Nepal: चीन के साथ रिश्ते मजबूत करना चाहते हैं पीएम ओली और भारत का फायदा उठाने चाहते हैं!
नेपाल के नए प्रधानमंत्री केपी ओली ने कहा है कि वह चीन के साथ संबंधों को और मजबूत और गहरा करना चाहते हैं। उनके मुताबिक वह चीन के साथ रिश्तों को और गहरा करने के लिए नए मौकों को तलाशेंगे। केपी ओली को हमेशा से ही चीन के लिए झुकाव रखने वाला पीएम माना जाता है।
काठमांडू। नेपाल के नए प्रधानमंत्री केपी ओली ने कहा है कि वह चीन के साथ संबंधों को और मजबूत और गहरा करना चाहते हैं। उनके मुताबिक वह चीन के साथ रिश्तों को और गहरा करने के लिए नए मौकों को तलाशेंगे। केपी ओली को हमेशा से ही चीन के लिए झुकाव रखने वाला पीएम माना जाता है। इसके साथ ही ओली ने यह भी कहा कि जहां वह चीन साथ संबंधों को और गहरा करना चाहते हैं तो वहीं भारत के साथ समझौतों में अधिक फायदा लेंगे। ओली ने कहा कि वह बदलते समय के साथ भारत के साथ संबंधों में भी बदलाव करना चाहते हैं। ओली भारत-नेपाल संबंधों के सभी आयामों की समीक्षा करने के पक्ष में हैं, जिसमें भारतीय सेना में नेपाली जवानों के सेवा देने की काफी पहले से चली आ रही परंपरा भी शामिल है।

हांगकांग की मीडिया को दिया इंटरव्यू
ओली ने ये बातें हांगकांग के साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट को दिए इंटरव्यू में कही हैं। नेपाल की सत्तारूढ़ सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष ओली ने कहा कि भारत के साथ हमारी बेहतरीन कनेक्टिविटी है, खुले बॉर्डर हैं। यह सब तो ठीक है, हम कनेक्टिविटी और बढ़ाएंगे भी लेकिन हम यह नहीं भूल सकते कि हमारे दो पड़ोसी हैं। हम किसी एक देश पर ही निर्भर नहीं रहना चाहते न कि सिर्फ एक विकल्प पर। जब ओली से यह पूछा गया कि भारत के साथ संबंधों को कैसे आगे बढ़ाया जाएगा तो इस पर उन्होंने कहा कि भारत के साथ हमारे रिश्ते हमेशा मजबूत रहे हैं। भारत में कुछ तत्वों ने गलतफहमी पैदा की लेकिन भारतीय नेताओं ने हमें आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी कोई दखलअंदाजी नहीं होगी और हम एक-दूसरे के स्वायत्ता के अधिकारों का सम्मान करते हैं। 65 वर्ष के ओली इससे पहले 11 अक्टूबर, 2015 से तीन अगस्त 2016 तक नेपाल की कमान संभाल चुके हैं। नेपाल में हुए मधेसी आंदोलन के बाद ओली को इस्तीफा देना पड़ा था। दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने से पहले ओली से भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने नेपाल में मुलाकात की थी। उनके अलावा भारत के वाम दलों के नेता भी ओली से मिले थे। प्रधानमंत्री मोदी ने भी ओली से फोन पर बात की थी।
भारतीय सेना में नेपालियों पर क्या बोले पीएम
भारतीय सेना में नेपालियों के सेवा देने के मुद्दे पर ओली ने कहा कि अगर जरूरत हुई तो इस पर आपस में चर्चा की जाएगी और सुधार किए जाएंगे। दुनिया बदल चुकी है और नेपाल नए सफर की शुरुआत कर रहा है। हम घिसी-पिटी परंपराओं को घसीटने की बजाए उनमें बदलाव करेंगे। ओली ने इस इंटरव्यू में यह भी कहा कि पिछली सरकार द्वारा ठुकराए गए चीन सरकार के 2.5 बिलियन डॉलर हाइड्रोप्रॉजेक्ट को फिर से लेकर आएंगे। ओली पिछले हफ्ते दूसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बने। करीब दो महीने पूर्व गणतांत्रिक संविधान के तहत हुए पहले संसदीय और स्थानीय चुनावों में वाम गठबंधन ने सत्तारूढ़ नेपाली कांग्रेस को भारी शिकस्त दी थी। ओली के नेतृत्व वाली सीपीएन-यूएमएल और प्रचंड के नेतृत्व वाली सीपीएन-माओवादी सेंटर के गठबंधन ने संसद के निचले सदन की 275 सीटों में 174 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि उच्च सदन की 59 में से 39 सीटें मिलीं थीं।












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