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इजरायल में इंसानों की रहस्यमयी प्रजाति की खोज, क्या धरती पर रहते थे महामानव? गहराया रहस्य

इजरायल में खुदाई के दौरान मानवों की एक नई और रहस्यमयी प्रजाति के बारे में पता चला है।

तेल अवीव, जून 25: इजरायल में इंसानों की एक नई प्रजाति की खोज की गई है। एक ऐसी प्रजाति, जिसे महामानव भी कहा जा सकता है। पुरातत्वविदों के एक इंटरनेशनल ग्रुप ने इंसानों के विकास की कहानी में एक लापता टुकड़े की खोज की है। इजरायल में नेशेर रामला की साइट पर खुदाई से एक ऐसी खोपड़ी मिली है, जो इंसानों की एक अलग ही रहस्यमयी आबादी के बारे में बता रही है। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ये खोपड़ी जिस इंसान की है, वो इजरायल में करीब 4 लाख 20 हजार साल से एक लाख 20 हजार साल पहले रहा करते होंगे। ये इंसानी खोपड़ी धरती पर रहने वाली अंतिम बचे इंसान की बताई जा रही है।

इंसानों की नई प्रजाति

इंसानों की नई प्रजाति

इजरायल के रिसर्चर हर्शकोविट्ज़, योसी ज़ैडनर और उनके सहयोगियों की टीम ने बेहद रहस्यमयी कहानी से पर्दा हटाने वाली अद्भुत रिपोर्ट आज ही प्रकाशित की है। इस रिसर्च से पता चलता है कि पुरातन मानव समुदाय ने अपनी संस्कृति और जीन को होमो सेपियन्स समूहों के साथ कई हजारों वर्षों तक शेयर किया है। ऑस्ट्रेलिया के ग्रिफिथ विश्वविद्यालय के सीनियर रिसर्च फेलो मिशेल लांगले ने द कनवर्सेशन में लिखा है कि इंसान का जो अवशेष मिला है, वो करीब 4 लाख 40 हजार साल से 1 लाख 20 हजार साल पुराना है और ये अवशेष होमो वंश के लुप्त हो चुके सदस्य निएंडथरल मानव के भी नहीं हैं। ऐसा माना जाता है कि उस समय इस क्षेत्र में सिर्फ इसी तरह के मानव रहा करते होंगे। लेकिन, जो अवशेष मिला है, वो बिल्कुल अलग तरह का है और किसी विशिष्ठ समुदाय का लगता है, और इससे पहले विज्ञान में इसकी खोज कभी नहीं की गई है।

खोपड़ी की हड्डी से नई प्रजाति की पहचान

खोपड़ी की हड्डी से नई प्रजाति की पहचान

इंसान के खोपड़ी की हड्डी पर काफी गहरा रिसर्च करने के बाद उसकी तुलना अलग अलग इंसानों के खोपड़ी से की गई। इस अध्ययन में पाया गया है कि खोपड़ी के पीछे की हड्डी पुरातनकालीन विशेषताओं वाली है। खोपड़ी की ये हड्डी शुरूआती और बाद के होमो सेपियंस के खोपड़ी से अलग तरह की एक हड्डी है। रिपोर्ट के मुताबिक ये हड्डी निएंडथरल और शुरूआती होमो सैपियंस में पाई जाने वाली हड्डियों के मुकाबले थोड़ी ज्यादा मोटी है। इसके साथ ही जो खोपड़ी मिली है, उसका जबड़ा भी पुरातनकालीन विशेषताओं से भरा हुआ है, हालांकि ये निएंडथरल में पाए जाने वाले इंसानों के जबड़ों के जैसा ही है। आपको बता दें कि हड्डियां आदिकालीन और निएंडथरल का विशिष्ट मिश्रण को दिखा रही हैं।

क्या धरती पर मौजूद हैं रहस्यमयी लोग?

क्या धरती पर मौजूद हैं रहस्यमयी लोग?

रिसर्च के बाद लेखकों ने इस बात के संकेत दिए हैं कि इजरायल के दूसरे स्थानों पर मिले जीवाश्म इस नयी मानव आबादी का हिस्सा हो सकते हैं। जैसे इजरायल में ही 'लेडी ऑफ ताबून' की खोज 1932 में की गई थी। काफी गहन रिसर्च के बाद इस महत्वपूर्ण, लेकिन अजीब मानव ने हमें निएंडथरल शरीर रचना और उसके व्यवहार के बारे में काफी कुछ बताया है। अभी भी हमें अपने पूर्वजों के बारे में काफी कम पता है। यदि ताबुन सी-1 और क्यूसेम और ज़ुतियेह गुफाओं के अन्य लोग वास्तव में नाशेर रामेल होमो समूह के सदस्य थे, तो यह फिर से किया गया रिसर्च उनके शरीर रचना विज्ञान में कुछ डिफेक्ट के बारे में बताएगा। जो पहले शोधकर्ताओं द्वारा नोट किया गया था। रहस्यमय नेशेर रामला होमो निएंडरथल के साथ हमारे सबसे हाल के सामान्य पूर्वज का भी प्रतिनिधित्व कर सकता है। इसके लक्षणों का मिश्रण आनुवंशिक सबूतों का समर्थन करता है कि एच-1 सेपियन्स और निएंडरथल के बीच प्रारंभिक जीन प्रवाह चार लाख से 2 लाख साल पहले हुआ होगा। दूसरे शब्दों में, विभिन्न होमो आबादी के बीच अंतर-प्रजनन पहले की तुलना में अधिक सामान्य था।

खुदाई में 6 हजार से ज्यादा औजार मिले

खुदाई में 6 हजार से ज्यादा औजार मिले

वैज्ञानिकों की टीम को खुदाई के दौरान नेशेर रामला स्थल पर 6 हजार से ज्यादा औजार मिले हैं। ये सभी औजार पत्थर के बनाए हुए हैं। ये पत्थर उसी तरीके से बनाए गये हैं, जैसे की होमो सैपियंस समूहों ने बनाए थे। जिससे पता चलता है कि नेशेर रामला होमो औप होमो सैपियंस ना सिर्फ जीन का आदान-प्रदान करते थे, बल्कि औजारों का भी आदान प्रदान करते थे।

आग का भी करते थे प्रयोग

आग का भी करते थे प्रयोग

रिसर्च के दौरान खुदाई वाले स्थल पर मारे गये और खाए गये पशुओं की हड्डियां भी मिली हैं। जिससे पता चलता है कि नेशेर रामला होमो ने कछुआ, हिरन, औरोक्स, सूअर समेत शुतुरमुर्ग का भी शिकार किया होगा। इसके अलावा नई रिसर्च से पता चला है कि ये प्रजाति आग पर आपना खाना पकाती होगी। इसके साथ ही रिसर्च में ये भी पता चला है कि इंसानों की वो रहस्यमयी आबादी ना सिर्फ आग पर खाना पकाकर खाती होगी, बल्कि उस इंसानों को भी आग को नियंत्रण में रखना आता था, जैसा आज खाना पकाने के लिए किया जाता है। वो लोग भी आग जलाने के लिए लकड़ियां इकट्ठा करते होंगे।

नई प्रजाति पर रहस्य बरकरार

नई प्रजाति पर रहस्य बरकरार

इजरायल में खोजे गये इस नये मानव प्रजाति को लेकर अभी कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। संक्षेप में कहें तो अगर हम इंसानों की उत्पत्ति और विकास की पूरी प्रक्रिया को एक आइकिया बुककेस की तरह सोचते हैं, जो पूरी तरह से एक साथ समझ नहीं आ रहा है, तो यह खोज निश्चित तौर पर बॉक्स के नीचे दबे हुए लापता शेल्फ को खोजने के समान है। नया नेशर रामला होमो एक बेहतर फिटिंग संरचना की तरह दिखाई देता है और बताता कि वो इंसान हमारी तुलना में काफी अलग और विशिष्ट शरीर वाले होंगे, शायद किसी महामानव की तरह। हालांकि कई रहस्यमयी सवालों से पर्दा हटना अभी बाकी है। उनकी संस्कृति और उनके जीव विज्ञान को जानना तो सबसे ज्यादा जरूरी है।

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