उत्तर कोरिया में अज्ञात बीमारी से मचा हड़कंप, सैकड़ों परिवार बीमार, किम जोंग उन के हाथ-पैर फूले
उत्तर कोरिया ने पिछले महीने अपने पहले कोरोनावायरस मरीज के मिलने की घोषणा की थी और "अधिकतम आपातकालीन महामारी रोकथाम प्रणाली" को सक्रिय कर दिया था।
प्योंगयोंग, जून 19: उत्तर कोरिया में पिछले महीने कोविड कहर बरपा रहा था और अब अज्ञात आंत की बीमाकी ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है। उत्तर कोरिया से आ रही रिपोर्ट्स से के मुताबिक, देश में सैकड़ों परिवार अज्ञात आंत की बीमारी से बीमार पड़ गए हैं, और चूंकी देश के अस्पताल पहले से ही कोविड मरीजों की वजह से काफी ज्यादा दवाब में हैं, लिहाजा मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है, जिससे उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के हाथ-पैर फूल गये हैं।

अज्ञात बुखार के बाद अज्ञात आंत की बीमारी
उत्तर कोरिया ने पिछले महीने अपने पहले कोरोनावायरस मरीज के मिलने की घोषणा की थी और "अधिकतम आपातकालीन महामारी रोकथाम प्रणाली" को सक्रिय कर दिया था। वहीं, उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने खुद को सरकार की प्रतिक्रिया के सामने और केंद्र में रखा था। फिर भी, राज्य मीडिया द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, वायरस ने "बुखार" के 45 लाख से अधिक मामलों और 73 मौतों की पुष्टि की थी। वहीं, अब उत्तर कोरियाई न्यूज एजेंसी केसीएनए ने इस हफ्ते दक्षिण ह्वांगहे प्रांत में एक नई "तीव्र आत महामारी" फैलने की घोषणा की है, जिसमें किम ने अधिकारियों से "जितनी जल्दी हो सके महामारी को रोकने" का आग्रह किया है।

किम की बहन ने संभाला मोर्चा
केसीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने उत्तर कोरिया के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक है, जिसमें बीमारी को फौरन रोकने के उपाय पर चर्चा की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि, किम जोंग उन की बहन ने दवाएं भी दान की हैं। राज्य मीडिया केसीएनए ने शुक्रवार को बताया कि ये दवा "दक्षिण ह्वांगहे प्रांत के कुछ क्षेत्रों में फैली तीव्र महामारी से पीड़ित 800 से अधिक परिवारों को दी जाएगी।" यह आंकड़ा बताता है कि कम से कम 1,600 लोग आंतों की बीमारी से संक्रमित हुए हैं।

हैजा या टाइफाइट फैलने की आशंका
रिपोर्टों ने अटकलों को हवा दी है कि अनिर्दिष्ट बीमारी हैजा या टाइफाइड हो सकती है। लेकिन, माना जा रहा है कि, देश में खराब भोजन और पानी की व्यवस्था को लेकर इस बीमारी के नाम का खुलासा नहीं किया जा रहा है। उत्तर कोरिया को जानने वाले एक्सपर्ट्स का कहना है कि, दक्षिण ह्वांगहे प्रांत, उत्तर कोरिया का कृषि क्षेत्र है और हो सकता है, कि वहां खराब पानी की वजह से हैजा या टाइफाइट फैला हो। विशेषज्ञों ने उत्तर कोरिया में एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल की चेतावनी दी है, जिसमें दुनिया की सबसे खराब चिकित्सा देखभाल प्रणालियों में से एक है। उत्तर कोरियाई अस्पतालों के पास आधुनिक संसाधन नहीं होने के साथ साथ दवाओं का भी अकाल रहता है।

मदद को तैयार दक्षिण कोरिया
वहीं, दक्षिण कोरिया ने कहा है कि, उत्तर कोरिया की मदद करने के लिए वो तैयार है। योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, सियोल के एकीकरण मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि, 'उत्तर कोरिया के पुराने चिकित्सा ढांचे की वजह से आंत की ये बीमारी और भी ज्यादा भड़क सकती है'। अधिकारी ने कहा कि, सियोल इस नए प्रकोप से निपटने में उत्तर कोरिया की सहायता करने को तैयार है, अगर प्योंगयांग इसके लिए तैयार होता है तो। दक्षिण कोरिया ने पहले अपने कोरोनावायरस प्रकोप से निपटने में मदद करने के लिए उत्तर को टीके और अन्य चिकित्सा सहायता भेजने की पेशकश की थी। लेकिन,स प्योंगयांग ने आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।












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