नॉर्थ कोरिया ने फिर किया मिसाइल का परीक्षण, कहा अमेरिका तक है रेंज
प्योंगयांग। उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को देर रात बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च कर दुनिया में एक बार फिर से हड़कंप मचा दिया है। मिसाइल लॉन्च के बाद उत्तर कोरियाई तानाशाह कीम जोंग उन ने कहा है कि उनकी यह नई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल की रेंज पूरे अमेरिका तक है। किम के अनुसार यह मिसाइल किसी भी वक्त दुनिया के कोई भी कोने पर अटैक कर सकती है।


खौफ पैदा कर रहा है उत्तरी कोरिया- यूएस
अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप के युद्ध की चेतावनी के बाद उत्तर कोरिया ने अपने न्यूक्लियर-स्ट्राइक में तेजी लाते हुए एक ही माह में दूसरी मिसाइल लॉन्च कर दी है। उत्तर कोरिया के इस मिसाइल टेस्ट के बाद अमेरिका ने इसे 'लापरवाह और खतरनाक' बताया है। वहीं, प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा कि इस प्रकार के हथियारों और टेस्ट से ना सिर्फ दुनिया में खौफ पैदा होता है बल्कि उत्तर कोरिया को दुनिया अलग-थलग भी करती है।

यूए, रूस और जापान सभी है चिंतित
आपको बता दें कि उत्तर कोरिया ने शुक्रवार रात को जिस मिसाइल को लॉन्च किया था वो जापान के समुद्री क्षेत्र में जा गिरी। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे के अनुसार यह मिसाइल जापान के एक्सक्लुजिव इकोनॉमिक जॉन में आकर गिरी है।
अमेरिकी नैवी कैप्टन जेफ डेविस के अनुसार, 'हमें लगता है कि यह एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल थी और इसकी प्रक्षेप्य क्षमता करीब 1000 किमी थी'। वहीं, रूस ने इस बैलिस्टिक मिसाइल को 'मीडियम रैंज' मिसाइल कहा है।
उत्तरी कोरिया ने यह मिसाइल अपन 'विजय दिवस' के मौके पर लॉन्च की है। इस दिन कोरियाई युद्ध (1950-53) खत्म हुआ था। उत्तर कोरिया किसी न किसी विशेष दिन पर मिसाइल लॉन्च कर दुनिया में हड़कंप मचाता रहा है।

अमेरिका को फोकस करने की जरूरत
यूएस-कोरिया इंस्टिट्यूट के जॉह्नस होपिंक्स यूनिवर्सिटी में उत्तरी कोरिया के न्यूक्लियर प्रोग्राम के बारे में रिसर्च कर रहे जॉई विट के अनुसार, शुक्रवार के इस टेस्ट ने वॉशिंगटन को सोचने और सुरक्षा संकट के बारे में हल निकालने के लिए मजबूर कर दिया है। विट ने कहा, 'उत्तर कोरिया का एक और टेस्ट जो यह दिखाता है कि आने वाले वक्त में इस प्रकार की मिसाइल यूएस तक पंहुच सकती है। इस खतरनाक परिस्थितियों में ट्रंप प्रशासन को फोकस करने की जरूरत है'।

सभी के लिए निराशा है ये मिसाइल
इस लॉन्च के बाद यूएन प्रवक्ता फरहाद हक अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे दुनिया के लिए 'निराशा' बताया है। उनके अनुसार, सुरक्षा चिंता के लिहाज से कोरियाई प्रायद्वीप अब अनियंत्रित हो चुका है। हक ने कहा कि इस खतरे से निजात पाने के लिए 'सभी देश व्यक्तिगत रूप से मदद करें'।
इस बीच, ऐसा लग रहा कि शायद शनिवार तक अमेरीकी सेना भी अलास्का में मिसाइल-इंटरसेप्ट सिस्टम का एक और परीक्षण कर लेगी ।












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