Nawaz Sharif News: नवाज शरीफ चार सालों के बाद लौटे पाकिस्तान, शहबाज ने किया है चौथी बार PM बनाने का ऐलान
Nawaz Sharif Returned Pakistan: पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सुप्रीमो नवाज शरीफ आखिरकार चार सालों के बाद पाकिस्तान पहुंच गये हैं। पिछले चार सालों से लंदन में निर्वासित जीवन जीने वाले नवाज शरीफ उस वक्त पाकिस्तान लौटे हैं, जब देश चुनाव की दहलीज पर खड़ा है और उनके भाई शहबाज शरीफ ने ऐलान किया है, कि चुनाव जीतने के बाद नवाज शरीफ ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री होंगे।
वहीं, पाकिस्तान पहुंचने से पहले दुबई में नवाज शरीफ ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा, कि उनके खिलाफ की गई कानूनी साजिश ने पाकिस्तान को नुकसान पहुंचाया है।

दुबई हवाई अड्डे पर मीडिया को संबोधित करते हुए नवाज शरीफ ने अपनी पार्टी की तुलना पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से की और उस दिन का जिक्र किया, जब उनकी सरकार ने 1998 में सफल परमाणु परीक्षण किया था। उन्होंने कहा, "9 मई नहीं, बल्कि 28 मई के पीछे हम ही हैं।"
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई प्रमुख इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद भड़के विरोध प्रदर्शनों के बाद सैन्य प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों के संदर्भ में यह बात कही। आपको बता दें, कि 9 मई को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में भारी विरोध प्रदर्शन किए गये थे।
नवाज ने कहा कि चुनाव कराना पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) की जिम्मेदारी है।
पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने आगे कहा, कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति चिंताजनक है, लेकिन उन्हें काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने दावा किया, "मैं चार साल बाद घर लौटकर खुश हूं। मेरे खिलाफ मामलों के कारण देश को नुकसान हुआ और इस समय देश चिंता की स्थिति में है। हमने स्थिति खुद ही खराब की है, इसलिए इसे भी हम खुद ही ठीक कर लेंगे।"
पीएमएल-एन सुप्रीमो ने कहा, "मैंने हमेशा सब कुछ भगवान पर छोड़ा है और इस बार भी ऐसा कर रहा हूं।"
पीएमएल-एन सुप्रीमो ने लोगों से अपनी उम्मीदें ऊंची रखने और देश के भविष्य के लिए काम करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा, "हमें अपने पैरों पर खड़ा होना होगा। कोई और हमारे लिए यह नहीं करेगा।"
आपको बता दें, कि नवाज शरीफ को जब गिरफ्तार किया गया था, उस वक्त पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार थी। नवाज शरीफ स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर नवंबर 2019 में इलाज के लिए लंदन गये थे और उसके बाद वहीं निर्वासित जीवन जी रहे थे, जबकि नवाज शरीफ को पाकिस्तान में रहकर जेल की सजा पूरी करनी चाहिए थी।
पाकिस्तान आने का कैसा हुआ रास्ता साफ
साल 2016 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा संपत्ति छुपाने के मामले में नवाज को आजीवन अयोग्य ठहराए जाने के बाद नवाज ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
नवाज शरीफ को पाकिस्तान की राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) द्वारा दायर, अल-अजीजिया और एवेनफील्ड अपार्टमेंट मामले में दोषी ठहराया गया था, जो पनामा पेपर्स लीक के बाद सामने आया था।
पिछले साल प्रधानमंत्री बने के बाद से ही शहबाद शरीफ ने अपने बड़े भाई नवाज शरीफ की घर वापसी की कोशिशें शुरू कर दी थी। इसके लिए शहबाज शरीफ की सरकार ने संसद में नवाज शरीफ की देश वापसी के लिए कानून में भी संशोधन किया था, जिसके तहत ना सिर्फ नवाज शरीफ चुनाव लड़ सकते हैं, बल्कि वो प्रधानमंत्री भी बन सकते हैं।
नवाज शरीफ ने दोषी ठहराए जाने के फैसलों के खिलाफ ऊपरी अदालतों में अपील दायर कर रखी है और तमाम मामले फिलहाल लंबित हैं।

चौथी बार बन पाएंगे प्रधानमंत्री?
साल 1991 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने वाले नवाज शरीफ की घर वापसी के साथ ही तय हो गया है, कि वो चौथी बार प्रधानमंत्री बनने की रेस में हैं।
शहबाज शरीफ, जो फिलहाल पीएमएल-एन के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने उम्मीद जताई है, कि उनकी पार्टी अगला आम चुनाव जीतेगी और वह नवाज के नेतृत्व वाली सरकार के तहत पार्टी के एक कार्यकर्ता के रूप में काम करेंगे।
शहबाज शरीफ की सरकार, बहुदलीय गठबंधन के तहत चल रही थी और इस गठबंधन का नाम पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) था, जिसने संवैधानिक तौर पर नेशनल असेंबली भंग होने से तीन दिन पहले ही संसद को भंग कर दिया था और इस वक्त पाकिस्तान में केयरटेकर सरकार है। हालांकि, पाकिस्तान में चुनाव कब होंगे, फिलहाल कहा नहीं जा सकता है।












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