NATO कल से करेगा परमाणु बम गिराने की तैयारी, 60 फाइटर जेट पहुंचे, विनाश के कगार पर यूरोप?
बेल्जियम इस परमाणु अभ्यास की मेजबानी कर रहा है, जिसमें 14 देश और 60 विमान शामिल होंगे। नाटो ने बयान में कहा है कि, इसमें दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू जेट और यूएस बी -52 लंबी दूरी के बमवर्षक शामिल हैं।
NATO nuclear bombs military drills: यूक्रेन युद्ध के बीच दुनिया तेजी से परमाणु युद्ध की तरह बढ़ती जा रही है और ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, कल यानि सोमवार से अमेरिका के नेतृत्व में नाटो संगठन परमाणु बमों के साथ युद्धाभ्यास करेगा। नाटो ने उस वक्त परमाणु बमों के साथ युद्धाभ्यास का ऐलान किया है, जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 'रूस के साथ सीधे संघर्ष को वैश्विक तबाही' बताकर चेतावनी दी है। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, नाटो जो अभ्यास करने वाला है, उसका नाम 'स्टीडफास्ट नून' है और इसमें शामिल होने के लिए 60 फाइटर जेट्स बेल्मियम पहुंच चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ये फाइटर जेट्स उत्तरी सागर और ब्रिटेन के ऊपर संयुक्त सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेंगे।

किस तरह का होगा परमाणु अभ्यास?
हालांकि, इस परमाणु अभ्यास में जीवित बम शामिल नहीं होंगे, जबकि दूसरी तरह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आज कहा है, कि नाटो और रूसी सैनिकों के बीच सीधे संघर्ष से 'वैश्विक तबाही' होगी। हालांकि, नाटो फोर्स ने इस बात से इनकार कर दिया है, कि उसका युद्धाभ्यास यूक्रेन संकट से जुड़ा है, जबकि पुतिन ने आज यह भी कहा है कि, अभी के लिए उन्हें यूक्रेन के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले करने की कोई आवश्यकता नहीं है। नाटो ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि, यह अभ्यास 30 अक्टूबर तक चलेगा और ये अभ्यास एक नियमित, ट्रेनिंग गतिविधि के लिए है, जिसमें किसी भी जीवित हथियार का उपयोग नहीं किया जाएगा। नाटो के प्रवक्ता ओना लुंगेस्कु ने कहा कि, इस अभ्यास का मकसद नाटो को यह देखना है, कि उसकी परमाणु डेटरेंट क्षमता कितनी 'सुरक्षित, सिक्योर और प्रभावी' है।

14 देश और 60 विमान लेंगे हिस्सा
बेल्जियम इस परमाणु अभ्यास की मेजबानी कर रहा है, जिसमें 14 देश और 60 विमान शामिल होंगे। नाटो ने बयान में कहा है कि, इसमें दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू जेट और यूएस बी -52 लंबी दूरी के बमवर्षक शामिल हैं, जो उत्तरी डकोटा में मिनोट एयर बेस से उड़ान भरेंगे। इससे पहले, पुतिन ने कहा था कि, हाल ही में उन्होंने जो सैन्य लामबंदी का आदेश दिया था, वह खत्म हो रहा है, और एक बार समाप्त होने के बाद उनकी आगे की भर्ती की कोई योजना नहीं है। उन्होंने क्रेमलिन की स्थिति को भी दोहराते हुए कहा कि, कि रूस वार्ता करने के लिए तैयार है, हालांकि उन्होंने कहा कि अगर यूक्रेन भाग लेने के लिए तैयार है तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की आवश्यकता होगी। पुतिन द कॉमनवेल्थ ऑफ़ इंडिपेंडेंट स्टेट्स समिट (CIS) की एक बैठक के बाद अस्ताना में बोल रहे थे, जहां वे पूर्व सोवियत राज्यों के साथी नेताओं के साथ बैठक कर रहे थे। इस बैठक में पुतिन के खास दोश और बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको भी शामिल थे, जिन्होंने शुक्रवार को कहा था कि रूसी सेना जल्द ही अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए'क्षेत्रीय समूह' बनाकर पहुंच रहाी है।

इससे पहले पुतिन ने संवाददाताओं से कहा है कि, "रूसी सेना के साथ सीधे टकराव में सैनिकों की शुरूआत एक बहुत ही खतरनाक कदम है जो वैश्विक तबाही का कारण बन सकता है।" उन्होंने कहा कि,'मुझे उम्मीद है कि जो लोग इस बारे में बात करते हैं, उनके पास इस तरह के कदम न उठाने के लिए पर्याप्त समझदारी है।' उन्होंने कहा कि, 'उन्हें वर्तमान में यूक्रेन पर 'बड़े पैमाने पर हमलों' की कोई आवश्यकता नहीं है, जो अब सप्ताह में अपने इच्छित लक्ष्यों को हिट कर रहा है, लेकिन यह भविष्य में बदल सकता है।" इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि यूक्रेन को नष्ट करना उसका लक्ष्य नहीं है। पुतिन ने कहा कि, 'बड़े पैमाने पर स्ट्राइक की अब कोई जरूरत नहीं है। अभी के लिए दूसरे भी काम है।" आपको बता दें कि, यूक्रेन में एक के बाद एक कई हार मिलने के बाद रूस की तरफ से न्यूक्लियर हथियारों के इस्तेमाल को लेकर भी धमकियां दी जाने लगीं थीं।

पुतिन ने भी भेजे हैं परमाणु बम गिराने वाले बम
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आपको बता दें कि, ओलेन्या हवाई अड्डे पर रणनीतिक बमवर्षकों की संख्या 12 अगस्त को एक भी नहीं थी, जबकि 21 अगस्त को रूस ने चार परमाणु बमवर्षक Tu-160s की तैनाती कर दी, जिसे बाद में हटा लिया गया। लेकिन अब रूस ने हवाई अड्डे पर Tu-160s परमाणु बमवर्षक की संख्या बढ़ाकर 7 कर दी है। ये चारों न्यूक्लियर बमवर्षक सुपरसोनिक विमान हैं और इनके जरिए परमाणु बम गिराए जा सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कोला प्रायद्वीप पर फैसिलिटी में सात Tu-160 रणनीतिक बमवर्षक (नए जारी उपग्रह छवियों पर लाल रंग में चिह्नित) और चार Tu-95 विमान देखे गये हैं। ये फैसिलिटी रूस के चरम उत्तर-पश्चिम में और आर्कटिक सर्कल में पाए जाते हैं।












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