पीएम ओली से नाराज नेपाल की जनता सड़कों पर उतरी, हो रही है राजशाही बहाल करने की मांग
नई दिल्ली। नेपाल के प्रधानमंत्री और वामपंथी नेता केपी शर्मा ओली को लेकर वहां की जनता में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है ओली का चीन के प्रति प्रेम, भ्रष्टाचार और राष्ट्रीय सुरक्षा की उपेक्षा। नेपाल के लोग इतने नाराज हैं कि वो सड़कों पर उतर आए हैं और फिर से राजशाही बहाल करने पर जोर देने लगे हैं।

नेपाल के कई शहरों पर लोग सड़कों पर उतर आए। बुटवल, पोखरा, बीरगंज, बिराटनगर, काठमांडू नारायनघाट समेत अधिकांश जिलों में राजशाही समर्थकों ने प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय शक्ति नेपाल के अध्यक्ष केशर बहादुर बिस्टा ने काठमांडू में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश संकट में है, लेकिन नेता राज्य को लूट रहे हैं। सत्तारूढ़ पार्टी में जारी घमासान का सबसे ज्यादा नुकसान देश को उठाना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कहर ने नेपाल के अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य और रोजगार की कमर तोड़कर रख दी है। बड़े पैमाने पर सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार भी देखने को मिला है। यही कारण है कि देश में राजशाही समर्थक ताकतों ने एक बार फिर से सरकार के खिलाफ आंदोलन को तेज कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि 'हमारे तीन प्रमुख एजेंडे हैं। संवैधानिक राजतंत्र की स्थापना, नेपाल को एक हिदू राष्ट्र के रूप में बहाल करना और संघवाद को खत्म करना। क्योंकि यह लोगों को विभाजित करता है और राष्ट्र को खतरे में डालता है। आपको बता दें कि साल 2008 में नेपाल में राजशाही पूर्ण रूप से खत्म हो गई थी।












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