North Korea: उत्तर कोरिया ने सॉलिड फ्यूल ICBM मिसाइल का किया परीक्षण, किम जोंग का नया हथियार कितना घातक है?
उत्तर कोरिया ने 2022 में रिकॉर्ड संख्या में हथियारों का परीक्षण किया था और इस साल भी उत्तर कोरिया मिसाइल लॉन्च की रफ्तार को बनाए रखेगा।

North Korea solid-fuel ICBM Test: उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को दावा किया है, कि उसने सॉलिड फ्यूल ICBM मिसाइल का कामयाब परीक्षण किया है।
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया केसीएनए ने दावा किया है, कि सॉलिड फ्यूल ICBM टेस्ट, देश की रक्षा क्षमताओं के विकास में बेहद अहम पड़ाव है और इससे देश की परमाणु क्षमता में इजाफा होगा।
वहीं, दक्षिण कोरिया की सेना ने गुरुवार को दावा किया था, कि उत्तर कोरिया ने शायद एक नए प्रकार की बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है। वहीं, उत्तर कोरिया के मिसाइल टेस्ट के बाद जापान ने अपने एक द्वीप के लोगों को बंकर में भेज दिया था।
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने किम जोंग उन की कुछ तस्वीरें प्रकाशित की हैं, जो अपनी छोटी बेटी के साथ काले और सफेद रंग में रंगे मिसाइल के धुएं के बादल में दिखाई दे रहे हैं। उनके चेहरे की मुस्कान से पता चलता है, कि ये मिसाइल टेस्ट कामयाब रहा है।
आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने कहा, कि "एक नए प्रकार की अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल 'ह्वासुंग-18' का परीक्षण गुरुवार को रणनीतिक सैन्य बल की ताकत बढ़ाने के लिए किया गया है।"
पूरे परिवार के साथ देखा मिसाइल परीक्षण
केसीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अपने पूरे परिवार के साथ इस मिसाइल परीक्षण को देखा है। इस समय उनकी छोटी बेटी के अलावा उनकी पत्नी भी मौजूद थीं।
दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने कहा, कि उत्तर कोरियाई मिसाइल को गुरुवार को राजधानी प्योंगयांग के पास एक स्थान से सुबह 7:23 बजे (बुधवार को 22:23 जीएमटी) एक ऊंचे कोण पर लॉन्च किया गया था।
ये मिसाइल मध्यम श्रेणी या उससे लंबी हो सकती है। वहीं, समुद्र में गिरने से पहले इस मिसाइल ने कोरियाई प्रायद्वीप और जापान के बीच पानी की दिशा में लगभग 1,000 किमी तक उड़ान भरी थी।
केसीएनए के मुताबिक, किम जोंग उन ने कहा, कि नया हथियार "हमारे रणनीतिक प्रतिरोध को पुनर्गठित करेगा और हमारे परमाणु जवाबी हमले की प्रभावशीलता को मजबूत करेगा।"
किम जोंग उन ने आगे कहा, कि "हम घातक बल के साथ हमला करेंगे और आक्रामक रूप से तब तक जवाब देंगे, जब तक कि दुश्मन अपनी बकवास रणनीति और मूर्खतापूर्ण हरकतों को बंद नहीं कर देता है।"
सॉलिड फ्यूल ICBM टेस्ट
उत्तर कोरिया ने अभी तक जितनी भी मिसाइलों का परीक्षण किया है, वो लिक्विड फ्यूल मिसाइलें थीं और पहली बार ऐसा हुआ है, जब उत्तर कोरिया ने सॉलिड फ्यूल ICBM का टेस्ट किया है।
सॉलिड फ्यूल ICBM टेस्ट करना उत्तर कोरिया की लंबे अर्से से इच्छा रही है, लेकिन अभी तक वो कामयाब नहीं हो पा रहा था। इस मिसाइल को जमीन या पनडुब्बियों से लॉन्च किया जा सकता है।
इस तरह की मिसाइलों को स्टोर करना और परिवहन करना काफी आसान होता है। इसके साथ ही, इसकी लॉन्चिंग और भी ज्यादा सटीक और स्थिर होती हैं और इस तरह की मिसाइलों का पता लगाना और उन्हें नष्ट करना काफी मुश्किल माना जाता है।
आसन इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिसी स्टडीज के एक शोधकर्ता गो मायोंग-ह्यून ने एएफपी को बताया, कि उत्तर कोरिया ने "अपने नए हथियारों के साथ उकसावे के अपने पैटर्न को फिर से दोहराया है।"
उन्होंने कहा, कि "पहले इसने फरवरी में एक सैन्य परेड में मिसाइल का प्रदर्शन करने से पहले एक ठोस ईंधन मोटर का परीक्षण किया था और अब उन्होंने इस मिसाइल का वास्तविक परीक्षण कर लिया है।"
गो ने कहा, "उत्तर कोरिया ठोस-ईंधन वाली मिसाइलों को लेकर जुनूनी है, क्योंकि इससे लॉन्च से पहले की तैयारी में काफी कम वक्त लगेगा।" इसके साथ ही, ये मिसाइल काफी ज्यादा तबाही मचाने में सक्षम मानी जाती है, लिहाजा कहा जा सकता है, कि उत्तर कोरिया की शक्ति में भारी इजाफा हो गया है।












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