प्यार करने के दौरान निकलने वाले हार्मोन से ठीक होगी दिल की बीमारी, डॉक्टरों की रिसर्च में बड़ा खुलासा

वाशिंगटन, 02 अक्टूबरः ऑक्सीटोक्सीन हार्मोन को लव हार्मोन के रूप में जाना जाता है। ऑक्सीटोसिन एक प्रकार का हार्मोन है। यह एक न्यूरोट्रांसमीटर की तरह कार्य करता है। यह प्रेमी जोड़ों में रोमांटिक बॉन्डिंग बेहतर बनाने में बेहतर साबित होता है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि यह टूटे हुए दिल को ठीक करने में भी मददगार साबित होता है। जी हां। ये सच है। जेब्राफिश और मानव कोशिकाओं के एक नए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया है कि मस्तिष्क निर्मित यह हार्मोन चोट के बाद दिल के ऊतकों को पुनः पैदा करने में मदद कर सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक आने वाले वक्त में इसका इस्तेमाल दिल के दौरे में भी किया जा सकता है।

कई तरह से मददगार है ऑक्सीटोसिन

कई तरह से मददगार है ऑक्सीटोसिन

ऑक्सीटोसिन हार्मोन को सामाजिक बंधन और विश्वास बनाने में मददगार साबित होने के लिए " लव हार्मोन नाम दिया गया है। इस हार्मोन का स्तर अक्सर तब बढ़ जाता है जब लोग गले मिलते हैं, सेक्स या संभोग करते हैं। हालांकि ऑक्सीटोसिन शरीर में कई अन्य कार्य भी करता है, जैसे कि बच्चे के जन्म के दौरान गर्भाशय को पीछे ले जाना और बाद में स्तनपान को बढ़ावा देना। इसके अलावा फ्रंटियर्स इन साइकोलॉजी जर्नल में 2020 की समीक्षा के अनुसार, ऑक्सीटोसिन रक्तचाप को कम करके, सूजन को कम करके और मुक्त कणों को फैलाकर हृदय प्रणाली को चोट से बचाने में मदद करता है।

सही समय और सही खुराक हो सकती है असरदार

सही समय और सही खुराक हो सकती है असरदार

शोध के मुताबिक ऑक्सीटोसिन जेब्राफिश के घायल हृदय में मरे या घायल हुए कार्डियोमायोसाइट्स (मांसपेशी कोशिकाओं) को बदलने में मदद करता है। इस रिसर्च से ऐसा संकेत मिला है कि यदि सही समय और सही खुराक के साथ ऑक्सीटोसिन दिया जाए तो मानव कोशिकाओं के लिए भी यह उतना ही प्रभावी हो सकता है। अध्ययन के लेखकों ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि हृदय के पास खुद के क्षतिग्रस्त या मृत हो चुके उत्तकों को ठीक करने या उसे बदलने की बेहद सीमित क्षमता है।

एपिकार्डियम कोशिका बदली है अपना रंग

एपिकार्डियम कोशिका बदली है अपना रंग

लेकिन कई अध्ययनों से पता चलता है कि चोट लगने के बाद, या जैसे कि दिल के दौरे के बाद दिल की सबसे बाहरी झिल्ली में कोशिकाओं का एक सबसेट है जिसे जिसे एपिकार्डियम कहा जाता है, वह एक नई पहचान बना लेता है। ये कोशिकाएं हृदय के ऊतकों की परत में चली जाती हैं जहां मांसपेशियां रहती हैं और स्टेम जैसी कोशिकाओं में बदल जाती हैं। यानी कि एपिकार्डियम कोशिकाएं चोट के बाद कार्डियोमायोसाइट्स सहित अन्य कई हृद्य कोशिकाओं में बदल जाता है।

दिल की चोट दूर करने में मददगार हो सकता है हार्मोन

दिल की चोट दूर करने में मददगार हो सकता है हार्मोन

इस प्रक्रिया का बड़े पैमाने पर जानवरों में अध्ययन किया गया है और ऐसे दृढ़ संकेत मिलते हैं कि वयस्क मनुष्यों में भी हो सकता है। मनुष्य में भी एपिकार्डियम कोशिकाओं को कार्डियोमायोसाइट्स में रूपांतरित करने हृद्य का उपचार किया जा सकता है। अध्ययन के लेखकों ने पाया कि वे मानव कोशिकाओं में इस प्रक्रिया को ऑक्सीटोसिन के संपर्क में लाकर एक प्रयोगशाला में शुरू कर सकते हैं। ये प्रयोग शुरुआती संकेत प्रदान करते हैं कि ऑक्सीटोसिन चोट के बाद दिल की मरम्मत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इन उपचारों में ऐसी दवाएं शामिल हो सकती हैं जिनमें ऑक्सीटोसिन या अन्य अणु होते हैं जो हार्मोन के रिसेप्टर्स में प्लग कर सकते हैं।

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