बच्चों की जिंदगी पर कहर बरपा रहा ओमिक्रॉन, न्यूयॉर्क के अस्पतालों में क्षमता से चार गुना ज्यादा संक्रमित बच्चे
अमेरिका में कोराना वायरस का ओमिक्रॉन वेरिएंट कहर बरपा रहा है और अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों में 50 फीसदी से ज्यादा बच्चे हैं।
न्यूयॉर्क, दिसंबर 27: कोरोना वायरस के नये ओमिक्रॉन वेरिएंट में बच्चों की जिंदगी पर सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है और बच्चों को जिंदगी कैसे बचाई है, इस टेंशन ने पैरेंट्स की आंखों की नींद छीन ली है। अमेरिका के अस्पतालों में भर्ती होने वाले बच्चों की जिस तरह से तादाद बढ़ी है, उससे प्रशासन के पैरों तले जमीन को खिसका किया है। न्यूयॉर्क के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि, अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों में बच्चों की बाढ़ है और तस्वीरें दर्दनाक हैं।

अस्पताल में बच्चों की भीड़
अमेरिका में ओमिक्रॉन वेरिएंट के बढ़ते मामलों के बीच न्यूयॉर्क के स्वास्थ्य अधिकारियों ने रिपोर्ट दी है कि, अस्पताल में भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या रिकॉर्ड संख्या के साथ बढ़ गई है। वहीं, अमेरिका में कोविड परीक्षण काफी मुश्किल से हो रहा है और कोविड की जांच करने वाले किट की संख्या काफी ज्यादा कमी होने की वजह से ज्यादातर मरीजों का टेस्ट नहीं हो पा रहा है, जिससे स्थिति और खराब होने की आशंका जताई जा रही हैं। हालांकि, व्हइट हाउस ने यकीन दिलाते हुए कहा है कि, कोविड जांच की संख्या को जल्द से जल्द बढ़ाया जाएगा। लेकिन, सबसे दिक्कत इस बात को लेकर है, कि कोविड ने इस बार उस आबादी को टारगेट किया है, जो अब तक खतरे से बची हुई थी।

स्वास्थ्य अधिकारियों की चेतावनी
न्यूयॉर्क स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ ने शुक्रवार को एक बयान में "कोविड -19 से जुड़े बाल चिकित्सा अस्पतालों को लेकर चेतावनी जारी की है और कहा है कि, अस्पतालों के ऊबर लोड काफी ज्यादा पड़ चुका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि, अस्पताल में क्षमता से चार गुना ज्यादा कोविड संक्रमित गंभीर बच्चों को भर्ती किया गया है और अभी भी मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि, अस्पतालों में भर्ती होने वाले ज्यादातर बच्चों की उम्र पांच साल से कम हैं, जो अभी वैक्सीन लेने की उम्र में नहीं पहुंचे हैं।

अमेरिका में कोविड की विकराल स्थिति
कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा परेशान दुनिया के सबसे ज्यादा शक्तिशाली देश अमेरिका को परेशान किया है और अमेरिका में अब तक 8 लाख से ज्यादा लोगों की मौत कोरोना वायरस की वजह से हो चुकी है। वहीं, जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले सात दिनों में प्रतिदिन औसतन लगभग एक लाख 90 हजार से ज्यादा नये मरीज मिल रहे हैं और अमेरिका में कोविड-19 का संक्रमण एक बार फिर से रॉकेट की रफ्तार से बढ़ा है और सबसे चिंताजनक बात बच्चों का संक्रमित होना है।

क्रिसमस ने संक्रमण को और बढ़ाया
एक तरफ ओमिक्रॉन वेरिएंट के फैलने की रफ्तार डेल्टा से काफी ज्यादा है, दूसरी तरफ अमेरिका में क्रिसमस के मौके पर लोगों ने सारी गाइडलाइंस को पांवों तले रौंद दिया और पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका में लोगों ने इस तरह से क्रिसमस और नये साल का जश्न मनाना शुरू किया है, मानो धरती खत्म होने वाली है। जिससे अमेरिका में कोविड की रफ्तार काफी तेजी से बढ़ी है और इतनी संख्या में लोगों की जांच अस्पतालों में नहीं हो पा रही है और स्थिति दिनों दिन बिगड़ती जा रही है।

बाइडेन प्रशासन ने टेके घुटने?
अमेरिका में एक तरफ कोरोना वायरस लोगों के ऊपर कहर बरपा रहा है, तो दूसरी तरफ सरकार के स्वास्थ्य अधिकारियों की तरफ से माना गया है कि, देश में कोविड समस्या काफी बड़ी हो गई है और सरकार ने जांच में कमी की बात को स्वीकार किया है। शीर्ष अमेरिकी महामारी सलाहकार डॉ. एंथोनी फाउची ने रविवार को स्वीकार किया है कि, देश में कोविड परीक्षण की कमी का होना एक बड़ी समस्या है और डॉ. फाउची ने अगले महीने अमेरिकियों के लिए और परीक्षण उपलब्ध कराने की कसम खाई है। डॉ. फाउची ने एबीसी न्यूज को बताया कि, "सबसे बड़ी समस्या ये है कि, अभी हम हर किसी का टेस्ट नहीं कर पा रहे हैं और जनवरी तक सभी के लिए पूरी तरह से टेस्ट किट उपलब्ध नहीं होगा और लोगों को परीक्षण करने में परेशानी हो रही है।"

ओमिक्रॉन की भयानक रफ्तार
अमेरिका के महामारी विशेषज्ञ डॉ. फाउची ने रविवार को जोर देकर कहा कि, प्रशासन कोविड स्पाइक से निपटने के लिए तैयार है और उन्होंने जोर देकर कहा कि ओमिक्रॉन वेरिएंट "असाधारण रूप से संक्रामक" है। उन्होने माना कि, अस्पतालों के ऊपर भारी बोझ पड़ा है और नये कोविड वेरिएंट की वजह से अमेरिका में सैकड़ों उड़ानों को रद्द करने के लिए मजबूर किया है, क्योंकि बार बार क्रू कोविड 19 से संक्रमित हो जाते हैं और फ्लाइट उड़ाने और संचालन व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों की भारी कमी पैदा हो गई है।

दक्षिण अफ्रीका से काफी अलग प्रभाव
दक्षिण अफ्रीका और ब्रिटेन में हाल के अध्ययनों से संकेत मिला था कि ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित मरीजो में लक्षण कम खतरनाक हैं और उन्हें अस्पतालों में भर्ती करवाने की नौबत कम आ रही है, लेकिन अमेरिका में स्थिति इसके ठीक उलट है। अमेरिका में ज्यादातर मरीजों को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ रहा है। वहीं, दक्षिण अफ्रीका और ब्रिटेन में मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ रही थी, लेकिन अमेरिका में मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है और ओमिक्रॉन वेरिएंट के मरीजों में तेज लक्षण मिल रहे हैं।












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