नेपाल में कौन बनेगा प्रधानमंत्री? शेर बहादुर देउबा कांग्रेस के अंदर चुनाव जीते, कितने दिनों में नया PM?
नेपाल में पिछले महीने लोकसभा चुनाव के लिए वोट डाले गये थे, जिसमें एक बार फिर से किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। नेपाली कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि केपी शर्मा ओली की पार्टी दूसरे नंबर पर है।

Nepal Prime Minister Race: प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के हाथों में ही नेपाल की सत्ता रहने वाली है और नेपाली कांग्रेस के अंदर हुए मतदान में शेर बहादुर देउबा के ऊपर ही सांसदों ने भरोसा जताया है। नेपाल इलेक्शन कमीशन ने संसदीय नेता के लिए हुए चुनाव में शेर बहादुर देउबा की जीत की घोषणा की है। ये चुनाव नेपाली कांग्रेस के संसदीय बोर्ड के सदस्यों के बीच हुआ था, जिसमें 100 प्रतिशत सदस्यों ने वोट डाला था।

शेर बहादुर देउबा होंगे पीएम
नेपाल के कार्यवाहक प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा, जो नेपाली कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने भी आज पार्टी के संसदीय दल के नेता को चुनने के लिए हो रहे चुनाव में अपना वोट डाला था। उनका मुख्य मुकाबला नेपाली कांग्रेस के महासचिव गगन कुमार थापा से थी। नेपाली कांग्रेस 20 नवंबर को हुए देश के आम चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। आम चुनाव में प्रतिनिधि सभा (एचओआर) के नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह से पहले नेपाली कांग्रेस ने अपना संसदीय नेता चुनने के लिए चुनाव कराया था। देश की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने सदन के सदस्यों से 25 दिसंबर तक सरकार बनाने का आह्वान किया है, क्योंकि पार्टियों के अंदर और बाहर हो रही खींचतान की वजह से सरकार के गठन में काफी दिक्कतें आ रही हैं। वहीं, नेपाली कांग्रेस के अंदर भी नेता के लिए कई दावेदार उभर आए थे, जिसके बाद चुनाव के जरिए आखिरी फैसला करने का फैसला किया गया।

देउबा का पीएम बनना तय?
नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और महासचिव गगन थापा ने संसदीय दल के नेता पद के लिए अपनी उम्मीदवारी दाखिल की थी। प्रधानमंत्री पद के लिए देउबा का प्रस्ताव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सदन के पूर्व अध्यक्ष राम चंद्र पौडेल ने रखा था, जबकि पूर्ण बहादुर खड़का ने प्रस्ताव का समर्थन किया। वहीं, गगन कुमार थापा को, शेखर कोइराला द्वारा प्रस्तावित किया गया था और पार्टी उपाध्यक्ष धनराज गुरुंग, महासचिव बिस्वा प्रकाश शर्मा और नेता प्रदीप पौडेल द्वारा अनुमोदित किया गया था। हालांकि, गगन कुमार थापा पार्टी के अंदर हुए चुनाव में हार गये हैं। नेपाली कांग्रेस द्वारा प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए 89 सांसद संसदीय दल के नेता पद के चुनाव में मतदान करने के पात्र थे। पद सुरक्षित करने के लिए उम्मीदवारों को कम से कम 45 मतों की आवश्यकता थी।

सभी पार्टियों ने चुने अपने-अपने नेता
नेपाली कांग्रेस पार्टी के संविधान के मुताबिक, यदि एक से ज्यादा उम्मीदवार संसदीय दल के नेता बनने की इच्छा रखते हैं, तो यह चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से तय किया जाएगा। नेपाल में अन्य विपक्षी दलों ने भी सर्वसम्मति से अपने संसदीय दल के नेता का चुनाव किया है। विपक्षी सीपीएन-यूएमएल (नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी) और सीपीएन-माओवादी केंद्र संसदीय नेताओं को निर्विरोध चुना गया है। आम चुनाव से डेढ़ साल पहले दो गुटों में बंटे विपक्षी सीपीएन-यूएमएल ने पहले ही पार्टी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को अपने संसदीय दल के नेता के रूप में पेश कर दिया था। इस बीच, सीपीएन-माओवादी केंद्र ने पुष्प कमल दहल को निर्विरोध पार्टी नेता के रूप में चुना है।

किस पार्टी को कितनी सीटें?
चुनाव आयोग द्वारा प्रकाशित आम चुनावों के अंतिम परिणामों के मुताबिक, नेपाली कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 89 सीटों पर जीत हासिल की है, वहीं, सीपीएन-यूएमएल पार्टी (नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी-यूनिफाइड मार्क्सवादी लेनिनिस्ट) दूसरे स्थान पर रही है और उसने 78 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, माओवादी सेंटर ने 32 सीटें, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 20 सीटें, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी ने 14 सीटों पर जीत दर्ज की है। इसके साथ ही जनता समाजवादी पार्टी ने 12 सीटों पर दर्ज की है। नेपाल संसद में 275 सीटों पर डायरेक्ट चुनाव हुए हैं और सरकार बनाने के लिए 138 सीटों पर बहुमत होना चाहिए।












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