Nepal: 'शहीद दिवस, Gen-Z मेमोरियल पार्क', आंदोलन में मारे गए लोगों के लिए PM सुशीला कार्की का बड़ा फैसला
Nepal Martyrs Day 17 September: नेपाल की नई कार्यवाहक प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने पद संभालने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए हैं। सरकार ने जेनजी आंदोलन के दौरान मारे गए 72 लोगों को शहीद घोषित करते हुए उनके परिवारों को मुआवजा देने का निर्णय लिया है।
साथ ही, हर साल 17 सितंबर को शोक दिवस मनाने और जेनजी मेमोरियल पार्क बनाने की घोषणा भी की गई। इसके अलावा, तीन नए मंत्रियों को शपथ दिलाकर कैबिनेट का विस्तार किया गया। इन फैसलों से साफ है कि नई सरकार जनभावनाओं को प्राथमिकता दे रही है।

क्या-क्या फैसला लिया गया?
सुशीला कार्की सरकार ने Gen-Z आंदोलन में मारे गए लोगों को शहीद घोषित किया, उनके परिवारों को 10 लाख रुपये मुआवजा और 5 लाख रुपये अतिरिक्त सहायता देने का निर्णय लिया। हर साल 17 सितंबर शोक दिवस मनाया जाएगा और उनकी स्मृति में जेनजी मेमोरियल पार्क भी बनाया जाएगा।
तीन नए मंत्रियों को मिली जिम्मेदारी
- नेपाल की अंतरिम सरकार में तीन नए मंत्रियों को शामिल किया गया है। कुलमान घिसिंग को ऊर्जा, शहरी विकास और भौतिक अवसंरचना मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। वे नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के पूर्व प्रमुख रहे हैं और ऊर्जा सुधारों के लिए उनकी मजबूत छवि है।
- ओम प्रकाश अर्याल को कानून और गृह मंत्रालय सौंपा गया है। मानवाधिकार और न्याय प्रणाली को मजबूत करने के प्रयासों के लिए वे खास पहचान रखते हैं।
- रमेश्वर खनाल को वित्त मंत्रालय की कमान दी गई है। अर्थशास्त्र और वित्तीय नीतियों में विशेषज्ञ माने जाने वाले खनाल को सुशासन व पारदर्शिता लाने की जिम्मेदारी दी गई है।
ये भी पढ़ें: Nepal: Gen-Z आंदोलन के पोस्टर बॉय बालेन शाह को अंतरिम पीएम की कुर्सी क्यों नहीं मिली? बड़ी वजहें जानिए
'नवगठित सरकार का लक्ष्य देश में निष्पक्ष चुनाव कराना'
नेपाल के नवनियुक्त गृह मंत्री ओम प्रकाश आर्यल ने पदभार संभालने के बाद कहा कि नवगठित सरकार का प्रमुख लक्ष्य देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है। मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि हालिया प्रदर्शनों के दौरान क्षतिग्रस्त भवनों का पुनर्निर्माण और सुशासन स्थापित करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
गृह मंत्री ने कहा कि विद्रोह के कारण सत्ता से बाहर हुए दल चुनावों के जरिए फिर से जनता का जनादेश हासिल कर सकते हैं। साथ ही, विद्रोह की सफलता का दावा करने वाले समूहों से भी उन्होंने अपील की कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से जनता के सामने अपना पक्ष रखें। ओम प्रकाश आर्यल ने 8 सितंबर को प्रदर्शनों के दौरान कथित अत्यधिक बल प्रयोग की जांच कराने का भी आश्वासन दिया।
ये भी पढे़ं: Sushila Karki: नेपाल की नई पीएम सुशीला कार्की ने ली है कौन सी डिग्री? BHU से है बेहद खास रिश्ता












Click it and Unblock the Notifications