परमाणु और पुराने हथियारों को लेकर किम जोंग का बड़ा फैसला, दुनिया में मची खलबली
Kim Jong Un News in Hindi: उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अपनी सैन्य नीति में बड़ा बदलाव करने का संकेत दिया है। अब वह केवल परमाणु हथियारों पर निर्भर नहीं रहना चाहते, बल्कि अपने पुराने और जंग खा चुके पारंपरिक हथियारों को भी उन्नत करने पर जोर दे रहे हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध ने उन्हें यह स्पष्ट संदेश दिया कि युद्ध के मैदान में शुरुआती टकराव टैंक, तोप और ड्रोन जैसे पारंपरिक हथियारों से होता है। इस नीति बदलाव से उत्तर कोरिया अपनी सेना को अधिक आधुनिक और सक्षम बनाने का प्रयास कर रहा है।

पारंपरिक हथियारों में सुधार की तैयारी
किम जोंग उन ने हाल ही में एक आर्मर्ड व्हीकल संस्थान का दौरा किया और संकेत दिया कि अगले साल होने वाली वर्कर्स पार्टी की बैठक में उनकी नई सैन्य नीति की घोषणा होगी। इसमें पारंपरिक और परमाणु दोनों हथियारों को एकसाथ आगे बढ़ाने पर जोर होगा। देश की पारंपरिक सेना दशकों पुराने सोवियत हथियारों पर निर्भर है, लेकिन रूस की मदद से इसमें तेजी से सुधार करने की संभावना बन रही है।
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रूस-यूक्रेन युद्ध से मिली सीख
उत्तर कोरिया ने लगभग 15,000 सैनिक रूस के कुरस्क इलाके में भेजे, जहां उन्होंने युद्ध के दौरान आधुनिक हथियारों की कमी को देखा। इस अनुभव ने किम को पारंपरिक हथियारों की उन्नति की दिशा में प्रेरित किया। रूस की मदद से उन्हें नकद राशि, तकनीक, खाद्य सामग्री और तेल जैसी सहायता भी मिल रही है, जिससे सैन्य सुधार की राह आसान हो रही है।
ड्रोन और नौसैनिक ताकत पर फोकस
किम जोंग उन ने हाल के भाषणों में नौसैनिक ताकत बढ़ाने और हथियारों की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया। यूक्रेन युद्ध में ड्रोन हमलों से मिली सीख के बाद किम ने ड्रोन तकनीक पर काम तेज कर दिया है। नए आत्मघाती और निगरानी ड्रोन का निरीक्षण करते हुए उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित क्षमताओं को प्राथमिकता देने का आदेश दिया।
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एयर डिफेंस में सुधार की चुनौती
उत्तर कोरिया की सबसे बड़ी कमजोरी उसका वायु रक्षा तंत्र है। हालांकि हाल ही में किम ने नए एयर-डिफेंस मिसाइल का परीक्षण देखा, और रूस से एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल और अन्य उपकरण मिल रहे हैं। इस कदम से देश की सुरक्षा क्षमता में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।









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