Nepal Plane Crash: नेपाल विमान हादसे में 18 की मौत, कनाडाई कंपनी करती है निर्माण, हादसों से भरा है इतिहास
Nepal Plane Crash: नेपाल में एक बार फिर से विमान हादसा हुआ है और इसमें फ्लाइट में सवार 19 लोगों में से 18 लोगों की मौत हो गई है। आज सुबह 11 बजे राजधानी काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टेकऑफ के दौरान सौर्य एयरलाइंस का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और इस फ्लाइट में सवार सभी लोग सौर्य एयरलाइंस के ही थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, विमान को मरम्मत के लिए ले जाया जा रहा था और उसी दौरान ये हादसा हुआ है। ये विमान 21 साल पुराना था और सवाल उठ रहे हैं, कि अगर विमान में कुछ खराबी थी, तो इतने लोगों को विमान में क्यों बिठाया गया था।
टीआईए के प्रवक्ता सुभाष झा ने बताया है, कि पोखरा जाने वाले विमान में एयरक्रू समेत 19 लोग सवार थे। यह विमान सुबह करीब 11 बजे दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। पुलिस और दमकलकर्मी दुर्घटनास्थल पर बचाव अभियान चला रहे हैं।

हादसे के बाद जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, उनमें विमान को आग की लपटों में घिरा देखा जा सकता है। वहीं, राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। ये विमान काठमांडू से पोखरा जा रहा था।
वहीं, काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, दुर्घटनास्थल से 18 शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि एक घायल को-पायलट को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं, टीआईए के प्रवक्ता सुभाष झा ने कहा है, कि हादसे में घायल कैप्टन एमआर शाक्य को अस्पताल ले जाया गया है। हवाई अड्डे पर घने धुएं का गुबार देखा जा सकता है। पुलिस और दमकलकर्मी दुर्घटनास्थल पर बचाव अभियान चला रहे हैं।
वहीं, नेपाल पुलिस ने ट्वीट कर कहा है, कि विमान में सवार सभी के सभी 19 लोग, सौर्य एयरलाइंस के ही कर्मचारी थे।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है, कि विमान रनवे के दक्षिणी छोर (कोटेश्वर की ओर) से उड़ान भर रहा था और अचानक पलट गया और पंख का सिरा जमीन से टकरा गया। विमान में फौरन आग लग गई। इसके बाद यह रनवे के पूर्वी हिस्से में बुद्ध एयर हैंगर और रडार स्टेशन के बीच खाई में जा गिरा। एयरपोर्ट पर धुएं के घने बादल देखे जा सकते हैं। पुलिस और दमकलकर्मी दुर्घटनास्थल पर बचाव अभियान चला रहे हैं।
बताया गया है, कि इस विमान को कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर बनाती है और इस विमान का इतिहास कुछ अच्छा नहीं है। इस सीरिज के कई विमान हादसों का शिकार हो चुके हैं। इस विमान को रेगुलर मरम्मत के लिए पोखरा ले जाया जा रहा था और टेक्निकल जांच के बाद इसे एक महीने तक पोखरा एयरपोर्ट पर ही रखा जाना था, ताकि सारी जांच हो सके, लेकिन उससे पहले ही ये हादसा हो गया।












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