एक किलोमीटर चौड़ा, 47 हजार kmph की रफ्तार, पृथ्वी की तरफ आ रहे एस्टेरॉइड से टेंशन में NASA

अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने पृथ्वी के 120 मिलियन मील के भीतर से गुजरने वाली किसी भी वस्तु कोनियर-अर्थ ऑब्जेक्ट (NEO) के रूप में वर्गीकृत किया है और ऐसे किसी ऑब्जेक्ट को पृथ्वी के लिए संभावित खतरा मानता है।

वॉशिंगटन, जनवरी 12: करीब एक किलोमीटर चौड़ा विशालकाय एस्टेरॉइड 47 हजार किलोमीटर की रफ्तार से पृथ्वी की तरफ आ रहा है और इस खतरनाक एस्टेरॉइड ने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के माथे पर बल ला दिया है। ये विशालकाय एस्टेरॉइड 18 जनवरी को पृथ्वी के बेहद ही पास से गुजरेगा और चिंता इस बात की है, कि अगर एस्टेरॉइड की दिशा में परिवर्तन होता है, तो ये पृथ्वी पर भी गिर सकता है।

18 जनवरी को गुजरेगा एस्टेरॉइड

18 जनवरी को गुजरेगा एस्टेरॉइड

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा है कि, करीब 3 हजार 451 फीट का एस्टेरॉइड 18 जनवरी को पृथ्वी के सबसे ज्यादा करीब से गुजरेगा। नासा के सेंटर फॉर नियर अर्थ ऑब्जेक्ट स्टडीज के अनुसार, यह एस्टेरॉइड हमारी पृथ्वी के 12 लाख मील के भीतर से गुजरेगा और इस एस्टेरॉइड की रफ्तार 47 हजार 344 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी। नासा ने इस एस्टेरॉइड को उन संभावित एस्टेरॉइड की सूची में रखा गया है, जिनके पृथ्वी से टकराने की आशंका जताई गई है। इस एस्टेरॉइड को 7482 (1994 PC1) के रूप में जाना जाता है और इसे नासा के अनुसार 1994 में खोजा गया था।

नहीं थी पृथ्वी के करीब आने की उम्मीद

नहीं थी पृथ्वी के करीब आने की उम्मीद

नासा ने सबसे पहले 1994 में इस एस्टेरॉइड की तलाश की थी और किसी भी वैज्ञानिक को इस बात की उम्मीद नहीं थी, कि ये पृथ्वी के लिए इतना खतरनाक हो सकता है। पिछले 200 सालों में पृथ्वी के सबसे ज्यादा नजदीक आने वाला ये एस्टेरॉइड है और मंगलवार 18 जनवरी को शाम 4 बजकर 51 मिनट पर ये पृथ्वी के ठीक बगल से गुजरेगा। पृथ्वी की नजदीक से गुजरने वाले एस्टेरॉइड के पृथ्वी पर गिरने की संभावना इसलिए काफी ज्यादा बढ़ जाती है, क्योंकि पहली बात तो ये, कि अगर एस्टेरॉइड अपनी दिशा में परिवर्तन करता है, तो पृथ्वी के लिए खतरा होगा और दूसरी बात ये, कि अगर पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण एस्टेरॉइड को खींचता है, तो भी पर गिर सकता है।

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    2017 में पृथ्वी से टकरा सकता था एस्टेरॉइड

    2017 में पृथ्वी से टकरा सकता था एस्टेरॉइड

    सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, 18 जनवरी को पृथ्वी के बगल से गुजरने वाला ये एस्टेरॉइड विशालकाय तो है, लेकिन सबसे ज्यादा बड़ा एस्टेरॉइड नहीं है। 3122 फ्लोरेंस (1981 ET3) नाक का एस्टेरॉइड के नाम सबसे विशालकाय एस्टेरॉइड होने का सम्मान हासिल है, जो 2017 में पथ्वी से टकरा सकता था और वो एस्टेरॉइड एक सितंबर, 2017 को पृथ्वी से टकराने से चूक गया था। उस एस्टेरॉइड के 2.5 मील और 5.5 मील चौड़े होने का अनुमान था, वहीं वो एस्टेरॉइड साल 2057 में एक बार फिर से पृथ्वी के बेहद पास से गुजरेगा।

    दूरबीन से देखा जा सकेगा एस्टेरॉइड

    दूरबीन से देखा जा सकेगा एस्टेरॉइड

    EarthSky.com के मुताबिक, एस्टेरॉइड 7482 (1994 PC1) को खुली आंखों से नहीं देखा जा सकेगा, बल्कि एक छोटी दूरबीन के साथ शौकिया खगोलविद बेहद आसानी से इस एस्टेरॉइड को देख सकते हैं। आपको बता दें कि, ऐसे दर्जनों एस्टेरॉइड हैं, जिनके आने वाले वक्त में पृथ्वी से टकराने की काफी आशंका है, लिहाजा ऐसे एस्टेरॉइड को अंतरिक्ष में ही मार गिराने की टेक्नोलॉजी पर नासा काम कर रहा है और नासा का डार्ट मिशन इसी को लेकर है। पिछले साल नासा ने डार्ट मिशन के तहत एक स्पेसक्राफ्ट को लॉंच किया है, जो इस साल अंतरिक्ष में एक एस्टेरॉइड से टकराएगा और अगर नासा का स्पेसक्राफ्ट एस्टेरॉइड की गति और दिशा बदलने में कामयाब रहता है, तो ये नासा के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

    कैसे एस्टेरॉइड से होता है पृथ्वी को खतरा

    कैसे एस्टेरॉइड से होता है पृथ्वी को खतरा

    आपको बता दें कि, अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने पृथ्वी के 120 मिलियन मील के भीतर से गुजरने वाली किसी भी वस्तु कोनियर-अर्थ ऑब्जेक्ट (NEO) के रूप में वर्गीकृत किया है और ऐसे किसी ऑब्जेक्ट को पृथ्वी के लिए संभावित खतरा मानता है। इतनी कम दूरी से गुजरने वाले एस्टेरॉयड किसी भी वक्त अगर दिशा परिवर्तन करते हैं, तो पृथ्वी के लिए घातक साबित हो सकते हैं। इसीलिए नासा ने पिछले महीने एस्टेरॉयड पर हमला करने वाले स्पेसक्राफ्ट को लॉंच किया है, जो इस साल एस्टेरॉयड को अंतरिक्ष में मार गिराने की कोशिश करेगा, नासा ने इस मिशन का नाम 'डार्ट मिशन' रखा हुआ है। एस्टेरॉयड धरती के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकते हैं, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि, सौ से ज्यादा वैज्ञानिक लगातार एस्टेरॉयड को ट्रैक करते रहते हैं और ऐसे चट्टानों पर अपना कीमती वक्त बर्बाद करते रहते हैं।

    22 ऐस्टरॉइड से पृथ्वी को खतरा

    22 ऐस्टरॉइड से पृथ्वी को खतरा

    नासा ने अपनी रिपोर्ट में कई ऐस्टरॉइड को बेहद खतरनाक श्रेणी में रखा है और हाल के दिनों में पृथ्वी की कक्षा में दाखिल होने वाला ये पांचवां ऐस्टरॉइड है। आपको बता दें कि ऐस्टरॉइड को क्षुद्रग्रह भी कहा जाता है। नासा ने कहा है कि वो करीब 2 हजार से ज्यादा ऐस्टरॉइड पर नजर रख रहा है, जोआने वाले वक्त में पृथ्वी के लिए खतरा बन सकते हैं। नासा ने कहा है कि आने वाले 100 सालों में 22 ऐसे ऐस्टरॉइड हैं, जो पृथ्वी की कक्षा में शामिल होने के बाद पृथ्वी से टकरा सकते हैं। नासा का कहना है कि ऐसे ऐस्टरॉइड जो पृथ्वी से 46.5 मिलियन मील करीब आ जाता है, उसे वो डेंजरस कैटोगिरी में रखता है। नासा का सेंट्री सिस्टम इस तरह के ऐस्टरॉइड पर नजर रखता है।

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