भारत ने नहीं, हमने खुद मारी अपने पैरों पर कुल्हाड़ी... पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को आई अक्ल
Nawaz Sharif Targets Pakistani Army: पाकिस्तान के पूर्व प्रधान मंत्री नवाज़ शरीफ़ ने मंगलवार को कहा है, कि पाकिस्तान के दुखों के पीछे न तो भारत और न ही संयुक्त राज्य अमेरिका है। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया है, कि नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मार ली है।
लाहौर में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के कार्यक्रम में, 73 साल के नवाज शरीफ, जो फिर से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की कुर्सी की रेस में हैं, उन्होंने हाल के हफ्तों में दूसरी बार कहा, आर्थिक संकट के लिए पाकिस्तान खुद जिम्मेदार है।
आपको बता दें, कि अगर इस बार नवाज शरीफ प्रधानमंत्री बनते है, तो वो चौथी बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनेंगे, हालांकि उन्होंने एक बार भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया है और हर बार पाकिस्तान की शक्तिशाली आर्मी ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया है।

देश की शक्तिशाली सेना पर भड़के नवाज़ शरीफ
नवाज़ शरीफ़ ने कहा, कि "आज पाकिस्तान जहां (खराब आर्थिक स्थिति) पहुंच गया है, ऐसा भारत, अमेरिका या यहां तक कि अफगानिस्तान ने भी नहीं किया है। हमने अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारी है...उन्होंने (सेना ने) 2018 के चुनावों में धांधली करके इस देश पर एक चयनित (सरकार) थोप दी, जिससे लोगों को परेशानी हुई और अर्थव्यवस्था गिर गई।"
तीन बार के प्रधान मंत्री नवाज़ शरीफ़, जो अपने चौथे कार्यकाल पर नज़र गड़ाए हुए हैं, उन्होंने सैन्य तानाशाहों को वैध बनाने के लिए न्यायाधीशों की आलोचना की। उन्होंने कहा, कि "जब वे संविधान तोड़ते हैं, तो न्यायाधीश उन्हें (तानाशाहों को) माला पहनाते हैं और उनके शासन को वैध बनाते हैं। जब बात प्रधानमंत्री की आती है, तो न्यायाधीश प्रधानमंत्रियों को पद से हटाने पर मुहर लगा देते हैं। न्यायाधीश भी संसद को भंग करने के कृत्य को मंजूरी देते हैं...क्यों?"
नवाज़ शरीफ़ ने साल 2017 में उन्हें सत्ता से बेदखल करने में उनकी भूमिका के लिए पाकिस्तान के पूर्व जासूस प्रमुख जनरल फैज हामिद को भी फटकार लगाई।
उन्होंने कहा, कि "उन लोगों (फैज हामिद और अन्य) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक मामला खोला गया है, जिन्होंने कहा था, कि अगर नवाज़ जेल से बाहर आए, तो उनके दो साल की मेहनत बर्बाद हो जाएगी।"
पीएमएल-एन नेता नवाज़ शरीफ़, जो चार साल का आत्म-निर्वासन समाप्त करके अक्टूबर में लंदन से पाकिस्तान लौटे थे, वो एकमात्र पाकिस्तानी राजनेता हैं, जो रिकॉर्ड तीन बार तख्तापलट वाले देश के प्रधान मंत्री बने।
नवाज़ शरीफ़ ने कहा, कि "मैं सुबह प्रधानमंत्री था और शाम को मुझे अपहरणकर्ता घोषित कर दिया गया (1999)। इसी तरह 2017 में मुझे अपने बेटे से वेतन नहीं लेने के कारण सत्ता से बेदखल कर दिया गया था।"
उन्होंने अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ सुप्रीमो इमरान खान का जिक्र करते हुए कहा, कि "उन्होंने (सैन्य प्रतिष्ठान) यह निर्णय लिया, क्योंकि वे अपने चुने हुए व्यक्ति को सत्ता में लाना चाहते थे।"












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