Maharashtra: सावंतवाड़ी रेलवे स्टेशन को मिली नई पहचान, Station को कोंकण रेलवे के जनक का दिया गया नाम
Savantwadi Railway Station Name Change: महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने बुधवार को कई अहम निर्णय लेते हुए कोंकण क्षेत्र को बड़ी सौगात दी है। इनमें सावंतवाड़ी रेलवे स्टेशन का नाम बदलने से लेकर जनगणना 2027 के मद्देनजर सरकारी कर्मचारियों के तबादला नियमों में ढील और न्यू नागपुर परियोजनाओं से जुड़े आर्थिक प्रोत्साहन शामिल हैं। ये फैसले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुए कैबिनेट बैठक में लिए गए।
सावंतवाड़ी स्टेशन का क्या होगा नाम?
कैबिनेट ने सावंतवाड़ी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर 'लोकमान्य मधु दंडवते रेलवे टर्मिनस' करने को मंजूरी दे दी है। यह प्रस्ताव अब केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यह निर्णय कोंकण रेलवे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय मधु दंडवते के योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है।

कौन थे लोकमान्य मधु दंडवते?
लोकमान्य मधु दंडवते भारत के एक प्रसिद्ध समाजवादी नेता, अर्थशास्त्री और पूर्व रेल मंत्री थे, जिन्हें कोंकण रेलवे का प्रमुख प्रेरक और "जनक" माना जाता है क्योंकि उन्होंने इस कठिन भौगोलिक क्षेत्र में रेलवे लाइन बनाने की अवधारणा को आगे बढ़ाने और उसे व्यावहारिक रूप देने में अहम भूमिका निभाई थी। पश्चिमी घाट की पहाड़ियों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर मजबूत प्रयास किए, जिससे महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
कोंकण रेलवे के जनक को श्रद्धांजलि
स्वर्गीय मधु दंडवते को कोंकण रेलवे परियोजना को साकार करने में उनकी निर्णायक भूमिका के लिए जाना जाता है। रेल और वित्त मंत्री के रूप में उनके योगदान को देखते हुए लंबे समय से उनके नाम पर किसी प्रमुख रेलवे स्टेशन के नामकरण की मांग की जा रही थी।
जनगणना 2027 को लेकर तबादला नियमों में किया संशोधन
मंत्रिमंडल ने जनगणना 2027 के पहले चरण को ध्यान में रखते हुए राज्य कर्मचारियों के सामान्य तबादलों की समय सीमा बढ़ाकर 30 जून 2026 कर दी है। इसके लिए राज्य के ट्रांसफर कानून में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों की निरंतरता सुनिश्चित करना है।
जनगणना का पहला चरण 16 मई से 14 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें मकानों की सूची और आवास गणना शामिल होगी। इस दौरान संबंधित कर्मचारियों के तबादलों पर रोक जैसी स्थिति से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
न्यू नागपुर और आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट को राहत
कैबिनेट ने न्यू नागपुर और आउटर रिंग रोड परियोजनाओं के लिए निजी भूमि की सीधी खरीद पर स्टांप और पंजीकरण शुल्क में छूट को मंजूरी दी है। इससे परियोजना लागत में कमी आएगी और विकास कार्य तेज होंगे।
न्यू नागपुर में बनेगा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र
न्यू नागपुर में हिंगना तालुका के गोधानी और लाडगांव क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं वित्त केंद्र विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही 148 किलोमीटर लंबी बाहरी रिंग रोड और चार प्रमुख ट्रांसपोर्ट हब भी बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है।












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