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दरिद्र हो चुका है उत्तर कोरिया, लेकिन किम जोंग का सनक नहीं हुआ कम, अब इस हथियार को दागा

एक तरफ रूस और चीन उत्तर कोरिया से प्रतिबंध हटाने के लिए यूएनएससी से अपील कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ किम जोंग उन अभी भी हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं।

प्योंगयांग, नवंबर 07: पिछले हफ्ते चीन और रूस ने यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल से अपील की थी कि, उत्तर कोरिया भुखमरी के विकराल दलदल में फंस चुका है और देश की हालत काफी ज्यादा खराब हो चुकी है, लिहाजा यूनाइटेड नेशंस उत्तर कोरिया के ऊपर लगाए गये कई प्रतिबंधों को हटा ले, लेकिन दूसरी तरफ सनकी तानाशाह किम जोंग उन का हथियार प्रेम अभी भी कम नहीं हुआ है।

किम जोंग उन का हथियार प्रेम

किम जोंग उन का हथियार प्रेम

उत्तर कोरिया ने अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए तोपखाने से भारी गोले दागकर फायरिंग अभ्यास किया है। उत्तर कोरिया राज्य मीडिया ने रविवार को बताया है कि, देश में लेटेस्ट हथियार परीक्षण किया गया है, क्योंकि क्योंकि प्योंगयांग वाशिंगटन और सियोल पर दबाव बना रहा है कि वह इसके प्रति अपनी शत्रुतापूर्ण नीति को छोड़ दे। आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने बताया कि मशीनीकृत इकाइयों के बीच शनिवार को तोपखाने की फायरिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें वरिष्ठ सरकार और सैन्य अधिकारी मौजूद थे।

तोपखाने से फायरिंग ड्रिल

तोपखाने से फायरिंग ड्रिल

रिपोर्ट में सनकी नेता किम जोंग उन का उल्लेख नहीं किया गया था और बताया गया है कि, हथियारों के परीक्षण के दौरान किम जोंग उन वहां मौजूद नहीं थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि, किम जोंग उन ने पिछले साल इसी तरह की तोपखाने की फायरिंग ड्रिल की निगरानी की थी। उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी केसीएनए ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि, इस साल के अभ्यास को उनकी मोबाइल लड़ाकू क्षमताओं में मशीनीकृत इकाइयों की प्रगति का निरीक्षण करने और पूरे उत्तर की सेना में प्रतिस्पर्धी प्रशिक्षण को और तेज करने के लिए डिज़ाइन किया गया था।

काफी तेजी से हथियारों का परीक्षण

काफी तेजी से हथियारों का परीक्षण

सितंबर के बाद से उत्तर कोरिया ने नई विकसित मिसाइलों की एक सीरिज का परीक्षण-लॉन्चिंग किया है, जिसमें परमाणु-सक्षम हथियार भी शामिल हैं, जिनको लेकर अमेरिकी सहयोगियों दक्षिण कोरिया और जापान अपनी चिंता जता चुके हैं। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया चाहता है कि उसके प्रतिद्वंद्वी उसे परमाणु शक्ति संपन्न देश के रूप में स्वीकार करें और देश पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को कम करने के लिए काम करें। हालांकि, उत्तर कोरिया के तोपखाने के परीक्षण उसके मिसाइल परीक्षणों की तुलना में कम बाहरी ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, खासकर बैलिस्टिक हथियार लॉन्च, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कई प्रस्तावों द्वारा प्रतिबंधित हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि, उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइलों को दक्षिण कोरिया की सीमा पर तैनात कर दिया है, जो दक्षिण कोरिया पर काल बनकर मंडरा रहा है।

उत्तर कोरिया पर कई तरह के प्रतिबंध

उत्तर कोरिया पर कई तरह के प्रतिबंध

उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने के उद्देश्य से अमेरिका के नेतृत्व वाली टीम ने 2019 में देश पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए थे। वहीं, यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल भी उत्तर कोरिया पर कई तरह के प्रतिबंध लगा चुका है। हालांकि, अमेरिका की कोशिश अभी भी है, कि उत्तर कोरिया परमाणु हथियारों को लेकर वैश्विक कानून का पालन करे, लिहाजा अमेरिकी अधिकारियों ने हाल ही में बिना किसी पूर्व शर्त के उत्तर कोरिया के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की पेशकश की है। लेकिन, उत्तर कोरिया ने शर्तें रख दी थी। उत्तर कोरिया ने कहा कि, वह तब तक वार्ता में वापस नहीं आएगा जब तक कि संयुक्त राज्य अमेरिका पहले प्योंगयांग को लेकर अपनी शत्रुतापूर्ण नीति नहीं छोड़ता। वहीं, अमेरिका और दक्षिण कोरिया को लेकर जो सैन्य अभ्यास होते रहते हैं, उसे नहीं रोकता है।

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