‘भारत के खिलाफ एकजुट हों विश्व के 1.5 अरब मुसलमान’, OIC में इमरान खान ने जमकर उगले जहर
ओआईसी में बोलते हुए इमरान खान ने कहा कि, दुनिया में डेढ़ अरब मुसलमान रहते हैं, लेकिन अभी तक फिलीस्तीन और कश्मीर का मुद्दा सुलझाने में नाकामयाब रही है।
इस्लामाबाद, मार्च 22: पाकिस्तान में आयोजित इस्लामिक सहयोग संगठन की बैठक के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत के खिलाफ जमकर जहर उगला है और दुनिया के डेढ़ अरब मुसलमानों को भारत के खिलाफ खड़े होने की अपील की है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को इस्लामाबाद में संसद भवन में इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के 48वें विदेश मंत्रियों की परिषद (CFM) के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण दिया। जिसमें उन्होंने भारत के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली है।

इस्लामोफोबिया पर बोले इमरान खान
संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) द्वारा हाल ही में इस्लामोफोबिया के खिलाफ एक प्रस्ताव को अपनाने के लिए पीएम ने मुस्लिम देशों को बधाई देते हुए अपना भाषण शुरू किया था। आपको बता दें कि, पिछले हफ्ते यूनाइटेड नेशंस ने हर साल 15 मार्च को इस्लामोफोबिया का मुकाबला करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में घोषित करने का प्रस्ताव अपनाया है। इमरान खान ने आगे कहा कि, दुनिया अब महसूस कर रही है कि इस्लामोफोबिया एक वास्तविकता है और इससे निपटने के लिए और अधिक करने की जरूरत है। इमरान खान ने न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में एक मस्जिद पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि, "इस्लाम की तुलना ही आतंकवाद से क्यों की गई?" इमरान खान ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि, मुस्लिम दुनिया मुसलमानों की इस छवि का मुकाबला करने में सक्षम नहीं है। और फिर इतना कहने के बाद इमरान खान अपने फेवरेट टॉपिक भारत पर आ गये और फिर जमकर भड़ास निकालनी शुरू कर दी।

कश्मीर मुद्दे पर बोले इमरान
ओआईसी में बोलते हुए इमरान खान ने कहा कि, दुनिया में डेढ़ अरब मुसलमान रहते हैं, लेकिन अभी तक फिलीस्तीन और कश्मीर का मुद्दा सुलझाने में नाकामयाब रही है। इमरान खान ने कश्मीर पर बोलते हुए कहा कि, 'हमारा कश्मीर के ऊपर कोई प्रभाव नहीं है और वो हमें गंभीरता से नहीं ले रहे हैं'। इमरान खान न कश्मीर मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि, 'कश्मीर में रहने वाले लोगों को आत्मनिर्णय का अधिकार नहीं दिया जा रहा है'। इमरान खान ने इस्लामिक देशों के प्रतिनिधियों के सामने कहा कि, 'भारत कब्जे वाले क्षेत्र की जनसांख्यिकी को बदल दिया है, जो एक "युद्ध अपराध" था।'

संयुक्त मोर्चा बनाने की जरूरत
इमरान खान ने आगे कहा कि, 'भारत कश्मीर को लेकर प्रेशर महसूस नहीं करता है, क्योंकि भारत पर दवाब नहीं डाला जाता है।' इमरान खान ने कहा कि, 'हर देश की विदेश नीति अलग अलग होती है, लिहाजा, उसपर मैं कुछ नहीं कहना चाहता हूं, लेकिन हमें इसके खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाने की जरूरत है। नहीं तो कश्मीर और फिलीस्तीन में अत्याचार होते रहेंगे'। इमरकान खान ने आगे कहा कि, इस्लामोफोबिया की इस लहर के जवाब में कुछ मुस्लिम राष्ट्राध्यक्षों ने कहा कि वे उदारवादी मुसलमान हैं और जब आप यह कहते हैं, तो आप स्वचालित रूप से कहते हैं कि कुछ चरमपंथी मुसलमान हैं।" वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि, 'विदेशी हस्तक्षेप की वजह से मुस्लिम देशों में आतंकवाद फैल रहा है'।

‘भारत-पाकिस्तान में संघर्ष का खतरा’
वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी इस्लामिक देशों के संगठन की बैठक में कश्मीर को लेकर काफी झूठ बोले। विदेश मंत्री ने कहा, "फिलिस्तीन के मुसलमान और भारतीय अवैध रूप से कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर अभी भी घृणित अधीनता के दौर से गुजर रहे हैं। पिछले सात दशकों से, उन्होंने आत्मनिर्णय के अपने अटूट अधिकार को हासिल करने के लिए संघर्ष किया है।" उन्होंने कहा कि, 'मुस्लिम देशों में लगातार बाहरी हस्तक्षेप के कारण मुसलमानों में नाराजगी बढ़ रही है। दुनिया भर में दो-तिहाई से अधिक शरणार्थी सिर्फ पांच देशों से आते हैं: सीरिया, अफगानिस्तान, दक्षिण सूडान, म्यांमार और सोमालिया।" कुरैशी ने कहा कि, 'कश्मीर में भारत संयुक्त राष्ट्र और ओआईसी के प्रस्तावों का उल्लंघन कर रहा है, लिहाजा भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष का खतरा भी बढ़ गया है'












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