भारत को छोड़कर चीन से इंटरनेट कनेक्शन लेगा नेपाल
एनटी ने पिछले साल सितंबर के पहले हफ्ते से इस परियोजना का परीक्षण शुरू कर दिया था
नई दिल्ली। नेपाल अब इंटरनेट कनेक्शन के लिए भारत पर निर्भर नहीं होगा। नेपाल शुक्रवार से चीन से इंटरनेट कनेक्शन लेने जा रहा है। देश के स्वामित्व वाली दूरसंचार कंपनी नेपाल टेलीकॉम (एनटी) ने कहा कि 12 जनवरी से चीन हमें इंटरनेट देना शुरू कर देगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी हो गई है। एनटी के प्रवक्ता प्रतीवा वैद्य ने बताया 'चीन से इंटरनेट बैंडविथ प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शुक्रवार से नेपाल-चीन फाइबर लिंक का संचालन शुरू हो जाएगा।'

चीनी इंटरनेट बैंडविड्थ की वास्तविक मात्रा का खुलासा नहीं किया है
एनटी ने चीन से मिलने वाले चीनी इंटरनेट बैंडविड्थ की वास्तविक मात्रा का खुलासा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को इसके उद्घाटन के बाद जानकारी साझा की जाएगी। गौरतलब है कि दिसंबर 2016 में नेपाल टेलीकॉम ने चीनी टेलीकॉम के साथ इंटरनेट बैंडविड्थ के लिए समझौता किया था।

चीनी इंटरनेट रासुवागाधी गेटवे के जरिए चलेगा
एनटी ने पिछले साल सितंबर के पहले हफ्ते से इस परियोजना का परीक्षण शुरू कर दिया था। एनटी सूत्रों के मुताबिक, चीनी इंटरनेट रासुवागाधी गेटवे के जरिए चलेगा। प्रतीवा वैद्य ने कहा 'जैसा कि देश में इंटरनेट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। नेपाल में लगातार बढ़ती बैंडविड्थ मांग को पूरा करने के लिए चीनी इंटरनेट बैंडविड्थ को विकल्प के तौर पर लिया गया है।

नेपाल सिर्फ भारत पर निर्भर नहीं रहेगा
चीनी इंटरनेट शुरू होने के बाद नेपाल इसके लिए सिर्फ भारत पर निर्भर नहीं रहेगा। बता दें कि नेपाल वर्तमान में विभिन्न ऑप्टिकल फाइबर कनेक्शनों और भारतीय दूरसंचार ऑपरेटरों के माध्यम से वैश्विक इंटरनेट कनेक्टिविटी से जुड़ा हुआ है। चीन के इंटरनेट बैंडविड्थ का व्यावसायिक संचालन शुरू होने से नेपाल की इंटरनेट के लिए भारत पर एकमात्र निर्भरता कम होगी।












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