38 देशों में फैला ओमिक्रॉन, इस वैरिएंट से अभी तक कोई मौत नहीं: WHO
नई दिल्ली, 05 दिसंबर: कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के चलते दुनियाभर में दहशत का माहौल है। इसी डब्ल्यूएचओ ने शुक्रवार को कहा कि, अभी तक 38 देशों में ओमिक्रॉन वैरिएंट का पता चला है, लेकिन किसी भी देश में इस वैरिएंट से अभी तक मौत नहीं हुई है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि ओमिक्रॉन कितना ज्यादा संक्रामक है और यह कितना गंभीर रूप से बीमार करता है और इस पर मौजूदा वैक्सीन्स का असर होगा या नहीं... यह पता चलने में अभी हफ्तों का समय लग सकता है।

यूएस और ऑस्ट्रेलिया ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामलों की पुष्टि करने वाले नवीनतम देश हैं। डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि यह निर्धारित करने में हफ्तों लग सकते हैं कि नया वैरिएंट कितना संक्रामक है, क्या यह अधिक गंभीर बीमारी का कारण बनता है और इसके खिलाफ कितने प्रभावी उपचार और टीके हैं। अमेरिका के कई राज्यों में ओमिक्रॉन वेरिएंट फैल चुका है। कैलिफोर्निया में पहला ज्ञात मामला सामने आने के ठीक एक दिन बाद जांच से पता चला कि ओमिक्रॉन ने न्यूयॉर्क शहर में कम से कम पांच लोगों को संक्रमित किया, साथ ही मिनेसोटा का एक व्यक्ति संक्रमित पाया गया है।
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डब्ल्यूएचओ ने शुक्रवार को कहा कि मुझे अभी भी ओमिक्रॉन से संबंधित मौतों की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन नए संस्करण के प्रसार ने चेतावनी दी है कि यह अगले कुछ महीनों में यूरोप के आधे से अधिक कोरोना मामलों का कारण बन सकता है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने शुक्रवार को कहा कि नया वैरिएंट वैश्विक आर्थिक सुधार को भी धीमा कर सकता है, जैसा कि डेल्टा स्ट्रेन ने किया था।
उन्होंने कहा कि, ओमीक्रॉन दुनिया के कम से कम 38 देशों में फैल चुका है ।इसके चलते हम सबको वैश्विक विकास के लिए अपने अक्टूबर के अनुमानों में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है। एक नया संस्करण जो बहुत तेज़ी से फैल सकता है और आत्मविश्वास को कम कर सकता है। कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट ने एशिया में भी पैर पसारना शुरू कर दिया है। भारत के अलावा ये वैरिएंट मलेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका में भी मिला है।












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