‘उत्तर कोरिया ने रूस को हथियार दिया तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी’, अमेरिका ने किम जोंग उन को दी चेतावनी
रूस और यूक्रेन के बीच बीते डेढ़ साल से भी अधिक समय से जंग जारी है। रूस को इस युद्ध में भारी मात्रा में हथियार की खपत हुई है। ऐसे में रूस चाहता है कि दूसरे देशों से उसे गोला-बारूद मिले। कुछ रिपोर्ट के मुताबिक रूस ने उत्तर कोरिया से हथियार की मांग भी की है।
अब इसे लेकर अमेरिका ने उत्तर कोरिया को चेतावनी दी है। अमेरिका के शीर्ष अधिकारी ने चेताया है कि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में अगर उत्तर कोरिया ने रूस को हथियारों की आपूर्ति की तो उसे इसकी 'भारी कीमत' चुकानी होगी।

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने मंगलवार को एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि अमेरिका का मानता है कि रूस और उत्तर कोरिया के बीच बातचीत 'सक्रिय रूप से' आगे बढ़ रही है।
उत्तर कोरिया के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सुलिवन ने कहा, "हमारे द्वारा किए गए वर्तमान विश्लेषण से पता चलता है कि उत्तर कोरिया और रूस के बीच चर्चा (यूक्रेन युद्ध में सैन्य सहायता प्रदान करने के संबंध में) के बीच बातचीत सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही है।"
सुलिवन ने आगे कहा कहा, "मैं उत्तर कोरिया के इरादों के बारे में कोई भी अटकलें नहीं लगा सकता हूं। मैं बस इस वक्त इतना कह रहा हूं कि उत्तर कोरिया, यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद करते हुए उसको हथियार दे सकता है जिससे मॉस्को, यूक्रेन के कई शहरों पर हमला कर सकता है।"
अमेरिका अधिकारी की ये टिप्पणी ऐसे वक्त में आई है जब उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन इस महीने रूस की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। इस दौरान वे हथियारों की बातचीत को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत करेंगे।
एक अमेरिकी अधिकारी ने ब्रिटिश वेबसाइट द गार्जियन को नाम न छापने की शर्त पर कहा था कि अपेक्षित बैठक का विवरण अभी भी स्पष्ट नहीं है, लेकिन उत्तर कोरिया से इसकी निकटता को देखते हुए, यह रूसी बंदरगाह शहर व्लादिवोस्तोक में होने की संभावना है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों नेताओं को ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम व्लादिवोस्तोक में 10 से 13 सितंबर तक चलने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेना है। इसके अलावा किम की पियर 33 की यात्रा की भी योजना है, जहां रूस के प्रशांत बेड़े के नौसैनिक जहाज रुकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुतिन उत्तर कोरियाई तोपखाने के गोले और एंटीटैंक मिसाइलों को हासिल करना चाहते हैं। वहीं, इसके बदले में किम जोंग उन रूस से सैटेलाइन और न्यूक्लियर सबमरीन के लिए टेक्नोलॉजी चाहते हैं। इसके अलावा किम जोंग उन अपने देश के लिए खाद्य सहायता भी चाहते हैं।












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