पेनिस जैसी हो गई इस शख्स की नाक, हमेशा उड़ता था मजाक, शर्मिंदगी से बचने के लिए उठाया ये कदम
न्यूयॉर्क में एक एक शख्स की नाक पेनिस जैसी हो गई थी और शर्मिंदगी से बचने के लिए उसने ये कदम उठाया।
न्यूयॉर्क, दिसंबर 26: दुनिया में इतनी तरह की बीमारियां हैं और उन बीमारियों के इतने तरह के असर हैं, कि कई बार लोगों को बीमारी के दर्द से नहीं, उस बीमारी की वजह से बनने वाले शीरीरिक लक्षण जीने नहीं देते हैं। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में ही भी ऐसा ही हुआ है, जहां एक अजीब बीमारी की वजह से एक शख्स की नाक मर्दों के प्राइवेट पार्ट की तरफ निकल गई, जिसके बाद उसका जीना मुहाल हो गया था।

पेनिस जैसा हो गया नाक
दुनिया के लोगों को जब कोरोना वायरस से जिंदगी बचाने के लिए मास्क पहनना पड़ा, तो हर इंसान परेशान हुआ, लेकिन अमेरिका के न्यूयॉर्क का रहने वाला कॉनराडो एस्ट्राडा काफी खुश हो गए, क्योंकि मास्क पहनने की वजह से वो कई सालों के बाद काफी आसानी से घर से बाहर निकल पा रहे और लोग उनकी पेनिस जैसे बन चुके नाक का मजाक नहीं उड़ा रहे थे। 57 साल के कॉनराडो एस्ट्राडा अपनी लिंग जैसी नाक से भारी परेशान हो चुके थे और घर से बाहर निकलना उनका दूभर हो चुका था।

नाक की वजह से काफी दर्द
57 वर्षीय कॉनराडो एस्ट्राडा ने कहा कि, उनकी नाक इतनी बाहर निकल जाती थी, कि खाना और सांस लेना काफी मुश्किल बन चुका था। आखिर में तंग आकर उन्होंने लिंग जैसे बन चुके नाक से पीछा छुड़ावे की कोशिश की और उन्होंने अपनी नाक को ढंक कर रखने का फैसला किया। उन्होंने कपड़े से अपनी नाक को ढंककर रखना शुरू कर दिया, लेकिन ये काफी मुश्किल होता था। एक तो कॉनराडो एस्ट्राडा को सांस लेने में दिक्कत होती थी और दूसरी बात, कि लोग उनका काफी मजाक बनाते थे और घर से बाहर निकलने में उन्हें 'मर जाने' जैसी शर्मिंदगी महसूस होती थी।

नाक हटाना ही आखिरी विकल्प
कॉनराडो एस्ट्राडा ने बताया कि, उनके पास नाक का ऑपरेशन करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था और फिर उन्होंने अपनी नाक का ऑपरेशन भी करवाया, लेकिन उस वक्त कॉनराडो एस्ट्राडा के पैरों तले जमीन खिसक गई, जब एक बार फिर से उनका नाक लिंग की तरह ही बढ़ने लगा। जिसके बाद कॉनराडो एस्ट्राडा ने अपनी नाक की समस्या से पीछा छड़ाने के लिए नाक को स्थायी तौर पर हटवाने की सोची, जिसके लिए उन्हें प्लास्टिक सर्जरी का विकल्प चुना।

समाज में रहना हो गया था मुश्किल
कॉनराडो एस्ट्राडा बताते हैं कि, उनका समाज के अंदर रहना काफी मुश्किल हो गया था। पेशे से पेंटर कॉनराडो एस्ट्राडा ने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि, ''मैं कहीं से भी गुजरता था, तो अपने ऊपर लोगों को हंसते हुए देखता था, लोग काफी गौर से मेरा चेहरा हंसते हुए देखते थे और उपहास उड़ाते थे। कई बच्चे अपनी मां से मेरे नाक के बारे में पूछने लगते थे, इससे मेरा घर से बाहर निकलना ही मुश्किल बन चुका था। इसके साथ ही कॉनराडो एस्ट्राडा ने कहा कि, सिर्फ शर्मिंदगी ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा के कामों में भी इस तरह के नाक से दिक्कत होती थी। खासकर बोलते वक्त उन्हें काफी दिक्कत होती थी और चम्मच से खाते वक्त चम्मच उनकी नाक से टकरा जाता था।

कोनार्डो को था Rhinophyma डिस्ऑर्डर
रिपोर्ट के मुताबिक, कॉनराडो एस्ट्राडा एक बीमारी Rhinophyma से जूझ रहे थे और इसी की वजह से उनके नाक का आकार बदल चुका था। कई सालों तक इस डिस्ऑर्डर से जूझने के बाद उन्होंने न्यूयॉर्क स्थिति लिनॉक्स हिल हॉस्पिटल में अपनी सर्जरी करवाई और Rhinophyma के लिए कॉनराडो एस्ट्राडा की सर्जरी डॉक्टर थॉमस रोमो ने की। डॉक्थर थॉमस एक प्लासिट्क सर्जन हैं और उन्होंने ही कॉनराडो एस्ट्राडा के Rhinophyma से पीड़ित होने की बात की जांच की थी। इस बीमारी की वजह से कई बार उनकी नाक अजीब तरह से फैल जाती और उभड़ आती थी।

सर्जरी ही एकमात्र विकल्प
डॉक्टर थॉमस रोमो ने कहा कि, Rhinophyma नाम की बीमारी का कोई और इलाज नहीं है और इसका एकमंत्र इलाज ऑपरेशन ही है। जिसकी वजह से कई बार उनकी नाक फैल जाती थी या फिर काफी आगे निकल जाती थी और लाल हो जाती थी। डॉक्टर ने कहा कि, अगर नाक फिर से अजीब हो जाएगा, तो फिर से नाक का ऑपरेशन करना पड़ेगा, क्योंकि, इसका कोई स्थाई इलाज नहीं है। कॉनराडो एस्ट्राडा के नाक का ऑपरेशन हुए 4 हफ्ते बीत चुके हैं और अभी तक उनकी नाक में बदलाव नहीं आया है और वो भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं, कि उनके नाक में और बदलाव नहीं आए।












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