासिल किया जा सकेगा।

क्या अब डील हो जाएगी?
एक इंटरव्यू में वित्त मंत्री की तरफ से बताया गया है कि सरकार ने आईएमएफ को एक विस्तृत जवाब दिया है जो आर्थिक और वित्तीय नीतियों पर था। अगले 2 से 8 दिनों में स्टाफ लेवल एग्रीमेंट पर पहुंचा जा सकेगा। आईएमएफ ने पिछले सोमवार को एक ड्राफ्ट शेयर किया था। इसके बाद वित्त मंत्री ने कहा था कि एक हफ्ते के अंदर इस डील को साइन कर लिया जाएगा।












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