Nepal Election Result 2026: Gen Z आंधी में उड़ी पुरानी पार्टियां, बालेन शाह-रवि लामिछाने को मिला युवाओं का साथ
Nepal Election Result 2026: नेपाल में 'बदलाव की आंधी' ने दशकों पुराने राजनीतिक किलों को ढहाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार 5 मार्च 2026 को आम चुनाव के मतगणना के शुरुआती रुझानों ने पूरे दक्षिण एशिया को चौंका दिया है। पिछले साल हुए 'Gen Z' के ऐतिहासिक आंदोलन के बाद, यह पहली बार है जब युवाओं ने न केवल सड़कों पर बल्कि मतपेटियों में भी अपनी ताकत दिखाई है।
रुझानों में रवि लामिछाने और बालेन शाह की पार्टी 'राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी' (RSP) एक बड़ी सुनामी के रूप में उभरती दिख रही है।

बता दें 5 मार्च को मतदान समाप्त होने के बाद जब 6 मार्च को सुबह वोटों की गिनती शुरू हुई, तो शुरुआती रुझानों ने 'नेपाली कांग्रेस' और 'एमाले' जैसी पारंपरिक पार्टियों के होश उड़ा दिए। नई और युवा नेतृत्व वाली राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने काठमांडू से लेकर भक्तपुर तक अपनी बढ़त बना ली है।
RSP Balen Shah Leading: शुरुआती रुझान में RSP की सुनामी
नेपाल चुनाव आयोग द्वारा जारी शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी (RSP) फिलहाल 32 निर्वाचन क्षेत्रों में आगे चल रही है। चितवन-2 से पार्टी अध्यक्ष रवि लामिछाने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से भारी अंतर से आगे चल रहे हैं। वहीं झापा-5 से वरिष्ठ नेता और युवाओं के आइकन बैलेन शाह ने शुरुआती गिनती में बढ़त बना ली है। राजधानी काठमांडू की 10 में से 8 सीटों (निर्वाचन क्षेत्र 1, 2, 3, 4, 5, 7, 8 और 10) पर RSP के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।
Nepal Election Result के रुझानों की तस्वीर क्या कह रही है?
नेपाल चुनाव 2026 के शुरुआती रुझानों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) सबसे मजबूत प्रदर्शन करती नजर आ रही है और लगभग 32 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। पार्टी को खास तौर पर काठमांडू, भक्तपुर, चितवन, झापा, कास्की और बांके जैसे इलाकों में अच्छा समर्थन मिल रहा है। वहीं नेपाली कांग्रेस का प्रदर्शन अभी मिश्रित है और उसके रुझान मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और तराई बेल्ट में दिखाई दे रहे हैं।
दूसरी ओर CPN-UML और उसके नेता केपी ओली कई सीटों पर पिछड़ते नजर आ रहे हैं, हालांकि कुछ पहाड़ी जिलों में उनकी पकड़ अभी भी बनी हुई है। इस चुनाव में बैलेन शाह जैसे नए और लोकप्रिय नेताओं को शहरी युवाओं का भारी समर्थन मिलता दिख रहा है, जिससे नेपाल की राजनीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
Gen Z मतदाताओं ने बदली तस्वीर
सबसे चौंकाने वाले नतीजे भक्तपुर से आ रहे हैं, जिसे पारंपरिक रूप से 'नेपाल मजदूर किसान पार्टी' का अभेद्य किला माना जाता था। भक्तपुर-1: यहां RSP के रुकेश रंजीत ने दिग्गज नेता प्रेम सुवाल को पीछे छोड़ दिया है। भक्तपुर-2 यहां राजीव खत्री ने एमाले के दिग्गज महेश बस्नेत पर बढ़त बना ली है।
नेपाल चुनाव आयोग के प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टराई ने बताया कि इस बार लगभग 60 प्रतिशत मतदान हुआ है। पिछले साल जन-विद्रोह के दौरान 77 लोगों की मौत के बाद यह चुनाव 'विशेष परिस्थितियों' में हुआ था। आयोग के अनुसार, इस बार Gen Z न केवल मतदाता के रूप में बल्कि उम्मीदवारों के रूप में भी सबसे सक्रिय रहे। उनकी ऊर्जा ने ही इस चुनाव के परिणामों को पलटने का काम किया है।
कब तक आएगी स्पष्ट तस्वीर?
नेपाल चुनाव आयोग ने परिणामों को लेकर विशेष तैयारी की है। FPTP प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली के नतीजे अगले 24 घंटे के भीतर घोषित कर दिए जाएंगे। आनुपातिक प्रतिनिधित्व श्रेणी की गिनती प्रत्यक्ष परिणामों के बाद शुरू होगी, जिसमें एक सप्ताह का समय लग सकता है। मतगणना केंद्रों पर सेना और पुलिस की तीन-स्तरीय सुरक्षा तैनात है ताकि किसी भी तरह की हिंसा को रोका जा सके।
वो मुख्य मुद्दे जिन्होंने बदली हवा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार जनता ने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और पुरानी राजनीति के खिलाफ वोट दिया है। पिछले साल के प्रदर्शनों ने युवाओं को यह अहसास कराया कि वे सत्ता बदल सकते हैं। भारत और चीन की नजरें भी इन रुझानों पर हैं, क्योंकि नई सरकार की विदेश नीति पूरे क्षेत्र के भू-राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करेगी।
अगर ये रुझान अंतिम नतीजों में तब्दील होते हैं, तो नेपाल की संसद में पहली बार पारंपरिक कम्युनिस्ट और लोकतांत्रिक पार्टियों के बजाय 'स्वतंत्र और युवा' चेहरे बहुमत के करीब पहुंच सकते हैं। यह न केवल नेपाल की आंतरिक राजनीति के लिए बल्कि दक्षिण एशिया के लोकतंत्र के लिए भी एक बड़ा संदेश होगा।












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