यूक्रेन ने 117 ड्रोन से किया अब तक का सबसे बड़ा हमला! क्या है ऑपरेशन 'स्पाइडर वेब' जिसने रूस में मचाई तबाही?
Operation Spider Web: यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध में पहली बार ऐसा हुआ जब यूक्रेन ने रूस पर एक साथ इतने बड़े पैमाने पर हमला किया। 1 जून की सुबह रूस के कई इलाकों में एक के बाद एक धमाकों की गूंज सुनाई दी। ये कोई सामान्य हमला नहीं था, बल्कि यूक्रेन की खुफिया एजेंसी SBU द्वारा चलाया गया बेहद गोपनीय और जटिल ऑपरेशन था, जिसे 'स्पाइडर वेब' नाम दिया गया।
इस मिशन की योजना करीब 18 महीने पहले बनाई गई थी और इसके तहत 117 ड्रोन एक साथ रूस के अंदर 8000 किलोमीटर तक घुसकर हमला करने में कामयाब रहे। हमले का मकसद था रूस के उन एयरबेस को नुकसान पहुंचाना, जहां परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम पुराने लेकिन बेहद खतरनाक बमवर्षक विमान तैनात थे।

खास बात यह रही कि इन ड्रोन को रूस के अंदर ही ट्रकों में छिपाकर पहुंचाया गया और वहीं से उड़ान भरवाई गई। हमले की चौंकाने वाली बात यह थी कि एक-एक ड्रोन को दूर बैठे यूक्रेनी पायलट कंट्रोल कर रहे थे और हर एक का टारगेट पहले से तय था। यह यूक्रेन की ओर से अब तक का सबसे साहसी और तकनीकी रूप से बेहद उन्नत हमला माना जा रहा है।
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🔴हमले की दूरी 8000 किमी से अधिक
- यूक्रेनी ड्रोन हमले रूस के कई टाइम ज़ोन तक पहुंचे।
- मुरमांस्क, इरकुत्स्क, इवानोवो, रियाजन और अमूर क्षेत्रों में धमाके हुए।
- ये सभी इलाके यूक्रेन से 8000 किमी तक दूर हैं।
🔴ड्रोन ट्रकों में छिपाकर रूस भेजे गए
- SBU प्रमुख वासिल मालियुक के अनुसार, ड्रोन लकड़ी के केबिन में ट्रकों के जरिए भेजे गए।
- ट्रकों की छत रिमोट से खुलती थी।
- ड्राइवरों को इन ड्रोन के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
🔴ड्राइवरों ने उड़ते ड्रोन पर फेंके पत्थर
- कुछ ड्राइवरों ने बताया कि उन्होंने ट्रकों से निकलते ड्रोन को पत्थर मारकर रोकने की कोशिश की।
- ड्राइवरों को सिर्फ केबिन डिलीवरी का निर्देश मिला था।
🔴117 ड्रोन और हर एक के पीछे पायलट
- ज़ेलेंस्की ने ऑपरेशन की पुष्टि की।
- कहा, हर ड्रोन को एक पायलट कंट्रोल कर रहा था।
- मिशन की तैयारी में 1 साल, 6 महीने और 9 दिन लगे।
🔴सहयोग करने वालों को रूस से निकाला गया
- ज़ेलेंस्की ने बताया कि जिन लोगों ने ऑपरेशन में मदद की, उन्हें रूस से बाहर निकालकर सुरक्षित जगह भेजा गया।
- रूस का दावा है कि उसने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
🔴महंगे और पुराने बमवर्षक विमान तबाह
- यूक्रेन के अनुसार, 41 बमवर्षक विमानों को नुकसान पहुंचा और 13 पूरी तरह नष्ट हो गए।
- Tu-95, Tu-22 और Tu-160 जैसे विमान शामिल हैं जो अब उत्पादन में नहीं हैं।
🔴$7 अरब डॉलर का नुकसान, A-50 भी निशाना
- 'स्पाइडर वेब' से रूस को करीब 7 अरब डॉलर का नुकसान।
- Tu-95 के अलावा A-50 जासूसी विमान भी टारगेट किए गए।
- A-50 रूस के पास सीमित संख्या में हैं।
🔴रूसी मीडिया की चुप्पी
- सरकारी मीडिया ने इस हमले की रिपोर्टिंग नहीं की।
- सिर्फ कुछ आधिकारिक बयान ही दिखाए गए, बाद में खबरें हटा दी गईं।
🔴यूक्रेन में जश्न, मिशन को बताया ऐतिहासिक
- सोशल मीडिया पर यूक्रेन में खुशी का माहौल।
- लोग ऑपरेशन को 'टाइटैनिक मिशन' बता रहे हैं।
- ज़ेलेंस्की ने कहा, यह कार्रवाई इतिहास की किताबों में दर्ज होगी।
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