IPL: कभी RCB ने टीम से निकाला, अब धोनी-रोहित के खास क्लब में रजत पाटीदार की एंट्री!
RCB ने साल 2025 में रजत पाटीदार की कप्तानी में आईपीएल ट्रॉफी जीतकर अपना 18 साल लंबा इंतजार खत्म किया था। इस ऐतिहासिक जीत से करोड़ों RCB फैंस और खिलाड़ियों का बरसों पुराना सपना पूरा हो गया था, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज बेंगलुरु के 'मसीहा' बने रजत पाटीदार को कभी इसी टीम ने खराब प्रदर्शन की वजह से बाहर का रास्ता दिखा दिया था?
घरेलू क्रिकेट में लगातार रनों का अंबार लगाने के बावजूद वह लंबे समय तक अंडररेटेड रहे। लेकिन आज पाटीदार की कप्तानी और खेल की दुनिया कायल है। उन्होंने लगातार दो बार (2025 और 2026) RCB को फाइनल में पहुंचाकर महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज कप्तानों के एक बेहद खास और ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
आइए जानतें हैं रजत पाटीदार के फर्श से अर्श तक पहुंचने की पूरी कहानी और आरसीबी के इन रिकॉर्ड्स के बारे में...

धोनी और रोहित के साथ क्यों जुड़ रहा है रजत पाटीदार का नाम?
रजत पाटीदार अब आईपीएल इतिहास के उन चुनिंदा और दिग्गज कप्तानों के ग्रुप में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने लगातार दो आईपीएल फाइनल में अपनी टीम का नेतृत्व किया है। वह आईपीएल इतिहास में ऐसा करने वाले केवल पांचवें कप्तान बने हैं। इस लिस्ट में महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और श्रेयस अय्यर जैसे कप्तानों का नाम शामिल है।
लगातार आईपीएल फाइनल तक पहुंचाने वाले कप्तानों की लिस्ट:
- महेंद्र सिंह धोनी (2010, 2011)
- रोहित शर्मा (2019, 2020)
- हार्दिक पानाड्या (2022, 2023)
- श्रेयस अय्यर (2024, 2025)
- रजत पाटीदार (2025, 2026)
जब टैलेंट को नहीं मिली पहचान, लंबा और संघर्ष भरा रहा सफर
रजत पाटीदार आज जिस बड़े मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने लंबा और कठिन सफर तय किया है। शुरुआती दिनों में उन्हें न तो जल्दी पहचान मिली और न ही एज-ग्रुप टीमों में आसानी से जगह। कई बार उन्हें असफलता और चोटों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने 30 अक्टूबर 2015 को रणजी ट्रॉफी से अपने प्रथम श्रेणी (First-Class) करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद 2018-19 रणजी ट्रॉफी में मध्य प्रदेश के लिए सबसे ज्यादा 713 रन बनाकर वह सुर्खियों में आए। साल 2024-25 की सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में वे मध्य प्रदेश के कप्तान बने और 9 पारियों में 61.14 की औसत और 186.08 के तूफानी स्ट्राइक रेट से 428 रन कूट डाले। फाइनल में खेली गई उनकी 40 गेंदों में 81 रनों की पारी ने उन्हें घरेलू क्रिकेट का बॉस बना दिया।
2022 का आईपीएल बना टर्निंग पॉइंट
रजत पाटीदार को फरवरी 2021 में आरसीबी ने खरीदा था, लेकिन 4 मैचों में महज 71 रन बनाने के बाद उन्हें 2022 की नीलामी से पहले रिलीज कर दिया गया। आईपीएल 2022 के मेगा ऑक्शन में वह अनसोल्ड (कोई खरीदार नहीं मिला) रहे। लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था; लुवनिथ सिसोदिया के चोटिल होने के बाद आरसीबी ने उन्हें मिड-सीजन में बतौर रिप्लेसमेंट ₹20 लाख की बेस प्राइस पर वापस बुलाया।
25 मई 2022 को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में पाटीदार ने केवल 54 गेंदों में नाबाद 112 रन ठोक दिए। इस पारी के साथ वह आईपीएल इतिहास के पहले ऐसे अनकैप्ड खिलाड़ी बने जिसने प्लेऑफ मैच में शतक लगाया। उनकी यह पारी प्लेऑफ इतिहास की संयुक्त रूप से सबसे तेज (49 गेंद) सेंचुरी भी थी, जिससे उन्होंने ऋद्धिमान साहा के रिकॉर्ड की बराबरी की थी। इस प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय वनडे टीम में भी जगह मिली।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और रजत पाटीदार के नाम दर्ज हुए ये बड़े रिकॉर्ड्स
रजत पाटीदार की कप्तानी और बल्लेबाजी के दम पर आरसीबी ने क्रिकेट इतिहास में कई बड़े कीर्तिमान स्थापित किए हैं:
- तीसरी सबसे सफल फाइनलिस्ट: आरसीबी ने आईपीएल इतिहास में पांचवीं बार (2009, 2011, 2016, 2025, 2026) फाइनल में जगह बनाई है। वह चेन्नई (10) और मुंबई (6) के बाद सबसे ज्यादा फाइनल खेलने वाली तीसरी टीम है।
- प्लेऑफ की दूसरी सबसे बड़ी जीत: इसी सीजन में बेंगलुरु ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ धर्मशाला में 92 रनों से बड़ी जीत दर्ज की, जो आईपीएल प्लेऑफ इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी जीत है।
- छक्कों का सबसे तेज डबल म्यूटेशन: रजत पाटीदार ने टी20 क्रिकेट में महज 105 पारियों में अपने 200 छक्के पूरे कर लिए हैं। वह इस आंकड़े तक पहुंचने वाले सबसे तेज भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने अभिषेक शर्मा (125 पारी) का रिकॉर्ड तोड़ा।
- प्लेऑफ का सबसे बड़ा स्कोर: आईपीएल 2022 में आरसीबी ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 254/5 का स्कोर बनाया था, जो आईपीएल प्लेऑफ का सबसे बड़ा टोटल है। यह आरसीबी के इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर भी है।














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